ब्लॉग

सोलन: तकसीम करवाने के बदले पटवारी ने मांगी रिश्वत..

सोलन : सोलन में बंदोबस्त विभाग में तैनात एक पटवारी के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत के आधार पर राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (विजिलेंस) ने मामला दर्ज किया है। शिकायतकर्ता विकास कंवर ने आरोप लगाया कि जमीन की तकसीम करवाने के बदले पटवारी ने 1,500 रुपये की मांग की थी। यह रकम गूगल पे के माध्यम से लेने के लिए पटवारी ने अपना मोबाइल नंबर भी दिया था।

बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ता ने अपने आरोपों के समर्थन में एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी जांच एजेंसी को उपलब्ध करवाई है। हालांकि, रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता और शिकायत में लगाए गए आरोपों की सत्यता जांच का विषय है। शिकायत के आधार पर विजिलेंस थाना सोलन में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। मामले में जांच एजेंसी द्वारा तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है।

SBI प्रबंधक और एजेंसी प्रतिनिधि 20 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार

हिमाचल: 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते वन विभाग का रेंज ऑफिसर गिरफ्तार

नाहन: हिमाचल प्रदेश राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SV&ACB) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पांवटा साहिब के बागनी में तैनात वन विभाग के रेंज ऑफिसर (RO) सुमंत को ₹10,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।  शिकायतकर्ता इकराम निवासी गांव बागनी ने विजिलेंस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि अधिकारी ने उसके साले को यमुना नदी से रेत ले जाने के मामले में दो ट्रैक्टर जब्त करने की धमकी दी थी। ट्रैक्टर जब्त नहीं करने की एवज में 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। इंस्पेक्टर मनोज कुमार की अगुवाई में विजिलेंस टीम ने पांवटा साहिब में जाल बिछाया। इस दौरान अधिकारी को कथित तौर पर 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ लिया गया। मामले में सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अशोक तेवारी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश पुलिस और राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर दृढ़ता से काम कर रहे हैं। कोई भी सरकारी अधिकारी कानून से ऊपर नहीं है। रिश्वत मांगने या स्वीकार करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतें बिना किसी भय के सामने लाएं। विजिलेंस ब्यूरो प्रत्येक वास्तविक शिकायत पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। सरकारी पद का दुरुपयोग कर निजी लाभ प्राप्त करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

नवोदय विद्यालय में प्रवेश परीक्षा 28 नवम्बर को, प्रवेश-पत्र डाउनलोड करने की प्रक्रिया शुरू

मण्डी: जवाहर नवोदय विद्यालय पंडोह, जिला मंडी में सत्र 2027-28 में कक्षा छठी में दाखिले के लिए आयोजित की जा रही जवाहर नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा- 2027 (जेएनवीएसटी-2027) 28 नवम्बर, 2026 शनिवार को होना सुनिश्चित हुई है। इसके लिए ऑनलाइन प्रवेश पत्र डाउनलोड करने की प्रक्रिया आरम्भ हो गई है।
जवाहर नवोदय विद्यालय के प्राचार्य मनोज भटनागर ने आज यहां बताया कि जिन बच्चों ने जेएनवीएसटी- 2027 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण किया है, उनके अभिभावकों एवं अध्यापकों से अनुरोध है कि वे अपने बच्चों के प्रवेश-पत्र नवोदय विद्यालय समिति की वेबसाइट https://cbseitms.rcil.gov.in/nvs/AdminCard/Admit2027Card व https://navodaya.gov.in/ से डाउनलोड कर सकते हैं। उन्होंने सभी अभिभावकों से यह अनुरोध भी किया है कि 28 नवम्बर, 2026 (शनिवार) को होने वाली परीक्षा के लिए अपने बच्चों के प्रवेश-पत्र और आधार कार्ड के साथ परीक्षा केन्द्रों पर तय समय से पहले पहुंचें।

उन्होंने बताया कि परीक्षा से संबंधित अधिक जानकारी के लिए दूरभाष नं. 9805319303, 9816999573, 7500741897 & 01905-282046 पर किसी भी कार्य दिवस में प्रातः 9:00 बजे से 4:00 बजे तक सम्पर्क कर सकते हैं ।

