


विशाल विधिक साक्षरता शिविर में हाईकोर्ट के न्यायधीश ने नशे की समस्या पर जताई चिंता
न्यायमूर्ति वीरेंद्र सिंह और न्यायमूर्ति जिया लाल भारद्वाज ने भी नशे तथा पर्यावरण जैसे गंभीर मुद्दों पर रखे विचार
हमीरपुर: हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायधीश एवं राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर ने कहा है कि नशे की लगातार बढ़ रही समस्या के विरुद्ध अगर हम सब खड़े नहीं हुए तो आने वाले समय में हमारे परिवार, समाज एवं देश की सभी व्यवस्थाएं ध्वस्त हो जाएंगी और कुछ भी नहीं बचेगा।
शनिवार को यहां बड़ू स्थित बहुतकनीकी महाविद्यालय के मैदान में राष्ट्रीय विधिक सेवाएं प्राधिकरण (नालसा) और हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान तथा जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण हमीरपुर के सहयोग से आयोजित विशाल विधिक साक्षरता शिविर में संबोधित करते हुए न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर ने कहा कि अब समय आ गया है कि हम नशे की गंभीर समस्या के उन्मूलन के लिए आत्म निरीक्षण करें। अगर आज हमारा परिवार इससे बचा हुआ है तो भी आने वाले समय में हमारे बच्चे इसकी चपेट में आ सकते हैं। इसलिए, बच्चों की संस्कारयुक्त शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। हमें परिवर्तन की शुरुआत स्वयं और अपने परिवार से ही करनी होगी। उन्होंने कहा कि नशे के उन्मूलन के लिए प्रत्येक नागरिक को अपने-अपने स्तर पर ‘रामायण की गिलहरी’ की तरह यथासंभव प्रयास करने होंगे।
इस अवसर पर न्यायमूर्ति वीरेंद्र सिंह ने कहा कि नशा सिर्फ एक अपराध नहीं है, बल्कि यह कई अन्य अपराधों को भी जन्म देता है। इसे रोकना, अकेले सरकार के बस की बात नहीं है। देवभूमि हिमाचल भी बुरी तरह इसकी चपेट में आ चुकी है। इस वर्ष अभी तक प्रदेश में एनडीपीएस एक्ट के तहत 1714 केस दर्ज हो चुके हैं। प्रदेश के सबसे छोटे, सबसे साक्षर एवं जागरुक और राजनीतिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण जिले में भी इस वर्ष एनडीपीएस एक्ट के 84 केस दर्ज हो चुके हैं। हिमाचल में इस गंभीर समस्या को देखते हुए राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण ने भी नालसा के निर्देशानुसार एक विशेष पहल करते हुए जिला स्तर पर विशाल विधिक साक्षरता शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि नशे को केवल एक सामाजिक बुराई ही नहीं, बल्कि एक बीमारी की तरह भी देखना होगा तथा इसके आदी हो चुके युवाओं के उपचार की व्यवस्था करनी होगी। नशे के उन्मूलन की शुरुआत अपने परिवार, गांव, गली, मुहल्ले और समुदाय से करनी होगी।
न्यायमूर्ति जिया लाल भारद्वाज ने भी नशे की समस्या और पर्यावरण संरक्षण पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि अगर हम प्रकृति से बहुत ज्यादा छेड़छाड़ करते हैं तो प्रकृति भी हमें समय-समय पर अपनी ताकत का अहसास करवाती है। इसलिए, हमें विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का भी विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है।
इससे पहले, जिला एवं सत्र न्यायधीश और जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के अध्यक्ष भुवनेश अवस्थी ने मुख्य अतिथि, अन्य अतिथियों और शिविर के प्रतिभागियों का स्वागत किया तथा इसके मुख्य उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। सीएमओ डॉ. प्रवीण चौधरी और हिम अकादमी स्कूल की छात्रा अनन्या ने नशे की समस्या पर विस्तृत जानकारी दी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कनिष्ठ अभियंता परमजीत सिंह और डिग्री कालेज हमीरपुर के छात्र जतिन धीमान ने पर्यावरण की समस्याओं के बारे में बताया।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश सचिन रघु ने सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों ने प्रदर्शनियों के माध्यम से भी लोगों को विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। इस अवसर पर डीसी अमरजीत सिंह, एसपी भगत सिंह ठाकुर, अन्य अधिकारी और बार एसोसिएशन के पदाधिकारी भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार ने ताल स्कूल के मेधावी विद्यार्थियों को बांटे पुरस्कार
हमीरपुर: राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ताल का वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह शनिवार को आयोजित किया गया, जिसमंे मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा बिट्टू ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
इस अवसर पर विद्यार्थियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों के अभिभावकों को बधाई देते हुए सुनील शर्मा बिट्टू ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू शिक्षा और स्वास्थ्य सहित सभी क्षेत्रों में ढांचागत सुधार के लिए अभूतपूर्व निर्णय ले रहे हैं। प्रदेश के सामान्य परिवारों के बच्चों को भी सीबीएसई स्तर की शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए मुख्यमंत्री ने प्रथम चरण में 100 स्कूलों को सीबीएसई के अधीन लाने का निर्णय लिया है। इससे ग्रामीण परिवेश के सामान्य परिवारों के बच्चों को भी बेहतरीन शिक्षा उपलब्ध होगी।
सुनील शर्मा बिट्टू ने कहा कि मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में नवीनत्तम टैक्नोलॉजी लाने के लिए एक विस्तृत योजना का खाका तैयार किया है। इसी कड़ी में, हमीरपुर के मेडिकल कालेज में कार्डियोलॉजी, नैफ्रोलॉजी और न्यूरोलॉजी सहित 9 सुपर स्पैशियलिटी विभाग स्थापित करने का निर्णय लिया गया है, जिससे आने वाले समय में लोगों को हमीरपुर में ही पीजीआई स्तर की चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी। इसी मेडिकल कालेज में एक अलग मातृ-शिशु अस्पताल का निर्माण भी किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि ताल स्कूल में पुराने भवन की जगह नए भवन एवं प्रयोगशाला के निर्माण के लिए वह मुख्यमंत्री से बजट का प्रावधान करवाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए मुख्यमंत्री ने कंेद्र सरकार की मदद के बगैर ही प्रदेश सरकार के अपने संसाधनों से एक विशेष पैकेज जारी किया है।
इस अवसर पर प्रधानाचार्य अतुल शर्मा ने मुख्य अतिथि और अन्य अतिथियों का स्वागत किया और स्कूल की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
समारोह में नागरिक आपूर्ति निगम के बीओडी मैंबर विक्रम शर्मा, एचपीएमसी के बीओडी मैंबर राजेश ठाकुर, कांग्रेस नेता राकेश वर्मा, पार्टी के अन्य नेता, एसएमसी अध्यक्ष संजीवन पटियाल, शिक्षक, अभिभावक और अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित थे।

