संकीर्ण और घृणित सोच के चलते क्या और कैसी तरक्की करेगा प्रदेश..!

संकीर्ण और घृणित सोच के चलते क्या और कैसी तरक्की करेगा प्रदेश..!

  • “बुजुर्ग मां” ही सुरिक्षत नहीं तो विकास की नींव कैसे होगी मजूबत?
  • बुजुर्ग महिला के साथ अमानवीय व्यवहार करना किसने दिया यह अधिकार?

चार दिनपहले मंडी के सरकाघाट में बुजुर्ग महिला के साथ शर्मनाक घटना से मन काफी आहत है। बुजुर्ग महिला को डायन कहकर उनके मुंह को काला किया गया और जूतों की माला पहनाकर गांवभर घुमाया गया। किसी ने रोकने तक की कोशिश नहीं की। जब सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुआ तो प्रशासन की निद्रा टूटी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए। लेकिन देवभूमि हिमाचल में इस प्रकार की घटनाओं का घटित होना बताता है कि लोगों की सोच कितनी घृणित है। एक तरफ प्रदेश में विदेशों तक विकास की नई-नई बुलंदियों को छूने के दावे किये जा रहे हैं और इसी प्रदेश के कुछ घटिया लोगों की घृणित सोच बड़े-बुजुर्गों का सम्मान करना भी भूलती जा रही है। देश और देश में महिलाओं के उत्थान की बड़ी-बड़ी बातें की जाती हैं। मगर बच्चियां, माँ-बहनें कितनी सुरक्षित हैं? इस पर बहुत बड़ा प्रश्न चिन्ह आए दिन सामने आने वाली घटनाओं से खुद-ब-खुद पता चल जाता है…! कि देश और प्रदेश में महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर सरकारें कितनी गंभीर हैं? फिलहाल आवश्यकता तो यह है कि बच्चियों और महिलाओं की सुरक्षा पर

“बुजुर्ग मां” ही सुरिक्षत नहीं तो विकास की नींव कैसे होगी मजूबत?

“बुजुर्ग मां” ही सुरिक्षत नहीं तो विकास की नींव कैसे होगी मजूबत?

पहले ध्यान दिया जाए सशक्तिकरण तो बाद की बात है। गर्भ में पल रही बच्ची से लेकर 80 साल की बुजुर्ग मां ही सुरिक्षत नहीं तो उस प्रदेश और देश की विकास की नींव कैसे मजूबत होगी। अच्छे परिवारों से संबंधित बच्चियां, महिलाएं भले ही बेहतरीन शिक्षित, प्रतिष्ठित पदों पर आसीन हो सकती हैं लेकिन प्रदेश और देश की सभी बच्चियों और महिलाओं के लिए सब इतना आसान नहीं। जब सभी के विकास और उत्थान के लिए बात होती है तो उसमें सभी आने चाहिए। कागज़ों पर कुछ और धरातल पर कुछ और नहीं होना चाहिए। संकीर्ण सोच के चलते न कभी घर-परिवार, न ही गांव, न ही देश-प्रदेश कभी तरक्की कर सकता है न ही कर पाएगा। संस्कार, आदर, बड़े-बुजुर्गों और महिलाओं का सम्मान करना बताता है कि आपने शिक्षा, परिवार और आस-पास के लोगों के बीच रहकर आज तक क्या सीखा!

खैर इस वक्त जरूरी है उस बुजुर्ग महिला को न्याय मिले जिनके साथ जो समाज के ठेकेदारों ने अमानवीय व्यवहार किया। पति की मौत और दो बेटियों की शादी करने के बाद अकेली रह रही बुजुर्ग महिला के साथ इस तरह का अभद्र व्यवहार करने का किसने ऐसे लोगों को अधिकार दिया?

  • सरकाघाट में धर्म के नाम पर चार दिन पहले एक 82 साल की बुजुर्ग महिला के साथ बर्बरता से व्यवहार किया गया। उसे डायन बताकर पहले उसके बाल काटे, फिर गले में जूतों की माला डालकर और मुहं पर कालिख पोत कर पूरे गांव में नंगे पांव घुमाया गया। इसके बाद उसे जलाने की योजना थी, पर फरिश्ता बनकर आई एचआरटीसी की बस में बैठे चालक-परिचालक और सवारियों ने बचा लिया। इसके बाद वीडियो वायरल हो गया। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय करार दिया है। उन्होंने कहा कि देवभूमि में इस तरह के कृत्य बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने एसपी मंडी को जांच के आदेश भी दे दिए हैं।
  • मुख्यमंत्री द्वारा जांच के आदेश देने के बाद पुलिस ने अब तक 21 लोगों को गिरफ्तार किया है। इंसानियत को शर्मसार करने वाले इस मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों में 14 पुरुष और सात महिलाए हैं। शनिवार रात गिरफ्तार लोगों को रविवार को एसडीएम कोर्ट सरकाघाट कोर्ट में पेश किया गया, जिन्हें तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। इसके अलावा रविवार को गिरफ्तार चार अन्य आरोपियों को आज यानि सोमवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
  • वृद्धा से हुई बदसलूकी के आरोप में 21 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। बाकी आरोपियों की धरपकड़ की जा रही है। – चंद्रपाल सिंह, पुलिस उपाधीक्षक

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