मण्डी: 4 नवंबर को सुंदरनगर के नगौण खड्ड और बाला सुंदरी क्षेत्र में बिजली रहेगी बंद

मण्डी: विद्युत उपमंडल सुंदरनगर के अंतर्गत आने वाले नगौण खड्ड और बाला सुंदरी क्षेत्रों में 4 नवंबर बुधवार को आवश्यक विद्युत कार्य के चलते बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी विद्युत उपमंडल सुंदरनगर के सहायक अभियंता करण गुलरिया ने दी।

उन्होंने बताया कि 250 केवीए नगौण खड्ड ट्रांसफार्मर तथा 100 केवीए बाला सुंदरी ट्रांसफार्मर से संचालित विद्युत क्षेत्रों में डिस्ट्रीब्यूशन पैनल स्थापित करने का कार्य किया जाना प्रस्तावित है।

उन्होंने बताया कि 250 केवीए नगौण खड्ड ट्रांसफार्मर के अंतर्गत नगौण खड्ड क्षेत्र एवं डेंटल कॉलेज के साथ लगते घरों में सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। वहीं, 100 केवीए बाला सुंदरी ट्रांसफार्मर के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक बिजली बंद रहेगी।

सहायक अभियंता ने सभी विद्युत उपभोक्ताओं एवं आम जनता से निर्धारित समय के दौरान सहयोग बनाए रखने की अपील की है। मौसम एवं अन्य अपरिहार्य परिस्थितियों के अनुसार कार्य कार्यक्रम में बदलाव भी संभव है

ऊना में 1,012 करोड़ के जल शक्ति कार्यों की प्रमुख अभियंता ने की समीक्षा, 600 करोड़ रुपये खर्च, 400 करोड़ के कार्य जारी

