


एचपी शिवा परियोजना के तहत भूमि विकास कार्य शुरू
मण्डी: प्रदेश सरकार की महत्वकांक्षी हिमाचल प्रदेश उपोष्णकटिबंधीय बागवानी, सिंचाई और मूल्यवर्धन (एचपी शिवा) परियोजना के अंतर्गत जिला मंडी के जागर क्षेत्र में प्रदेश के पहले आम (मैंगो) क्लस्टर की स्थापना का कार्य शुरू हो गया है। लगभग 41 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित किए जा रहे इस क्लस्टर में आगामी वर्षा ऋतु के दौरान उच्च गुणवत्ता वाली आम की उन्नत किस्मों के कुल 25,625 पौधे रोपे जाएंगे।
भूमि विकास कार्य के शुभारंभ अवसर पर बागवानी विभाग मंडी जोन के संयुक्त निदेशक डॉ. सुबोध शर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। उन्होंने कहा कि जागर क्षेत्र के किसानों ने जिस एकजुटता और सामूहिक सहभागिता का परिचय दिया है, वह अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरक है। आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक बागवानी पद्धतियों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलती है तथा किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह परियोजना भविष्य में क्षेत्र के किसानों के लिए समृद्धि का नया द्वार खोलेगी।
उप निदेशक बागवानी डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि एचपी शिवा परियोजना का मुख्य उद्देश्य कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बागवानी को बढ़ावा देकर किसानों की आय में वृद्धि करना है। जागर क्लस्टर के अंतर्गत विकसित होने वाले बागों में हाई-डेंसिटी प्लांटेशन तकनीक अपनाई जाएगी, जिससे कम क्षेत्र में अधिक पौधे लगाकर बेहतर गुणवत्ता और अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि एचपी शिवा परियोजना के तहत स्थापित होने वाला यह हिमाचल का पहला मैंगो क्लस्टर है, जो प्रदेश में फल उत्पादन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील पत्थर साबित होगा। इस परियोजना से न केवल किसानों को आर्थिक लाभ मिलेगा, बल्कि क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
इस अवसर पर नवनिर्वाचित बीडीसी सदस्य सौरभ गुलेरिया, पंचायत प्रधान फुला देवी, उपप्रधान जगदीश वर्मा, वार्ड सदस्य राधा रमन, गंगा राम, चंचला देवी तथा रीना, बागवानी विकास अधिकारी डॉ. शिक्षा सोनी, एचपी शिवा परियोजना की ब्लॉक टीम के सदस्य तथा बागवान मौजूद रहे।

जोगिंदर नगर: सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि उप रोजगार कार्यालय जोगिंदर नगर को मिनी सचिवालय भवन जोगिंदर नगर के नए भवन की प्रथम मंजिल में स्थानांतरित कर दिया गया है। अब उप रोजगार कार्यालय से संबंधित सभी कार्य एवं सेवाएं नए कार्यालय परिसर से संचालित की जा रही है।
प्रभारी उप रोजगार कार्यालय जोगिंदर नगर सुमित कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि रोजगार पंजीकरण, पंजीकरण नवीनीकरण तथा अन्य विभागीय सेवाओं के लिए अब कार्यालय में आने वाले सभी अभ्यर्थी एवं आम नागरिक मिनी सचिवालय भवन की प्रथम मंजिल स्थित नए कार्यालय में संपर्क करें।

मण्डी :अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी डॉ. मदन कुमार ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से पहाड़ी कटाई कार्य के दृष्टिगत गुटकर-मंडी राजमार्ग को सीमित अवधि के लिए अस्थायी रूप से बंद करने संबंधी आदेश जारी किए हैं। यह आदेश 02 जून, 2026 से 22 जून, 2026 तक प्रभावी रहेंगे।
आदेशों के अनुसार सुबह 11:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक तथा रात 11:00 बजे से सुबह 5:00 बजे तक यह मार्ग वाहनों की आवाजाही के लिए बंद रहेगा। कार्य की तात्कालिकता और महत्व तथा इस सड़क पर चलने वाले व्यक्तियों और वाहनों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह आदेश जारी किए गए हैं।

मण्डी: मझवाड़ क्षेत्र में 3 जून को विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगीविद्युत अनुभाग मझवाड़ के अंतर्गत आने वाले विभिन्न क्षेत्रों में 3 जून को विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी।
विद्युत उप-विभाग मंडल-2 मंडी के सहायक अभियंता सुनील शर्मा ने बताया कि इस दिन विद्युत विभाग मढ़धार में फोर पोल स्ट्रक्चर के बचे हुए कार्य को पूरा किया जाएगा। इस कारण मझवाड़, सायरी, कोटमोर्स, धूमा देवी, चंडेह, रखून, लझूखर, मढ़धार, गिउला, मसेरन तथा जनयानी के आसपास 3 जून को प्रातः10 से सायं 6 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने स्थानीय जनता से सहयोग की अपील की है।

