पारिश्रमिक आधार पर तहसीलदार, नायब तहसीलदार व पटवारी के रिक्त पदों के लिए पुनः आवेदन मांगे
पारिश्रमिक आधार पर तहसीलदार, नायब तहसीलदार व पटवारी के रिक्त पदों के लिए पुनः आवेदन मांगे
मण्डी: मण्डी जिला में उपायुक्त कार्यालय के तहत पारिश्रमिक आधार पर तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कानूनगो, पटवारी के खाली पदों पर फिर से भर्ती के लिए इच्छुक और योग्य उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। यह आवेदन सभी आवश्यक दस्तावेजों एवं प्रमाण पत्रों के साथ 28 मार्च, 2026 को सायं 05:00 बजे तक उपायुक्त, मंडी के कार्यालय में पहुंच जाने चाहिए। अंतिम तिथि के बाद मिले या अधूरे पाए गए आवेदन बिना कोई और जानकारी दिए अस्वीकृत कर दिए जाएंगे।
उपायुक्त अपूर्व देवगन ने बताया कि पारिश्रमिक (री-एंगेजमेंट) आधार पर जिला में तहसीलदार का एक पद, नायब तहसीलदार के 6 पद तथा पटवारी के 117 पद भरे जाने हैं। इसके लिए आवश्यक योग्यता निर्धारित की गई है, जिसके तहत सेवानिवृत्त होने से पहले आवेदक द्वारा हिमाचल प्रदेश के राजस्व विभाग के किसी भी विंग में कम से कम पांच साल की सेवाएं दी हों और उनके खिलाफ कोई विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई लंबित न हो। इस बारे में संबंधित सेवानिवृत्त व्यक्ति को अपने विभाग से एक प्रमाण पत्र लेना होगा और आवेदन के साथ जमा करना होगा। साथ ही आवेदक को राजकीय अस्पताल से चिकित्सा प्रमाण पत्र भी संलग्न करना होगा। आवेदन के लिए आयु सीमा विज्ञापन तिथि (01-01-2026) को 65 साल से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए। आवेदन के साथ दसवीं कक्षा का प्रमाण पत्र भी संलग्न करना होगा।
उन्होंने बताया कि सेवानिवृत्त तहसीलदारों के लिए 70 हजार रुपए प्रति माह, सेवानिवृत्त नायब तहसीलदारों के लिए 60 हजार रुपए प्रतिमाह और सेवानिवृत्त पटवारियों के लिए 40 हजार रुपए प्रतिमाह पारिश्रमिक निर्धारित किया गया है। मंडी जिले में किसी भी खाली पद पर इन्हें तैनात किया जा सकता है। हालांकि किसी भी तहसीलदार/नायब तहसीलदार को उनके गृह उपमंडल में और पटवारियों को गृह/आस-पास के पटवार वृत्त में तैनात नहीं किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि री-एंगेजमेंट के लिए आवेदन पत्र मंडी जिले की आधिकारिक वेबसाइट http://hpmandi.nic.in से डाउनलोड किया जा सकता है। सेवानिवृत्त अधिकारियों को पहली बार में तीन महीने के लिए री-एंगेज किया जाएगा। सेवाओं में प्रदर्शन और ज़रूरत के हिसाब से इसे आगे बढ़ाया जा सकता है। री-एंगेजमेंट की अवधि उनके रिटायरमेंट से पहले दी गई सर्विस में किसी भी बेनिफिट के लिए नहीं गिनी जाएगी।
ऐसे सेवानिवृत्त लोगों की सेवाएं पूरी तरह से अस्थायी होंगी और री-एंगेजमेंट अवधि के दौरान कभी भी खत्म की जा सकती हैं। इन्हें एक महीने की सेवाएं पूरी करने के बाद एक दिन का आकस्मिक अवकाश देय होगा तथा किसी भी तरह का अन्य अवकाश देय नहीं होगा। नियंत्रण अधिकारी की मंज़ूरी के बिना ड्यूटी से बिना इजाज़त गैरहाज़िर रहने पर, बिना कोई नोटिस दिए, वह एंगेजमेंट अपने आप खत्म हो जाएगा। ड्यूटी से गैरहाज़िर रहने के समय के लिए उन्हें कोई मेहनताना नहीं मिलेगा।
उन्होंने बताया कि आवश्यकतानुसार अपनी अधिकारिक सेवा के सिलसिले में यात्रा पर जाने के लिए इन्हें टीए-डीए मिलेगा, जो समकक्ष नियमित अधिकारियों को मिनिमम पे स्केल पर लागू रेट पर मिलेगा। महीने का मेहनताना परफॉर्मेंस/वर्क कंडक्ट सर्टिफिकेट के आधार पर दिया जाएगा, जिसमें उसके द्वारा निपटाए गए केस की डिटेल्स भी शामिल होंगी। यह सर्टिफिकेट संबंधित नियंत्रण प्राधिकारी द्वारा महीने के आखिर में जारी किया जाएगा। राजस्व केस के लंबित मामलों के निपटान के बाद, इनकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी।
उन्होंने बताया कि री-एंगेजमेंट के कारण मौजूदा पटवारियों/कानूनगो की पदोन्नति पर कोई असर नहीं पड़ेगा और उनके द्वारा भरे गए पद पदोन्नति के लिए खाली माने जाएंगे। नियमित अधिकारियों के मिलने पर री-एंगेजमेंट खत्म किया जा सकता है।