जनपदों का आविर्भाव वैदिकयुग के अंत में हुआ प्रतीत होता है। जन अपने को किसी विशेष ऋषि की संतान मानते थे, वहीं गोत्र कहलाता था। प्रत्येक जन में अनेक कुटुंब होते थे और विभिन्न कुटुंबों के समुदाय...
देश की बात हो या प्रदेश की उसकी जीवन शैली की पहचान वहां के रहने वाले लोगों, वेशभूषा, खानपान व आभूषणों से होती है। हांलाकि काफी समय से हमारे कई पारम्परिक परिधान और आभूषण लुप्त होते जा रहे हैं।...
रानी अपने मायके से श्री राम की मूर्ति साथ लेकर आईं पुरातात्त्विक महत्त्व की संरचना श्री अयोध्यानाथ मन्दिर भी जिला के रामपुर उपमण्डल मुख्यालय में स्थित है। यह मन्दिर शिमला से 130 किलोमीटर की...
यहीं हुआ था 1972 का ‘शिमला समझौता’ वायसरीगल लॉज ऐतिहासिक घटनाओं एवं नैसर्गिक श्रृंगार के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध इस ऐतिहासिक भवन को स्वतन्त्रता से पूर्व भारत के वायसराय व गवर्नर जनरल लार्ड...
प्राचीन भारतीय इतिहास को जानने के लिए वेदों के माध्यम से मानवीय सभ्यता के उन दिनों का पता चलता है…, जब… विश्व के शेष भागों में अन्धकार छाया हुआ था और भारत में पूर्ण प्रकाश की उपासना हो रही...
भारत वर्ष में प्राचीन काल से ही जनतंत्रीय प्रणाली रही है। राजा पर भी जनता का अंकुश होता था। पंचायत तंत्र अति प्राचीन है। इसका एक अन्य रूप बरादरी पंचायत है जो बरादरी का नियमन करती है। पंचायत...
गुम्बदनुमा शैली में कंकरीट का बना है शूलिनी माता का मन्दिर मन्दिर की पूज सज्जा में शिरगुल तथा माल्ली देवताओं की मूर्ति के मध्य छह देवियों की मूर्तियां विराजमान सोलन शहर के दक्षिण में शूलिनी...