मण्डी : वाहन पंजीयन एवं अनुज्ञापन अधिकारी एवं उप-मंडलाधिकारी (ना.) सदर रूपिंदर कौर ने आज यहां बताया कि आगामी 5 जून को मंडी के बैडमिंटन कोर्ट के सामने की सड़क पर (छोटा पड्डल) ड्राइविंग लाइसेंस के टेस्ट लिए जाएंगे। ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट के लिए प्रतिभागी को अपने फार्म फोटो सहित भरकर फाइल के साथ लाने होंगे। बिना फोटो, फाइल व अधूरे भरे हुए फॉर्म स्वीकार नहीं किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि 5 जून को होने वाले ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट के लिए Parivahan.gov.in के माध्यम से स्लॉट बुक किए जा सकते हैं, जिसकी प्रक्रिया 01 जून से शुरू कर दी गई है।

किसानों को वैज्ञानिक खेती अपनाने के लिए किया प्रेरित
बिलासपुर: हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना (एचपीसीडीपी-चरण-2) के अंतर्गत जापान अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (जाइका) के सहयोग से संचालित गतिविधियों के तहत खंड परियोजना प्रबंधन इकाई, बिलासपुर के अधिकारियों ने ग्राम छकोह का दौरा कर टमाटर उत्पादक किसानों के खेतों का निरीक्षण किया तथा फसल की वर्तमान स्थिति का विस्तृत जायजा लिया। परियोजना क्षेत्र में लगभग 30 किसानों द्वारा 30 बीघा भूमि पर टमाटर की व्यावसायिक खेती की जा रही है, जो क्षेत्र में फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
निरीक्षण के दौरान खंड परियोजना प्रबंधक पवन कुमार तथा कृषि प्रसार अधिकारी मोहित नायक ने किसानों के साथ खेतों में जाकर टमाटर फसल की वृद्धि, पौधों के स्वास्थ्य, उत्पादन क्षमता तथा फसल प्रबंधन गतिविधियों का अवलोकन किया। इस अवसर पर किसान राम रतन, चमेल सिंह सहित अन्य टमाटर उत्पादक किसान भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने किसानों से खेती के अनुभवों, उत्पादन संबंधी चुनौतियों तथा बाजार की संभावनाओं के बारे में विस्तृत चर्चा की।
पवन कुमार ने किसानों को टमाटर फसल में लगने वाले विभिन्न कीटों एवं रोगों की समय पर पहचान और उनके प्रभावी नियंत्रण के उपायों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि नियमित निगरानी और वैज्ञानिक प्रबंधन से फसल को नुकसान से बचाया जा सकता है। उन्होंने किसानों को एकीकृत कीट प्रबंधन (आईपीएम), संतुलित उर्वरक उपयोग तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण संबंधी उपाय अपनाने की सलाह दी, ताकि गुणवत्तापूर्ण उत्पादन सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि टमाटर जैसी नगदी फसलों में निराई-गुड़ाई, समयबद्ध सिंचाई, पौधों को सहारा देने के लिए स्टेकिंग तथा अन्य वैज्ञानिक कृषि तकनीकों का विशेष महत्व है। इन उपायों को अपनाने से न केवल उत्पादन में वृद्धि होती है, बल्कि फसल की गुणवत्ता बेहतर होने से किसानों को बाजार में अच्छे दाम भी प्राप्त होते हैं।
अधिकारियों ने किसानों को परियोजना के माध्यम से उपलब्ध तकनीकी सहायता एवं कृषि विशेषज्ञों के मार्गदर्शन का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर किसान अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि परियोजना के तहत किए जा रहे प्रयास क्षेत्र में सब्जी उत्पादन को नई दिशा देंगे तथा किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
इस दौरान किसानों ने भी अपनी समस्याओं एवं अनुभवों को अधिकारियों के साथ साझा किया, जिन पर उन्हें आवश्यक तकनीकी परामर्श प्रदान किया गया। किसानों ने परियोजना के माध्यम से मिल रहे मार्गदर्शन एवं सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे उन्हें वैज्ञानिक ढंग से खेती करने और बेहतर उत्पादन प्राप्त करने में सहायता मिल रही है।

