पर्यटन विकास निगम के कर्मचारियों को एक वर्ष का बोनस स्वीकृत

पर्यटन विकास निगम के कर्मचारियों को एक वर्ष का बोनस स्वीकृत

  • गत 45 माह के दौरान निगम के 585 कर्मचारी लाभान्वित
  • प्रबन्धक/उप-प्रबन्धकों के 5 पद भरने को स्वीकृति
  • ततापानी में छोटे व्यावसायिक परिसर निर्माण का सुझाव

शिमला: हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के निदेशक मण्डल की आज यहां आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार हमेशा ही कर्मचारियों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देती आई है। बैठक में हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के कार्यरत पात्र श्रेणी के कर्मचारियों को एक वर्ष का बोनस जारी करने को स्वीकृति प्रदान की गई। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने बैठक की अध्यक्षता की।

निदेशक मण्डल ने 56 दैनिकभोगी और कंटिजैंट कर्मियों को जिन्होंने 31 मार्च, 2016 तथा 30 सितम्बर, 2016 को सात वर्ष का नियमित कार्यकाल पूरा कर लिया है, को नियमित करने को भी स्वीकृति प्रदान की। बैठक में बताया गया कि वर्तमान प्रदेश सरकार के कार्यकाल के दौरान निगम के 585 से अधिक कर्मचारी पदोन्नति व नियमितीकरण से लाभान्वित हुए हैं। निदेशक मण्डल ने हि.प्र. पर्यटन विकास निगम में सीधी भर्ती के माध्यम से प्रबन्धक/सहायक प्रबन्धकों के 5 पद भरने को भी स्वीकृति प्रदान की गई। यह भी निर्णय लिया गया कि 63 यूटीलिटी वर्करों के पदों का परिणाम इस माह के अन्त तक निकाला जाए और 100 यूटीलिटी वर्करों के पद भरने के लिए 63 पदों को विज्ञापित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि होटल उद्योग एक वाणिज्य उद्योग है और उसे सरकारी विभाग, बोर्ड व निगम नहीं समझा जाना चाहिए और उसे व्यावसायिक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसे और लाभदायक बनाने के लिए बेहतर सुझाव एवं नए विचारों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रबन्धन लागत में कमी जाई जानी चाहिए और निचले स्तर पर भर्ती की जानी चाहिए। उन्होंने ततापानी में छोटे व्यावसायिक परिसर के निर्माण का भी सुझाव दिया, जहां पर पांच-छः गर्म पानी के स्नानगृह का निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा कि यहां आने वाले पर्यटकों की सुविधा के लिए एक रेस्तरां का निर्माण भी किया जाना चाहिए।

वीरभद्र सिंह ने परवाणु स्थित शिवालिक होटल के जीर्णोद्धार के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने रामपुर स्थित बुशैहर रिजेंसी के नवीकरण का भी सुझाव दिया और सराहन स्थित श्रीखण्ड होटल के डायनिंग हॉल के विस्तार को भी कहा। उन्होंने बताया कि निगम ने अप्रैल, 2016 तक 804 लाख रुपये का लाभ अर्जित किया है। उन्होंने कहा कि निगम के कारोबार में 0.49 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है तथा खर्च सहित यह बढ़ कर 3.26 प्रतिशत हो गई है।

  • पर्यटन विकास निगम की 71 सम्मपतियों, जिनमें होटल व रेस्तरां भी शामिल है, पर 14 करोड़ रुपये की राशि खर्च : दिनेश मल्होत्रा

निगम के प्रबन्ध निदेशक दिनेश मल्होत्रा ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार के 45 महीनों के कार्यकाल के दौरान हि.प्र. पर्यटन विकास निगम की 71 सम्मपतियों, जिनमें होटल व रेस्तरां भी शामिल है, पर 14 करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई। मुख्य सचिव वी.सी. फारका ने हि.प्र. पर्यटन विकास निगम की छोटी इकाईयों में इंर्धन और खाद्य लागत दर के मामले को अगली बैठक में लाने को कहा। उन्होंने कहा कि ततापानी में शीघ्र ही जल क्रीडा को आरम्भ किया जाए और इस संबंध में मामला अंतिम स्तर पर है।

इस अवसर पर निदेशक मण्डल के सदस्य वीरेन्द्र धर्माणी ने मुंबई में ‘इण्डिया इंटरनेशनल ट्रैबल मार्ट’ के दौरान श्रेष्ठ इको पर्यटन के लिए प्राप्त स्मृति चिन्ह को भी मुख्यमंत्री को भेंट किया। मुख्य संसदीय सचिव मनसा राम, हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के उपाध्यक्ष हरिश जनारथा, पर्यटन सचिव अनुराधा ठाकुर, निदेशक मण्डल के सदस्य गोपाल कृष्ण महंत, रूपेश कनवाल, विजय इन्द्रकर्ण, अमरजीत सिंह, पर्यटन विभाग के निदेशक मोहन चौहान भी उपस्थित थे।

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