तीन दिवसीय दौरे में विभिन्न मंडलों में पहुंचकर परखी प्रगति

ऊना: ऊना जिले में जल शक्ति विभाग की करीब 1,012 करोड़ रुपये की 136 विकास योजनाओं पर काम चल रहा है। इनमें से लगभग 600 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं, जबकि करीब 400 करोड़ रुपये के कार्य विभिन्न चरणों में प्रगति पर हैं। पेयजल, सिंचाई, सीवरेज और बाढ़ सुरक्षा से जुड़ी इन योजनाओं की प्रगति का जायजा लेने के लिए विभाग की प्रदेश प्रमुख अभियंता अंजू शर्मा ने 31 अक्तूबर से 2 नवंबर तक जिले का तीन दिवसीय दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न मंडलों में पहुंचकर योजनाओं का मौके पर निरीक्षण किया और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर कार्यों की स्थिति जानी।
दौरे के दौरान 31 अक्तूबर को उन्होंने हरोली और कुटलैहड़ क्षेत्र में, 1 नवंबर को अंब तथा 2 नवंबर को गगरेट और अन्य संबंधित क्षेत्रों में विभागीय योजनाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान हरोली स्थित जल शक्ति विश्राम गृह में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्य अभियंता (हमीरपुर क्षेत्र) रोहित दुबे, अधीक्षण अभियंता जल शक्ति वृत्त ऊना नरेश धीमान सहित विभिन्न मंडलों के अधिशाषी अभियंता और सहायक अभियंता उपस्थित रहे। बैठक में जिले में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति और आगामी कार्ययोजना पर चर्चा हुई।
प्रमुख अभियंता अंजू शर्मा ने कहा कि उपमुख्यमंत्री एवं जल शक्ति मंत्री मुकेश अग्निहोत्री का विशेष जोर है कि विभाग की पेयजल, सिंचाई और अन्य योजनाएं निर्धारित समय में पूरी हों, ताकि लोगों को इनका लाभ समय पर मिल सके। उन्होंने कहा कि विभाग इस प्राथमिकता के अनुरूप लगातार काम कर रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति पर नियमित नजर रखें। योजनाओं के आगामी चरणों के कार्यों के प्रस्ताव समयबद्ध तरीके से तैयार कर भेजें, ताकि उपलब्ध स्वीकृति और धनराशि के अनुरूप उन्हें प्राथमिकता से आगे बढ़ाया जा सके और निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार पूरा किया जा सके।
अंजू शर्मा ने दौरे के दौरान पुबोवाल और बीटन के तालाबों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण की दृष्टि से ऐसे कार्यों को और बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्षा जल के संरक्षण और उसके जमीन में समावेश से भूजल स्तर को बनाए रखने में मदद मिलती है। अधिकारियों को इस दिशा में भी उपयोगी कार्यों की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए।
इन कार्यों की प्रगति का लिया जायजा
अधीक्षण अभियंता नरेश धीमान ने बताया कि जिले में विभाग की कुल 136 योजनाओं में 52 पेयजल, 61 सिंचाई, 11 सीवरेज, 10 बाढ़ सुरक्षा और दो भवन निर्माण से संबंधित हैं। पेयजल और सिंचाई क्षेत्र की परियोजनाओं की इनमें बड़ी हिस्सेदारी है। इनका उद्देश्य शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति का विस्तार करने के साथ कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवाना है।
उन्होंने बताया कि हरोली क्षेत्र में 74.42 करोड़ रुपये की बीत सिंचाई योजना फेज-2 का लगभग 65 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इस परियोजना से करीब 4,889 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा। वहीं, बल्क ड्रग पार्क से संबंधित जल शक्ति विभाग के कार्यों पर करीब 68.50 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जिनका लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। हरोली क्षेत्र में ही 97.05 करोड़ रुपये की एम-कैड योजना का सर्वेक्षण कार्य प्रगति पर है।
कुटलैहड़ क्षेत्र में पेयजल योजनाओं के स्रोत संवर्धन के लिए भी महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। नरेश धीमान ने बताया कि लठियाणी क्षेत्र में गोबिंद सागर जलाशय से पानी उठाकर लठियाणी और धुंदला क्षेत्र की विभिन्न पेयजल योजनाओं को लाभ पहुंचाने के लिए नाबार्ड के तहत करीब 14.93 करोड़ रुपये की लिफ्ट पेयजल योजना पर काम चल रहा है। इसका लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इसके अतिरिक्त बीत क्षेत्र में छह करोड़ रुपये की पेयजल योजना के तहत 25 लाख लीटर क्षमता का जल भंडारण टैंक बनाया जा रहा है। इस योजना का कार्य भी लगभग पूरा हो चुका है।
अंब नगर के वार्ड नंबर-दो में अमृत योजना के तहत 8.40 करोड़ रुपये की लागत से 24 घंटे पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कार्य किया जा रहा है। चिंतपूर्णी में करीब 14 करोड़ रुपये की लागत से तैयार माता चिंतपूर्णी पेयजल योजना पूरी होकर कमीशन की जा चुकी है। प्रमुख अभियंता ने इसके संचालन और नियमन की व्यवस्था का निरीक्षण किया तथा योजना को सुचारू रूप से चलाने के निर्देश दिए। वहीं, 4.47 करोड़ रुपये की माता का बाग पेयजल योजना का कार्य प्रगति पर है।

जिले के अन्य शहरी क्षेत्रों में भी पेयजल और स्वच्छता से जुड़े कार्य चल रहे हैं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत दौलतपुर चौक, टाहलीवाल, बंगाणा और अंब में करीब 12 करोड़ रुपये के कार्य किए जा रहे हैं। नाबार्ड के तहत लगभग 55 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाएं भी क्रियान्वित की जा रही हैं। गगरेट में 13 करोड़ रुपये की सीवरेज योजना और दौलतपुर नगर में 5.50 करोड़ रुपये की पेयजल आपूर्ति योजना पर काम जारी है। टाहलीवाल के ऐतिहासिक ढांचे के नवीनीकरण के लिए 3.30 करोड़ रुपये की योजना के कार्य आवंटन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसके अतिरिक्त टाहलीवाल में 24 करोड़ रुपये की लागत से सीवरेज योजना का काम भी शुरू कर दिया गया है।

ऊना: बार्बेक्यू नेशन में हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र के 400 पदों के लिए 5 नवंबर को कैंपस इंटरव्यू

