“भाजपा ने किया संघर्ष, छैला–नेरीपुल–यशवंतनगर–कुमारहट्टी सड़क निर्माण को लेकर केंद्र ने लिया त्वरित संज्ञान” – सुरेश कश्यप
“भाजपा ने किया संघर्ष, छैला–नेरीपुल–यशवंतनगर–कुमारहट्टी सड़क निर्माण को लेकर केंद्र ने लिया त्वरित संज्ञान” – सुरेश कश्यप
“सांसद सुरेश कश्यप के पत्राचार के बाद गडकरी मंत्रालय ने प्रस्ताव राज्य सरकार को प्राथमिकता के आधार पर भेजा”
शिमला: भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के शिमला संसदीय क्षेत्र में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए भाजपा लगातार संघर्षरत रही है और जनहित की आवाज़ को केंद्र सरकार तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के प्रयासों और लगातार पत्राचार का ही परिणाम है कि छैला–नेरीपुल–यशवंतनगर–कुमारहट्टी सड़क परियोजना को लेकर केंद्रीय स्तर पर गंभीरता से संज्ञान लिया गया है।
सांसद सुरेश कश्यप ने बताया कि उन्होंने दिनांक 22 अगस्त 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अवगत करवाया था कि शिमला संसदीय क्षेत्र के सोलन, सिरमौर और शिमला जिलों में सेब, फूल एवं अन्य नकदी फसलों के उत्पादन के लिए यह सड़क मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण है। पत्र में उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया था कि छैला, नेरीपुल, औछघाट, सतौननगर, बखाला चौकी और कुमारहट्टी जैसे क्षेत्रों को जोड़ने वाला यह मार्ग बागवानों तथा स्थानीय जनता की जीवनरेखा है और इसे राष्ट्रीय राजमार्ग अथवा डबल लेन सड़क के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि इसके पश्चात उन्होंने दिनांक 19 दिसंबर 2025 को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को भी विस्तृत पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने आग्रह किया कि CRIF योजना के अंतर्गत 36 किलोमीटर लंबाई वाले इस मार्ग को पूर्ण निर्माण हेतु प्राथमिकता दी जाए। सांसद ने पत्र में स्पष्ट किया कि यह सड़क किसानों और बागवानों को दिल्ली सहित देश की प्रमुख मंडियों तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराएगी और क्षेत्रीय विकास को गति देगी।
सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि उनके द्वारा भेजे गए पत्रों पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने त्वरित कार्यवाही करते हुए दिनांक 28 जुलाई 2025 के पत्र में उल्लेख किया कि यह प्रस्ताव Central Roads and Infrastructure Fund (CRIF) के अंतर्गत राज्य सरकार को प्राथमिकता के आधार पर विचार हेतु अग्रेषित किया गया है। मंत्री ने कहा कि CRIF अधिनियम 2000 के दिशा-निर्देशों के अनुसार राज्य सरकार परियोजनाओं की सूची प्राथमिकता के आधार पर केंद्र को भेजती है और इसी प्रक्रिया के तहत संबंधित अधिकारियों को प्रस्ताव राज्य को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अतिरिक्त केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने दिनांक 10 नवंबर 2025 को पुनः पत्र लिखकर सांसद सुरेश कश्यप को आश्वस्त किया कि मंत्रालय नए राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण की नीति के तहत यातायात घनत्व, सामाजिक-आर्थिक आवश्यकताओं और PM गति शक्ति योजना के अंतर्गत इस प्रकार की महत्वपूर्ण सड़कों को प्राथमिकता दे रहा है तथा प्रस्तावित मार्ग पर आवश्यक दिशा-निर्देश अधिकारियों को जारी किए गए हैं।
सुरेश कश्यप ने यह भी स्मरण करवाया कि इससे पूर्व वर्ष 2015 में भी इसी मार्ग के सुधार एवं चौड़ीकरण को लेकर केंद्रीय मंत्री द्वारा सकारात्मक पत्राचार किया गया था, जिससे यह सिद्ध होता है कि भाजपा सरकार हिमाचल प्रदेश की सड़क अधोसंरचना को लेकर लगातार संवेदनशील और प्रतिबद्ध रही है।
उन्होंने कहा कि यह मांग नई नहीं है, बल्कि सांसद सुरेश कश्यप जब वर्ष 2015 में पच्छाद विधानसभा क्षेत्र से विधायक थे, तब भी उन्होंने इस महत्वपूर्ण सड़क मार्ग के निर्माण एवं उन्नयन की आवश्यकता को प्रमुखता से उठाया था। उस समय से लेकर आज तक वे निरंतर जनता की इस बहुप्रतीक्षित मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं और केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से इसे रखते आए हैं।
उन्होंने कहा कि सड़कें केवल परिवहन का माध्यम नहीं बल्कि पहाड़ी प्रदेश के विकास की रीढ़ हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश को राष्ट्रीय राजमार्गों, सुरंगों, पुलों और आधुनिक सड़क नेटवर्क की कई सौगातें मिली हैं।
सांसद सुरेश कश्यप ने राज्य सरकार से आग्रह किया कि वह इस महत्वपूर्ण सड़क परियोजना को प्राथमिकता प्रदान करे ताकि निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ हो और क्षेत्र की जनता, बागवानों, किसानों एवं पर्यटकों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।
उन्होंने कहा कि भाजपा हिमाचल की जनता के अधिकारों और विकास के लिए निरंतर संघर्ष करती रही है और आगे भी केंद्र से अधिक से अधिक परियोजनाएं लाकर प्रदेश के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करेगी।