बिलासपुर,: मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर ने जानकारी देते हुए बताया कि दिव्यांगजनों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी करने के लिए जिला मेडिकल दिव्यांगता बोर्ड 05 जून 2026 को प्रातः 10:00 बजे क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर के नवीन ओपीडी परिसर के कक्ष संख्या 203 में बैठेगा। बोर्ड की कार्यवाही अंतिम लाभार्थी के चिकित्सीय परीक्षण तक जारी रहेगी।
उन्होंने बताया कि जिला मेडिकल दिव्यांगता बोर्ड की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शशि दत्त शर्मा करेंगे। बोर्ड में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिनव गौतम, ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. भूपेंद्र शर्मा, अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रशांत शर्मा, जनरल सर्जन डॉ. तरुण कुमार, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सुमित चैहान, मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. नरेश चौहान, मनोचिकित्सक डॉ. आयुष शर्मा तथा नैदानिक मनोवैज्ञानिक श्रीमती ज्योत्सना गौतम सदस्य के रूप में शामिल रहेंगे।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने पात्र दिव्यांगजनों से आग्रह किया है कि वे निर्धारित तिथि एवं समय पर आवश्यक दस्तावेजों सहित उपस्थित हों ताकि उनकी दिव्यांगता का परीक्षण कर प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया पूर्ण की जा सके।
उन्होंने बताया कि प्रचलित दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रत्येक दिव्यांगता प्रमाण पत्र को जिला मेडिकल दिव्यांगता बोर्ड के कम से कम दो नामित सदस्यों द्वारा प्रमाणित एवं अनुमोदित किया जाना अनिवार्य है।

उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने जिलावासियों से की अपना डाटा खुद भरने की अपील
हमीरपुर : उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने सभी जिलावासियों से अपील की है कि वे भारत की जनगणना की प्रक्रिया के तहत स्वगणना पोर्टल एसई.सेन्सस.जीओवी.इन se.census.gov.in पर अपना डाटा स्वयं भरें। इससे जनगणना की प्रक्रिया बहुत ही आसानी, सटीकता एवं तेजी के साथ पूरी की जा सकेगी।
स्वगणना के संबंध में मंगलवार को यहां उपायुक्त कार्यालय परिसर में आयोजित एक कार्यशाला में गंधर्वा राठौड़ ने बताया कि जिला हमीरपुर में भी जनगणना की प्रक्रिया को दो चरणों में पूरा किया जाना है। पहले चरण में इस वर्ष 16 जून से 15 जुलाई तक प्रगणक घर-घर जाकर मकानों का सूचीकरण एवं मकान गणना करेंगे। इसके बाद अगले वर्ष वास्तविक जनगणना की जाएगी।
गंधर्वा राठौड़ ने बताया कि इस बार की जनगणना की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाया गया है और इसमें लोगों को कंप्यूटर-लैपटॉप या मोबाइल से ऑनलाइन स्वयं की जानकारी अपलोड करने का विकल्प भी दिया गया है। इसके लिए स्वगणना पोर्टल एसई.सेन्सस.जीओवी.इन को पहली जून से 15 जून तक खोला गया है। सभी परिवारों के मुखिया या अन्य लोग 15 जून तक अपने मकानों एवं भवनों से संबंधित जानकारी स्वयं इस पोर्टल पर भर सकते हैं। इसकी प्रक्रिया बहुत ही आसान है और इसे कुछ मिनटों में ही पूरा किया जा सकता है। इसके पूरा होते ही संबंधित व्यक्ति की एक आईडी जनरेट होगी। संबंधित व्यक्ति इस आईडी को अपने मोबाइल में रखें और 16 जून से 15 जुलाई के बीच जब प्रगणक मकानों के सूचीकरण के लिए आएंगे तो उन्हें यह आईडी दिखानी होगी। इससे प्रगणकों का कार्य बहुत ही आसान हो जाएगा और जनगणना की पूरी प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जा सकेगा।
कार्यशाला के दौरान जनगणना निदेशालय शिमला की ओर से नियुक्त जिला नोडल अधिकारी अजय सोलंकी ने अधिकारियों, कर्मचारियों, पत्रकारों और अन्य लोगों को स्वगणना पोर्टल में एंट्री की जानकारी दी तथा इनसे मौके पर ही डाटा अपलोड करवाकर आईडी जनरेट करवाई।
इस अवसर पर एसपी बलवीर सिंह, एडीसी अभिषेक गर्ग, एसडीएम संजीत सिंह, सहायक आयुक्त चिराग शर्मा और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