जिला रोजगार कार्यालय ऊना में सुबह 10:30 बजे से होंगे साक्षात्कार

ऊना: बार्बेक्यू नेशन हॉस्पिटैलिटी लिमिटेड में हॉस्पिटैलिटी स्टाफ के 400 पदों को भरने के लिए 5 नवंबर को जिला रोजगार कार्यालय ऊना में कैंपस इंटरव्यू आयोजित किए जाएंगे। जिला रोजगार अधिकारी अक्षय शर्मा ने बताया कि साक्षात्कार सुबह 10:30 बजे से शुरू होंगे।
उन्होंने बताया कि इन पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता 10वीं, 12वीं तथा होटल मैनेजमेंट में डिप्लोमा निर्धारित की गई है। आवेदकों की आयु 18 से 30 वर्ष होनी चाहिए। होटल मैनेजमेंट डिप्लोमा धारकों को 20,000 रुपये तथा अन्य चयनित अभ्यर्थियों को 16,000 रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त मुफ्त भोजन, आवास, यात्रा भत्ता, पीएफ और ईएसआई की सुविधाएं भी मिलेंगी।
चयनित अभ्यर्थियों को पंजाब, दिल्ली, गुजरात, मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नई में तैनाती दी जाएगी। उन्हें दिल्ली में सात दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही 12 महीने का डिप्लोमा भी करवाया जाएगा, जिसे पूरा करने पर मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान या विश्वविद्यालय से प्रमाण पत्र मिलेगा।

इच्छुक अभ्यर्थी शैक्षणिक योग्यता प्रमाणपत्र, जन्मतिथि प्रमाण, रोजगार कार्यालय पंजीकरण कार्ड, हिमाचली बोनाफाइड, आधार कार्ड, दो पासपोर्ट साइज फोटो, अनुभव प्रमाणपत्र और बायोडाटा की प्रति लेकर निर्धारित तिथि व समय पर उपस्थित हो सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए 8810637785 पर संपर्क किया जा सकता है। साक्षात्कार में शामिल होने के लिए कोई यात्रा भत्ता देय नहीं होगा।

हमीरपुर: टौणी देवी में आंगनवाड़ी के पदों के लिए आवेदन अब 23 तक

पहले आवेदन कर चुकी महिलाओं को दोबारा आवेदन की आवश्यकता नहीं

हमीरपुर : बाल विकास परियोजना टौणी देवी के अंतर्गत विभिन्न आंगनवाड़ी केंद्रों में कार्यकर्ता और सहायिका के कुल 11 पदों के लिए पात्र महिलाओं से सभी आवश्यक दस्तावेजों सहित अब 23 नवंबर तक बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) कार्यालय टौणी देवी में आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।

सीडीपीओ संतोष कौंडल ने बताया कि ग्राम पंचायत टपरे के आंगनवाड़ी केंद्र गब्बा और ग्राम पंचायत भटेड़ के आंगनवाड़ी केंद्र बंदरोह में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता का एक-एक पद भरा जाना है। कंजयाण पंचायत के आंगनवाड़ी केंद्र ढो-1, चंबोह पंचायत के आंगनवाड़ी केंद्र चंबोह-2, उहल पंचायत के आंगनवाड़ी केंद्र उहल, कक्कड़ पंचायत के आंगनवाड़ी केंद्र कक्कड़, स्वाहल पंचायत के उसली, कोट लांगसा पंचायत के करियाली, गवारडू पंचायत के गवारडू-1, कक्कड़ पंचायत के कक्कड़ नुघाल और नगर निगम हमीरपुर के वार्ड-13 बरोहा के आंगनवाड़ी केंद्र बोहणी-2 में सहायिका का एक-एक पद भरा जाएगा।

सीडीपीओ ने बताया कि इन्हीं पदों के लिए पहले भी आवेदन आमंत्रित किए गए थे, लेकिन अब इनके लिए अधिकतम आय सीमा 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये कर दी गई है। उन्होंने बताया कि पहले आवेदन कर चुकी महिलाओं को दोबारा आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है। लेकिन, जिन महिलाओं ने पहले आधे-अधूरे आवेदन या दस्तावेज जमा किए गए थे, वे दोबारा आवेदन कर सकती हैं। पहले इन्हीं पदों के साथ एनआईटी के निकटवर्ती आंगनवाड़ी केंद्र ब्राह्मणी में क्रैच सहायिका के पद के लिए भी आवेदन आमंत्रित किए गए थे, लेकिन फिलहाल अभी इस पद के लिए आवेदन आमंत्रित नहीं किए जा रहे हैं।

