हिमाचल: प्रदेश के नगर निकायों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव से ठीक पहले अब राजनीतिक समीकरण बदल गए है। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने हिमाचल हाईकोर्ट के उस अंतरिम आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें विधायकों को नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष चुनाव में मतदान करने से रोका गया था।
सुप्रीम कोर्ट के एक अंतरिम आदेश ने राज्य सरकार को राहत देते हुए स्थानीय विधायकों के मतदान अधिकार को बहाल कर दिया है। इसके साथ ही प्रदेश के कई नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव के नतीजे प्रभावित होने की संभावना बढ़ गई है। अब संबंधित क्षेत्र के विधायक अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव में अपना मत डाल सकेंगे।













