बिलासपुर: जिला दण्डाधिकारी बिलासपुर राहुल कुमार ने आश्विन नवरात्र मेला के उपलक्ष्य पर 11 अक्तूबर से 20 अक्तूबर तक श्री नैना देवी जी मन्दिर परिसर में कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को मद्देनजर रखते हुए आवश्यक प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं।
जारी आदेशों के अनुसार मेला अवधि के दौरान श्री नैना देवी जी मेला परिसर में लाऊडस्पीकर, ढोल-नगाड़े, बैण्ड-बाजे एवं अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यदि किसी प्रकार का सार्वजनिक संदेश अथवा उद्घोषणा देना आवश्यक हो, तो वह केवल कंट्रोल रूम के माध्यम से प्रसारित की जाएगी। इसके अतिरिक्त मन्दिर परिसर में किसी भी प्रकार के प्रसाद के प्रयोग पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
इसी तरह आश्विन नवरात्र मेले के दृष्टिगत कानून एवं व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए जिला दण्डाधिकारी ने भारतीय दण्ड संहिता की धारा 163 के तहत पुलिस थाना कोट कहलूर के अधिकार क्षेत्र में आगामी 11 अक्तूबर से 20 अक्तूबर तक किसी भी व्यक्ति द्वारा अस्त्र-शस्त्र, गोला-बारूद, दूर से मार करने वाले हथियार, तेजधार हथियार आदि उठाकर चलने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। यह आदेश पुलिस बल पर लागू नहीं होंगे।
जबकि मेले के दृष्टिगत श्रद्धालुओं की अधिक संख्या को देखते हुए यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 115 के तहत यातायात संबंधी आदेश भी जारी किए हैं।
जारी आदेश के अनुसार मेला अवधि में टोबा से श्री नैना देवी जी मन्दिर तक के सड़क मार्ग पर केवल बसों और छोटे यात्री वाहनों (टैक्सियों) की आवाजाही को ही अनुमति होगी। इस दौरान ट्रक, कैन्टर, ट्रैक्टर, टैम्पू आदि भारी वाणिज्यिक वाहनों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
इसके अतिरिक्त यदि ट्रक, टैम्पू या ट्रैक्टर सवारियों से लदे हुए पाए जाते हैं, तो उन्हें हिमाचल प्रदेश की सीमा जैसे गड़ामोड़ा और ग्वालथाई (भाखड़ा) से आगे श्री नैना देवी जी की ओर आने की अनुमति नहीं होगी। श्रद्धालु इन स्थानों से केवल बसों या टैक्सियों में ही श्री नैना देवी जी मन्दिर पहुंच सकेंगे।