सीडीपीओ ने बताया कि आवेदक की आयु 18 वर्ष से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए तथा वह संबंधित आंगनवाड़ी केंद्र के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र की स्थायी निवासी होनी चाहिए और उसका नाम संबंधित आंगनवाड़ी केंद्र के परिवार सर्वेक्षण रजिस्टर में दर्ज होना चाहिए। सभी संसाधनों से उसके परिवार की वार्षिक आय 75 हजार रुपये से अधिक न हो। आय के संबंध में कार्यकारी दंडाधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र ही मान्य होगा। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के पद हेतु यदि कोई कार्यरत आंगनवाड़ी सहायिका आवेदन करती है तो ऐसी स्थिति में आवेदक को आंगनवाड़ी सहायिका के रूप में मिलने वाले मानदेय की गणना परिवार की वार्षिक आय में नहीं की जाएगी। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता बारहवीं पास रखी गई है।

इन पदों के लिए साक्षात्कार 3 दिसंबर को सुबह 10 बजे सीडीपीओ कार्यालय टौणी देवी में होंगे। इस संबंध में अलग से कोई पत्र नहीं भेजा जाएगा। अधिक जानकारी के लिए सीडीपीओ कार्यालय टौणी देवी में या दूरभाष नंबर 01972-299380 पर संपर्क किया जा सकता है।

संजौली चौक से आईजीएमसी सड़क 22 मई दोपहर 12 बजे से रहेगी बंद

कांगड़ा: मटौर वैली ब्रिज पर आज रात 11 बजे से सुबह 7 बजे तक सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही रहेगी बंद

आवागमन के लिए जमानाबाद- अब्दुल्लापुर सड़क का करें उपयोग, 4 नवंबर को सुबह और दिनभर पुल पर वन-वे रहेगी यातायात व्यवस्था

स्थानीय 20 किलोमीटर के निवासियों को टोल प्लाजा के वार्षिक पास में मिली राहत, अब 1500 रुपये में बनेगा पास

कांगड़ा: एसडीएम कांगड़ा डॉ. अंजलि गर्ग ने बताया कि मटौर वैली ब्रिज पर निर्माण कार्य के चलते आज 3 नवंबर 2026 की रात 11 बजे से 4 नवंबर की सुबह 7 बजे तक एनएच, विद्युत विभाग तथा पुलिस की टीमें संयुक्त रूप से कार्य करेंगी। इस दौरान सुरक्षा एवं निर्माण कार्य को सुचारू रूप से पूरा करने के उद्देश्य से पुल पर सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद रहेगी।

उन्होंने आम जनता से अपील की कि इस अवधि के दौरान आवागमन के लिए जमानाबाद-अब्दुल्लापुर सड़क का वैकल्पिक मार्ग के रूप में उपयोग करें। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य के साथ विद्युत लाइन से संबंधित कार्य भी किया जाएगा, जिसके चलते मटौर, गुरकड़ी, बगली रोड, ओल्ड मटौर, मटौर चौक तथा कोहाला में बिजली आपूर्ति दिनांक 3 नवंबर रात 7 बजे से दिनांक 4 नवंबर 2026 सुबह 11 बजे तक बाधित रहेगी।

एसडीएम ने बताया कि 4 नवंबर को सुबह से दिनभर मटौर ब्रिज को वाहनों की आवाजाही के लिए वन-वे खोला जाएगा। उन्होंने लोगों से निर्माण कार्य के दौरान प्रशासन का सहयोग करने की अपील की, ताकि पुल से संबंधित कार्य शीघ्र पूरा हो सके और आम जनता को प्रतिदिन पेश आने वाली यातायात संबंधी समस्याओं से निजात मिल सके।

स्थानीय 20 किलोमीटर के निवासियों को टोल पास में राहत

डॉ. अंजलि गर्ग ने बताया कि गत्ता टोल प्लाजा पर स्थानीय 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले निवासियों को राहत प्रदान की गई है। इस संबंध में प्रोजेक्ट डायरेक्टर एवं उच्च अधिकारियों से बातचीत के बाद स्थानीय निवासियों के लिए वार्षिक पास की राशि 1500 रुपये निर्धारित की गई है। पात्र स्थानीय निवासी टोल प्लाजा पर जाकर अपना वार्षिक पास बनवा सकते हैं। वहीं, अन्य वाहन चालकों के लिए 3075 रुपये का वार्षिक पास उपलब्ध रहेगा। उन्होंने बताया कि बहुत जल्द राजमार्ग यात्रा ऐप के माध्यम से भी लोग अपना वार्षिक पास बनवा सकेंगे।