हमीरपुर: सुजानपुर-चरोट-चौरी सड़क के अपग्रेडेशन के कार्य के चलते इस सड़क पर यातायात एक दिसंबर से 25 दिसंबर तक बंद कर दिया गया है।
इस संबंध में आदेश जारी करते हुए जिलाधीश अमरजीत सिंह ने बताया कि अपग्रेडेशन के कार्य को सुचारू रूप से जारी रखने तथा इसे अतिशीघ्र पूरा करने के लिए इस सड़क पर वाहनों की आवाजाही एक से 25 दिसंबर तक बंद की गई है। इस दौरान क्षेत्र के वाहन चालक सुजानपुर-पटलांदर सड़क से आवाजाही कर सकते हैं।

हमीरपुर : सुजानपुर उपमंडल में निहारी बुहली सड़क के अपग्रेडेशन के कार्य के चलते इस सड़क पर यातायात एक दिसंबर से 30 दिसंबर तक बंद कर दिया गया है।
इस संबंध में आदेश जारी करते हुए जिलाधीश अमरजीत सिंह ने बताया कि अपग्रेडेशन के कार्य को सुचारू रूप से जारी रखने तथा इसे अतिशीघ्र पूरा करने के लिए इस सड़क पर वाहनों की आवाजाही एक से 30 दिसंबर तक बंद की गई है। इस दौरान क्षेत्र के वाहन चालक करोट-दोसड़का-सुजानपुर और बड़बदार-बनाल,दोसड़का-सुजानपुर सड़क से आवाजाही कर सकते हैं।

रिकांग पिओ: जिला रोजगार अधिकारी किन्नौर सुरेन्द्र सिंह बिष्ट ने आज यहां बताया कि जिला किन्नौर में एसआईएस इंडिया लिमिटेड, आरटीए हमीरपुर द्वारा सुरक्षा गार्ड व पर्यवेक्षक के लिए 120 पद निकाले गए हैं।
उन्होंने बताया कि सुरक्षा गार्ड और पर्यवेक्षकों का वेतन 17,500 से 23 हजार रुपए प्रतिमाह होगा। इन पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता दसवीं पास, आयु वर्ग 19 से 40 वर्ष, अभ्यर्थी की लम्बाई 168 सेंटीमीटर से ऊपर तथा वजन 54 किलोग्राम से अधिक होना अनिवार्य है।
उन्होंने बताया कि इच्छुक उम्मीदवार जो इस पद से सम्बन्धित योग्यता रखते हो, वह अपने सभी अनिवार्य दस्तावेजों व रिज्यूम सहित 08 दिसम्बर, 2025 को खण्ड रोजगार कार्यालय पूह व 09 दिसम्बर, 2025 को जिला रोजगार कार्यालय रिकांगपिओ तथा 10 दिसम्बर, 2025 को खण्ड रोजगार कार्यालय भावानगर में प्रातः 11ः00 बजे पहुंचना सुनिश्चित करें।
अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी 01786-222291 पर सम्पर्क कर सकते हैं।

