सिरमौर में सड़क परियोजनाओं पर 244 करोड़ की राशि की जा रही व्यय – विक्रमादित्य सिंह
सिरमौर में सड़क परियोजनाओं पर 244 करोड़ की राशि की जा रही व्यय – विक्रमादित्य सिंह
लोक निर्माण मंत्री ने की शनोल मेले के समापन की अध्यक्षता
नाहन : जिला सिरमौर में चालू वित वर्ष के दौरान सड़कों तथा पुलों के निर्माण पर 47 करोड़ की राशी व्यय की जा रही है। इसके अतिरिक्त (पीडीएनए-2025) आपदा के पश्चात सड़कों की मरम्मत के लिए भी 47 करोड़ की अतिरिक्त राशी स्वीकृत की गई है।
यह जानकारी आज लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने राजगढ़ उप मंडल के अंतर्गत झिमीधार में आयोजित हुए शनोल मेले के सम्मापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए उपस्थित जन समूह को संबोधित करते हुए दी।
उन्होंने कहा कि प्रधान मंत्री सड़क योजना के चरण – IV, के अंतर्गत जिला सिरमौर में 85 करोड़ की लागत से 11 सड़क परियोजनाएं स्वीकृत हुई है जिनमें पच्छाद विधान सभा क्षेत्र में 12 करोड़ की दो सड़कें शामिल है, जिनकी निविदा प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है तथा शीघ्र ही इन सड़कों का निर्माण कार्य आरंभ कर दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि पच्छाद विधानसभा क्षेत्र में नाबार्ड द्वारा गिरी नदी पर चबयोगा के पास 14 करोड़ की राशी से पुल का निर्माण कार्य भी शीघ्र आरंभ कर दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त पच्छाद विधानसभा क्षेत्र में सड़कों के रख रखाव आपदा के पश्चात (पीडीएनए-2025) क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत के लिए 21 करोड़ की राशी स्वीकृत हुई है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सड़क योजना चरण – III, के अंतर्गत धरयार-नारग-मरयोग सड़क पर 30 करोड़ की राशी व्यय की जा रही है जिसका कार्य अंतिम चरण में है तथा जिसे माह सितंबर, 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
लोक निर्माण मंत्री ने बताया कि नेरीपुल से सनौरा तक 36 किलोमीटर सड़क के डबल लेन बनाने, चौड़ा तथा पक्का करने के लिए 203 करोड़ की राशी स्वीकृत की गई है। उन्होंने बताया कि शीध्र ही इस सड़क का निर्माण कार्य आरंभ कर दिया जाएगा तथा इस सड़क के निर्माण कार्य पूर्ण होने के पश्चात इस क्षेत्र के साथ-साथ जिला शिमला के किसानों व बागवानों को नकदी फसलें चंडीगढ़ तथा दिल्ली मंडी तक पहुंचाने की बेहतर यातायात सुविधा उपलब्ध होगी।
उन्होंने यशवंत नगर-नेरीपुल सड़क का निरीक्षण भी किया तथा अधिकारियों को लक्ष्य निर्धारित कर समय बद्ध तथा गुणवत्ता पूर्ण निर्माण कार्य के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता के साथ कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि राजगढ़ क्षेत्र कृषि तथा बागवानी के लिए जाना जाता है जोकि इस क्षेत्र की आर्थिकी का सबसे बड़ा आधार है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए की वह सरकारी मशीनरी को तैनात रखें और बरसात में अवरूद्ध हुए मार्गों को तुरंत खोलना सुनिश्चित करेें ताकि कृषकों तथा बागवानों की नकदी फसलों को मंडीयों तक पहुंचाया जा सके।
विक्रमादित्य सिंह ने हिमाचल निर्माता डाॅ यशवंत सिंह परमार और आधुनिक हिमाचल के निर्माता वीरभद्र सिंह को स्मरण करते हुए कहा कि आज हिमाचल में हुए विकास का श्रेय इन महान विभूतियों को जाता है।
इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्र वासियों तथा मेला समिति को मेले की बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश भर में आयोजित होने वाले मेले व त्योहार अपनी विशेष महत्ता रखते है। उन्होंने मेला कमेटी झिमीधार को 51 हजार रुपये देने की घोषणा की।
अध्यक्ष मेला कमेटी झिमीधार ओम सिंह ने मुख्य अतिथि तथा अन्य गणमान्य अतिथियों का स्वागत किया तथा लोक निर्माण मंत्री को लोईया, डांगरा, टोपी तथा स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।