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धर्म/ संस्कृति

देवताओं को पूजने, मानने के लिए खास तरीके, खास विधियां व विधान

हिमाचल: देवी-देवताओं की खास महत्ता..पूजने, मनाने के खास विधि-विधान

यह मेरा देवता, वह तेरा देवता परिवार के देवते को कुलजा अथवा कुलज्ञ कहते हैं गांव के एक छोर पर ग्राम देवता का बना होता है स्थान या मंदिर हिमाचल के कुल्लू जनपद की बात करें तो यहां पर हर घर का अपना...

मालाएं एवं उनकी उपयोगिता

मालाएं एवं उनकी उपयोगिता

ग्रहों को अनुकूल मालाएं मालाएँ आमतौर से शरीर की शोभा बढ़ाते हैं, पर कर्इ तरह की मालाएँ ऐसी भी होती है जो हमारे ग्रहों को अनुकूल कर हमें परेशानियों से बचाती हैं तथा स्वास्थ्य की दृष्टि से भी...

जानें …मकर सक्रांति कब है, पूजा विधि, समय और स्नान का महत्व : कालयोगी आचार्य महिंदर शर्मा

हर वर्ष मकर संक्रांति का त्योहार 14 जनवरी को मनाई जाती है।  हिंदू पंचांग के अनुसार, सूर्य 14 जनवरी 2023 की रात 8 बजकर 21 मिनट पर मकर राशि में गोचर करेंगे। उदया तिथि 15 जनवरी को प्राप्त हो रही है। ऐसे में...

हिमाचल में "लोहड़ी" को कहा जाता है "माघी का साजा", दिन बीतता है प्रीतिभोज और खुशियां मनाने में

हिमाचल में “लोहड़ी” को कहा जाता है “माघी का साजा”, दिन बीतता है प्रीतिभोज और खुशियां मनाने में

हिमाचल में “लोहड़ी” को कहा जाता है “माघी का साजा”, दिन बीतता है प्रीतिभोज और खुशियां मनाने में हमारे पहाड़ी प्रदेशों में इस उत्सव को लोहड़ी, माघी व माघी साजा के नाम से जाना जाता है मकर...

मंगल, गुरू और शनिवार को …”बाल व नाख़ून” कटवाने से क्यों किया जाता है मना

क्या आप जानते हैं कि…. हमारे हिन्दू सनातन धर्म की परम्पराओं में मंगलवार, गुरूवार और शनिवार को  “बाल एवं नाख़ून” कटवाने से क्यों मना किया जाता है…????? क्योंकि आजकल ये बात तो लगभग हर किसी को...

"किन्नौर" किन्नर कैलाश की विशेष महत्ता के साथ संस्कृति, धर्म-परम्परा, रीति-रिवाज व पर्यटन के लिए भी विख्यात

“किन्नौर” किन्नर कैलाश की विशेष महत्ता के साथ संस्कृति, धर्म-परम्परा, रीति-रिवाज व पर्यटन के लिए भी विख्यात

मान्यता : किन्नर कैलाश केवल भगवान शिव का ही निवास स्थान नहीं, बल्कि यहां पर स्वर्ग का राज है “किन्नौर”  शिव की धरती से जहां विख्यात है वहीं किन्नौर अपनी संस्कृति, धर्म-परम्परा, रीति-रिवाजों,...

कई बीमारियों होगी समाप्त और कई राशियों पर शुभ होगा गुरु पूर्णिमा पर "चन्द्र ग्रहण" : कालयोगी आचार्य महिंद्र कृष्ण शर्मा

“चंद्र ग्रहण” मेष राशि में लगेगा भरणी नक्षत्र और जानिए …किस राशि के जातक पर “चंद्र ग्रहण” का क्या रहेगा प्रभाव : पंडित डोगरा

कुमार भावेश/ऊना:  साल 2022 के आखिरी सूर्य ग्रहण के बाद अब साल का आखिरी चंद्र ग्रहण भी लगने जा रहा है। आखिरी सूर्य ग्रहण दिवाली के अगले दिन 25 अक्टूबर, 2022 को लगा था। वहीं आखिरी चंद्र ग्रहण सूर्य ग्रहण...