कुल्लू: जिला कुल्लू के बागवानों को भविष्य में अच्छी और रोगमुक्त उपज सुनिश्चित करने के लिए, उद्यान विभाग ने हिमाचल प्रदेश फल नर्सरी पंजीकरण और विनियमन अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत नर्सरियों से ही फलदार पौधे खरीदने का आग्रह किया है।
उपनिदेशक बागवानी ने जानकारी देते हुए बताया कि विभाग ने अपनी विभागीय नर्सरी (फल विकास परियोजना बजौरा) में शरद ऋतु में लगाए जाने वाले कुल 53,424 फलदार पौधे तैयार किए हैं, जो 10 दिसंबर से मांग अनुसार उपलब्ध करवा दिए जाएंगे।
तैयार किए गए पौधों में मुख्य रूप से सेब, प्लम, नाशपाती, जापानी फल, आड़ू, अखरोट, कीवी, खुर्मानी, बादाम, पिकान नट और फुपू शामिल हैं.
विवरण: सेब के पौधे विभिन्न रूट स्टॉक जैसे एमएम-111,एम -9, एम 7, एम-4, एमएम -106, एमएम-27, G-10, जी-41, जी-935, जी-11 इत्यादि पर तैयार किए गए हैं.
बागवानों द्वारा अभी तक 34,300 फलदार पौधों की मांग विभाग को जमा की जा चुकी है। जिन किसानों व बागवानों ने अभी तक अपनी मांग जमा नहीं की है, उनसे सम्बंधित व नजदीकी विभागीय कार्यालय में जल्द से जल्द मांग जमा करने का अनुरोध किया गया है।

अस्पताल में पहली बार हुए दो जटिल सिजेरियन प्रसव, उपलब्धि पर मंत्री दी बधाई
घुमारवीं (बिलासपुर): नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने आज घुमारवीं सिविल अस्पताल में पहली बार सफलतापूर्वक करवाए गए दो जटिल सिजेरियन प्रसवों के लिए अस्पताल के डाॅक्टर्स एवं अन्य संबंधित स्टाफ को सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में डाॅ. अनुपम शर्मा, डाॅ. अभिनव गौतम, डाॅ. दीपक, तकनीकी स्टाफ उमेश, पूजा, अंकुश, तथा वार्ड स्टाफ सीता और रमा शामिल हैं।
इस अवसर पर राजेश धर्माणी ने कहा कि घुमारवीं सिविल अस्पताल में पहली बार जटिल सिजेरियन प्रसव करवाकर डॉक्टरों एवं तकनीकी स्टाफ ने बेहतरीन कार्य किया है। उन्होंने सभी को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के कुशल नेतृत्व में प्रदेश के सरकारी स्वास्थ्य एवं चिकित्सा संस्थानों के आधारभूत ढांचे को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है, ताकि लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं घर के समीप ही उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि उपमंडल स्तर के अस्पतालों में भी आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, जिससे ग्रामीण एवं दूर-दराज के लोगों को इलाज के लिए बाहर न जाना पड़े।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने उपमंडल एवं ग्रामीण स्तर के स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकों सहित आवश्यक पैरा-मैडिकल स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित की है। साथ ही लोगों को विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए सिविल अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की भी नियुक्ति की जा रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने शिमला स्थित अटल सुपर स्पेशियलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान, चमियाना तथा डाॅ. राजेन्द्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, टांडा में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा भी शुरू की है। यह सुविधा चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के अन्य मेडिकल कॉलेजों में भी उपलब्ध करवाई जाएगी, जिससे लोगों को प्रदेश के भीतर ही विश्वस्तरीय चिकित्सा सेवाएं मिल सकें।
राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रदेश की जनता को बेहतर स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवाएं प्रदान करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में लगातार महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र सहित संपूर्ण बिलासपुर जिला में भी स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ किया जा रहा है।

बिलासपुर: उपायुक्त एवं जिला दण्डाधिकारी बिलासपुर राहुल कुमार ने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 115 के अंतर्गत आदेश जारी करते हुए बताया कि सेर से सुन्हाणी सड़क पर निर्माण कार्य के सुचारु निष्पादन के लिए आगामी 1 दिसम्बर तक यातायात बंद रहेगा। इस अवधि में यह सड़क सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही के लिए बंद रहेगी।
जारी आदेश के तहत उन्होंने बताया कि इस दौरान यातायात को वाया समोह-रैली-सुन्हाणी मार्ग तथा भल्लू-बलगाढ़ मार्ग से डायवर्ट किया गया है। इस अवधि में केवल आपातकालीन सेवाओं जैसे एम्बुलेंस, वी.आई.पी. वाहन, स्कूल बसें तथा अन्य आवश्यक सेवा वाहनों को इस अवधि में इस मार्ग पर आवागमन की अनुमति होगी।