दीपावली पर सुरक्षा और स्वच्छता का रखें विशेष ध्यान

एसडीएम डॉ. अंजलि गर्ग ने कांगड़ा क्षेत्र के लोगों को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए पटाखा विक्रेताओं से अपील की कि वे केवल प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थानों पर ही पटाखों की बिक्री करें, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना अनुमति अन्य स्थानों पर पटाखों की बिक्री करने वालों के चालान किए जाएंगे।

इसके अतिरिक्त उन्होंने मिठाई एवं डेयरी उत्पाद विक्रेताओं से भी स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने और किसी भी प्रकार की मिलावट से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान आम जनता को शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाना सभी विक्रेताओं की जिम्मेदारी है। विक्रेता खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और साफ-सफाई के निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करें।

बिलासपुर में महिला आयोग की विशेष अदालत आयोजित, 34 मामलों में से 10 मामलों का हुआ निपटारा

राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विद्या नेगी की अध्यक्षता में आयोजित हुई विशेष अदालत

बिलासपुर: हिमाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग की ओर से आज उपायुक्त कार्यालय परिसर बिलासपुर में विशेष अदालत का आयोजन किया गया। आयोग की अध्यक्ष विद्या नेगी की अध्यक्षता में आयोजित इस विशेष अदालत में महिलाओं से संबंधित विभिन्न शिकायतों एवं मामलों की सुनवाई की गई। इस दौरान सुनवाई के लिए कुल 34 मामले सूचीबद्ध किए गए थे, जिनमें से 24 मामलों पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान 10 मामलों का निपटारा कर उन्हें समाप्त कर दिया गया, जबकि शेष 14 मामलों में आगामी सुनवाई की जाएगी।

आयोग की ओर से 14 मामलों में से चार मामलों के संबंधित पक्षों को आपसी सहमति से विवाद सुलझाने के लिए अतिरिक्त समय दिया गया, ताकि दोनों पक्ष आपसी समझ और सहमति से मामलों का समाधान कर सकें। इन मामलों में निर्धारित समय के बाद दोबारा सुनवाई की जाएगी।

आयोग की अध्यक्ष विद्या नेगी ने बताया कि सुनवाई के लिए सूचीबद्ध मामलों में घरेलू हिंसा, पारिवारिक विवाद, यौन उत्पीड़न, महिलाओं के अधिकारों का हनन तथा महिलाओं के विरुद्ध अन्य प्रकार के अत्याचारों से संबंधित शिकायतें शामिल थीं। उन्होंने कहा कि महिला आयोग महिलाओं को न्याय दिलाने और उनके अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं को न्याय प्राप्त करने के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों से राज्य मुख्यालय तक न आना पड़े, इसके लिए आयोग समय-समय पर प्रदेश के विभिन्न जिलों में जागरूकता शिविर आयोजित करने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर विशेष अदालतें भी आयोजित कर रहा है। इसी कडी में आज बिलासपुर में यह विशेष अदालत आयोजित की गई है, जिसका उद्देश्य महिलाओं को घर के नजदीक ही शिकायतों के समाधान और न्याय प्राप्त करने का अवसर प्राप्त हो रहा है।

इस अवसर पर आयोग की सदस्य नेहा ठाकुर, रीना पुंडीर, सदस्य सचिव बुशरा अंसारी सिंह, विधि अधिकारी यशपाल शर्मा सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

हिमाचल में क्रस्ना लैब से टेस्ट बंद, ₹110 करोड़ का भुगतान अटका, मरीज परेशान – राकेश जम्वाल

शिमला:  भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक राकेश जम्वाल ने हिमाचल प्रदेश में सरकारी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में कृष्णा डायग्नोस्टिक्स की जांच सेवाएं बंद होने की खबरों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में व्यवधान का सीधा असर गरीब, मध्यमवर्गीय, बुजुर्ग और दूरदराज के क्षेत्रों से उपचार के लिए आने वाले मरीजों पर पड़ रहा है।

