हिमाचल का विश्व विख्यात “पहाड़ी लोकनृत्य” हिमाचल प्रदेश के लोक नृत्य हिमाचल में लोकनृत्य की अपनी ही एक अनोखी परम्परा है। प्रदेश के हर जिले में अलग-अलग भाषाएं, संस्कृति, त्यौहार, मेले,...
यादें : अभिनेत्री मीना कुमारी चलो दिलदार चलो, चाँद के पार चलो- फिल्म पाकीजा का यह गाना मीनाकुमारी की जिंदगी का ऐसा फलसफा है, जिसके रहस्य से चादर हटाई जाना अभी बाकी है। महज चालीस साल की उम्र में...
“धनतेरस” दीपावली पर्व की शुरुआत का प्रतीक… दीपावली की पूरी रात दीपक प्रज्वलित रखते हैं, जिसके संदर्भ में हिन्दु धर्म में कई मान्यताऐं हैं, जिनमें से कुछ का वर्णन पिछले पोस्ट क्यों...
बच्चों की जिद्द के पीछे कोई ठोस कारण प्रस्तुत नहीं किए जा सकते क्योंकि सभी बच्चों की रूचियां व भावनाएं भिन्न-भिन्न होती हैं। कोई वस्तु यदि एक बालक के लिए आकर्षण का केंद्र बिंदु है तो दूसरा...
बच्चों की परवरिश में माँ और पापा दोनों की अपनी खास जगह होती है। बदलते वक्त के साथ-साथ आज के दौर के माता-पिता के व्यवहार में काफी बदलाव आये हैं, लेकिन व्यस्तता भरे माहौल में आज हर परिवार...
कहानी (जैसे को तैसा) एक बार की बात है कि एक लोमड़ी किसी बगुले के आभार तले आ गई। आभार का बदला चुकाने के लिए उसने न चाहते हुए भी बगुले को रात्रि के भोजन पर अपने घर बुला लिया। उसने प्रीतिभोज के लिए...
कुल्लू के दशहरे का अपना इतिहास, पृष्ठभूमि व सांस्कृतिक परम्परा देवी-देवताओं के महासंगम का गवाह : कुल्लू दशहरा कुल्लू में दशहरे का शुभारंभ 17वीं शताब्दी में हुआ देश भर में मनाया जाने वाला...











