सिरमौर: तीन मंजिला मकान ढहा, मां-बेटी की मौत; 2 मासूम घायल

सिरमौर: सिरमौर के राजगढ़ की ग्राम पंचायत दीदग के छिछड़ियाधार में बुधवार दोपहर करीब 12 बजे तीन मंजिला मकान अचानक ढह गया। हादसे में मकान मालिक भीम सिंह की पत्नी निर्मला देवी और उनकी विवाहित बेटी पूजा की मौत हो गई। दोनों मासूम नाती-दोहती भी मलबे में दब गए, जिन्हें स्थानीय युवाओं ने बाहर निकाला। डेढ़ वर्षीय ईरा को गंभीर हालत में सोलन रेफर किया गया है, जबकि अबियाना का उपचार जारी है।

सिरमौर के राजगढ़ में बुधवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। ग्राम पंचायत दीदग के छिछड़ियाधार गांव में करीब दोपहर 12 बजे तीन मंजिला मकान अचानक गिर गया। हादसे के समय मकान के भीतर परिवार के चार सदस्य मौजूद थे और देखते ही देखते सभी मलबे के नीचे दब गए।मकान गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग और स्थानीय युवा तुरंत मौके पर पहुंचे। बिना समय गंवाए युवाओं ने मलबा हटाकर चारों लोगों को बाहर निकाला और उपचार के लिए सिविल अस्पताल राजगढ़ पहुंचाया। हादसे में मकान मालिक भीम सिंह की पत्नी और उनकी विवाहित बेटी की मौत हो गई, जबकि उनके दो मासूम नाती-दोहती घायल हो गए।

हादसे में घायल निर्मला देवी (60), पत्नी भीम सिंह, और उनकी विवाहित बेटी पूजा (32), पत्नी अमित राणा, ने सिविल अस्पताल राजगढ़ में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। बताया गया कि पूजा इन दिनों अपने मायके छिछड़ियाधार आई हुई थी। 

बताया जा रहा है जमीन धंसने के कारण पलभर में ही मकान जमींदोज हो गया। इस हादसे में मृतका पूजा की सास और घर की बहू कुछ देर पहले घर से बाहर आई थीं, जो मलबे की चपेट में आने से बाल-बाल बच गए। घर के मुखिया भीम सिंह व उनके बेटे घर से बाहर थे।

मकान गिरने के बाद गांव में चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के लोग और स्थानीय युवा घटनास्थल पर पहुंचे। किसी तरह के इंतजार के बजाय युवाओं ने खुद राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। उन्होंने मलबे को हटाकर उसमें दबे चारों लोगों को बाहर निकाला। इसके बाद सभी को तत्काल सिविल अस्पताल राजगढ़ पहुंचाया गया। स्थानीय लोगों की इस तत्परता के कारण दोनों मासूमों को समय रहते अस्पताल पहुंचाया जा सका। हालांकि चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद निर्मला देवी और पूजा को नहीं बचाया जा सका। हादसे की सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। एसडीएम राजगढ़ राजकुमार ठाकुर ने हादसे की पुष्टि करते हुए घटनास्थल का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवार को प्रशासन की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी। हादसे के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है।

प्रशासन की ओर से हादसे में प्रभावित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता भी उपलब्ध करवाई गई है। तहसीलदार राजेंद्र शर्मा ने मृतकों के परिजनों को 25-25 हजार रुपये की फौरी राहत प्रदान की। वहीं सोलन रेफर की गई मासूम बच्ची के उपचार के लिए 5 हजार रुपये की फौरी राहत दी गई है।

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