दिनदहाड़े हत्या के प्रयास, गोलियां, अपहरण और हिंसक वारदातें सरकार की विफलता का प्रमाण – हर्ष महाजन
दिनदहाड़े हत्या के प्रयास, गोलियां, अपहरण और हिंसक वारदातें सरकार की विफलता का प्रमाण – हर्ष महाजन
शिमला: भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने बिलासपुर में दिनदहाड़े युवक पर कुल्हाड़ी से हुए जानलेवा हमले की घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह घटना कांग्रेस सरकार के शासन में प्रदेश की लगातार बिगड़ती कानून-व्यवस्था का एक और गंभीर उदाहरण है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वे दिनदहाड़े भीड़भाड़ वाले बाजारों में भी जानलेवा वारदातों को अंजाम देने से नहीं डर रहे हैं। हर्ष महाजन ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हिमाचल प्रदेश में कानून व्यवस्था बद से बदतर होती जा रही है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में लगातार गोलीबारी, अपहरण, हत्या, हत्या के प्रयास, नशे से जुड़े अपराध और हिंसक घटनाओं में वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि जिस हिमाचल प्रदेश की पहचान कभी शांत और सुरक्षित राज्य के रूप में होती थी, आज वहां आम नागरिक अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि बिलासपुर की घटना में जिस प्रकार दिनदहाड़े एक युवक पर जानलेवा हमला हुआ और हमलावर मौके से फरार हो गए, वह कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। ऐसे घटनाक्रम यह संकेत देते हैं कि अपराधियों में पुलिस और कानून का भय लगातार समाप्त होता जा रहा है। राज्यसभा सांसद ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार का पूरा ध्यान जनहित के मुद्दों से हटकर केवल राजनीतिक प्रबंधन और सत्ता बचाने में लगा हुआ है। परिणामस्वरूप प्रशासनिक व्यवस्था कमजोर हुई है और अपराधी तत्वों के हौसले लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता सुरक्षा चाहती है, लेकिन सरकार उसे सुरक्षित वातावरण देने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। हर्ष महाजन ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मांग की कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति की उच्चस्तरीय समीक्षा की जाए तथा पुलिस प्रशासन को अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए जाएं। उन्होंने कहा कि बिलासपुर की घटना के दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार कर कानून के अनुसार कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जानी चाहिए, ताकि जनता का कानून पर विश्वास बना रहे। उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था के मुद्दे को मजबूती से उठाती रहेगी और कांग्रेस सरकार को उसकी प्रशासनिक विफलताओं के लिए जनता के प्रति जवाबदेह बनाएगी। प्रदेश की शांति, सुरक्षा और कानून का राज किसी भी सरकार की पहली जिम्मेदारी होती है, लेकिन कांग्रेस सरकार इस मूल दायित्व को निभाने में पूरी तरह असफल सिद्ध हुई है।