जम्वाल ने कहा कि प्रकाशित समाचार के अनुसार लगभग ₹110 करोड़ का भुगतान लंबित होने के कारण संबंधित कंपनी ने प्रदेश के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में सैंपल कलेक्शन सेवाएं बंद करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि यदि भुगतान संबंधी विवाद के कारण मरीजों को निजी प्रयोगशालाओं में महंगी जांच करवानी पड़ रही है, तो सरकार को तत्काल हस्तक्षेप कर वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के कार्यकाल में उपलब्ध कराई गई जनकल्याणकारी और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं की निरंतरता बनाए रखना वर्तमान सरकार की जिम्मेदारी है। स्वास्थ्य संस्थानों में मुफ्त अथवा रियायती जांच की सुविधा लाखों लोगों के लिए महत्वपूर्ण रही है। ऐसी सेवाओं में रुकावट विशेष रूप से उन परिवारों को प्रभावित करती है जिनके लिए निजी प्रयोगशालाओं का खर्च उठाना कठिन है।

जम्वाल ने कहा कि यह स्थिति केवल भुगतान का विवाद नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन और वित्तीय प्राथमिकताओं से जुड़ा गंभीर विषय है। आईजीएमसी शिमला सहित विभिन्न अस्पतालों में सामान्य जांच सेवाएं प्रभावित होने तथा कर्मचारियों को दो माह से वेतन नहीं मिलने की खबरें सामने आई हैं। ऐसे में सरकार को कंपनी के बकाये, कर्मचारियों के वेतन और मरीजों के लिए तत्काल वैकल्पिक जांच व्यवस्था पर स्पष्ट स्थिति रखनी चाहिए।

उन्होंने कांग्रेस सरकार पर सरकारी संसाधनों के राजनीतिक इस्तेमाल के आरोपों का उल्लेख करते हुए कहा कि दिल्ली में 1 नवंबर को आयोजित कांग्रेस की रैली के लिए बसों की व्यवस्था, सरकारी हेलीकॉप्टर के इस्तेमाल तथा हिमाचल भवन और हिमाचल सदन के उपयोग को लेकर सार्वजनिक जवाबदेही आवश्यक है।

जम्वाल ने कहा कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार ने स्वयं दिल्ली रैली के लिए सरकारी और निजी मिलाकर लगभग 200 बसों की व्यवस्था किए जाने की जानकारी दी थी। भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने आरोप लगाया है कि इस आयोजन से कई एचआरटीसी रूट प्रभावित हुए और सरकारी संसाधनों का राजनीतिक गतिविधियों में इस्तेमाल हुआ। हालांकि इन संसाधनों के भुगतान और वास्तविक सरकारी खर्च का स्वतंत्र रूप से सत्यापित विवरण अभी सामने आना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित करना प्रत्येक दल का अधिकार है, लेकिन सार्वजनिक धन के इस्तेमाल में पारदर्शिता भी उतनी ही आवश्यक है। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि रैली के लिए इस्तेमाल की गई सरकारी बसों का कितना किराया प्राप्त हुआ, मुख्यमंत्री की संबंधित हेलीकॉप्टर यात्राओं का खर्च किस मद से वहन किया गया और दिल्ली स्थित सरकारी अतिथि गृहों के उपयोग के लिए निर्धारित नियमों का पालन हुआ या नहीं।

राकेश जम्वाल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भुगतान लंबित होने और मरीजों को जांच करवाने में कठिनाई होने के समय सरकारी खर्च की प्राथमिकताओं पर गंभीर समीक्षा होनी चाहिए। उन्होंने प्रदेश सरकार से क्रस्ना डायग्नोस्टिक्स के साथ भुगतान विवाद का शीघ्र समाधान करने, कर्मचारियों के बकाया वेतन का निपटारा सुनिश्चित करने और प्रभावित स्वास्थ्य संस्थानों में जांच सेवाएं पूरी क्षमता से बहाल करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि सरकार को जनकल्याणकारी योजनाओं की निरंतरता, अस्पतालों में आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता और सरकारी संसाधनों के उपयोग का विस्तृत विवरण सार्वजनिक करना चाहिए, ताकि प्रदेश की जनता को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें और सार्वजनिक धन के उपयोग में पूरी पारदर्शिता बनी रहे।