बिलासपुर: जनस्वास्थ्य की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिला दंडाधिकारी बिलासपुर राहुल कुमार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत जिला में फ्लेवर्ड धूम्र रहित तंबाकू उत्पादों के भंडारण, परिवहन, वितरण, आपूर्ति, प्रदर्शन तथा बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा और इसके जारी होने की तिथि से 60 दिनों की अवधि तक प्रभावी रहेगा, जब तक कि विधि के अनुसार इसमें संशोधन, निरस्तीकरण अथवा इसकी अवधि का विस्तार न किया जाए। इस निर्णय के साथ बिलासपुर, मंडी के बाद ऐसे उत्पादों पर प्रतिबंध लागू करने वाला प्रदेश का दूसरा जिला बन गया है।
यह आदेश मुख्य चिकित्सा अधिकारी, बिलासपुर द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट तथा उपलब्ध विश्लेषणात्मक तथ्यों के आधार पर जारी किया गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि जिले में विभिन्न दुकानों के माध्यम से फ्लेवर्ड धूम्ररहित तंबाकू उत्पादों की बिक्री लगातार बढ़ रही है। इन उत्पादों में विभिन्न फ्लेवर्ड पदार्थों और अन्य रसायनों का उपयोग किया जाता है, जिससे उनका स्वाद और आकर्षण बढ़ जाता है। इसके कारण विशेष रूप से किशोरों और युवाओं में इनके सेवन की प्रवृत्ति बढ़ने की आशंका रहती है।
जिला दंडाधिकारी ने जारी आदेश में कहा है कि तंबाकू का सेवन पहले से ही गंभीर जनस्वास्थ्य चुनौती बना हुआ है। फ्लेवर्ड धूम्ररहित तंबाकू उत्पाद निकोटीन की लत को बढ़ावा देने के साथ-साथ युवाओं को तंबाकू सेवन की ओर आकर्षित करते हैं।
जारी आदेश के अनुसार कूल लिप फिल्टर तंबाकू सहित किसी भी प्रकार के फ्लेवर्ड धूम्ररहित तंबाकू उत्पाद का भंडारण, परिवहन, वितरण, आपूर्ति, प्रदर्शन अथवा बिक्री जिला बिलासपुर की सीमा में प्रतिबंधित रहेगी। सभी थोक एवं खुदरा विक्रेताओं, वितरकों, परिवहनकर्ताओं तथा संबंधित कारोबारियों को ऐसे उत्पादों का कारोबार तत्काल प्रभाव से बंद करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला दंडाधिकारी ने पुलिस अधीक्षक, सभी उपमंडल दंडाधिकारियों, कार्यकारी दंडाधिकारियों, खाद्य सुरक्षा अधिकारियों तथा अन्य संबंधित विभागों को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023, भारतीय न्याय संहिता 2023, सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम, 2003, खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा अन्य लागू कानूनों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।