हिमाचल विशेष

हिमाचल में बहुतायत संख्या में पाए जाते हैं वन्य पशु-पक्षी

हिमाचल में बहुतायत संख्या में पाए जाते हैं अदभुत वन्य पशु-पक्षी…

हिमाचल में बहुतायत संख्या में पाए जाते हैं वन्य पशु-पक्षी हिमाचल प्रदेश एक पहाड़ी राज्य हैं यहां का अधिकतर भाग वनों से ढका हुआ है जिसके चलते यहां के हरे-भरे वनों में सैकड़ों तरह के वन्य...

हिमाचल: प्रदेश में कोरोना से दो और लोगों की मौत

कोरोना : संयम बरतें और सचेत रहें, सरकार तथा प्रशासन के आदेशों का गंभीरता से करें पालन

रखें… सामाजिक दूरी (सोशल डिस्टेंस) कोरोना वायरस का खौफ विश्वभर में देखा जा रहा है। कोरोना से होने वाली मौत के आंकड़े बताते हैं कि ये वाकये ही गंभीर और खतरनाक संक्रमण है। इसके प्रसार को रोकने...

संकीर्ण और घृणित सोच के चलते क्या और कैसी तरक्की करेगा प्रदेश..!

संकीर्ण और घृणित सोच के चलते क्या और कैसी तरक्की करेगा प्रदेश..!

“बुजुर्ग मां” ही सुरिक्षत नहीं तो विकास की नींव कैसे होगी मजूबत? बुजुर्ग महिला के साथ अमानवीय व्यवहार करना किसने दिया यह अधिकार? चार दिनपहले मंडी के सरकाघाट में बुजुर्ग महिला के साथ शर्मनाक...

हिमाचल की उत्कृष्ट कलाएं एवं वास्तुकला विश्वभर में विख्यात

हिमाचल की उत्कृष्ट कलाएं एवं वास्तुकला विश्वभर में विख्यात

हिमाचल प्रदेश की प्राचीन कलाएं, मंदिरों के वास्तुशिल्प, लकड़ी पर खुदाई, पत्थरों और धातुओं की मूर्तियां तथा चम्बा रूमालों आदि के रूप में आज भी सुरक्षित है। हिमाचल अपनी सांस्कृतिक विरासत तथा...

आज भी जीवित है लाहौल-स्पीति में बौद्ध सभ्यता और संस्कृति का प्राचीन इतिहास

आज भी जीवित है लाहौल-स्पीति में बौद्ध सभ्यता और संस्कृति का प्राचीन इतिहास

  लाहौल-स्पीति में रीति रिवाजों की अनोखी परम्परा,…. होती है प्रकृति की पूजा देवभूमि हिमाचल जहां अपनी प्राकृतिक छटा चहुं ओर बिखेरे हुए है वहीं प्रदेश का एक अद्भुत प्राकृतिक स्थल...

हिमाचल की बोलियां : चार कोस पर बदले पाणी, आठ कोस पर बदले वाणी

हिमाचल की बोलियां : चार कोस पर बदले पाणी, आठ कोस पर बदले वाणी

हिमाचल प्रदेश की भाषा-बोलियां पहाड़ी बोलियों के संदर्भ में शौरसेनी का महत्व हिमाचल में कई प्रकार की बोलियाँ बोली जाती हैं। इन बोलियों की अपनी खास विशेषता है। तीन-तीन मील के अन्तर पर भी कई...

बड़ी-बड़ी हस्तियों ने डाला था "डलहौज़ी" में डेरा, रविन्द्रनाथ टैगोर ने यहां ठहर कर लिखे थे कई लेख

बड़ी-बड़ी हस्तियों ने डाला था “डलहौज़ी” में डेरा, रविन्द्रनाथ टैगोर ने यहां ठहर कर लिखे थे कई लेख

महापुरूषों का आगमन डलहौज़ी हिलस्टेशन का नाम लेते ही उन सभी बड़ी-बड़ी हस्तियों के नाम बरबस सामने आ जाते हैं जिन्हें यहां आने व ठहरने का अवसर मिला। उनके यहां आने से 155 वर्ष पुराने डलहौज़ी का...