शिमला: बाल रंगमंच महोत्सव 7 अक्टूबर से

महोत्सव में 15 इंस्टीटूट्स देंगी अपनी प्रस्तुतियाँ, वहीं दो विशेष स्क्रीनिंग्स का भी किया गया है आयोजन

शिमला: बाल रंगमंच महोत्सव का चौथा संस्करण इस वर्ष 7 से 9 अक्टूबर तक शिमला के ऐतिहासिक गेयटी थिएटर के गॉथिक हॉल (Gothic Hall) में आयोजित होने जा रहा है। बच्चों की कल्पनाशीलता, आत्मविश्वास और रचनात्मक अभिव्यक्ति को मंच देने की यह खूबसूरत यात्रा इस वर्ष अपने चौथे संस्करण तक पहुँची। लगातार चार वर्षों तक इस आयोजन को आगे बढ़ाने के पीछे टीम कीकली का रंगमंच और बच्चों के प्रति वही जुनून, विश्वास और समर्पण है।

इस वर्ष महोत्सव में 15 इंस्टीटूट्स उत्साहपूर्वक अपनी प्रस्तुतियाँ देंगी, वहीं दो विशेष स्क्रीनिंग्स का आयोजन भी किया गया है।

महोत्सव की गरिमामयी उपस्थिति में रहेंगे सम्माननीय अतिथि दिव्या जगदाले और डैन धनोआ, अभिनेता और रंगकर्मी। प्रस्तुतियों का मूल्यांकन अनुभवी निर्णायक मंडली डॉ. पूर्णिमा चौहान, अनुराधा दर और आस्था शुक्ला चड्ढा करेंगे। इस यात्रा को दिशा देने में वरिष्ठ रंगमंच विशेषज्ञ श्रीयुत श्रीनिवास जोशी, जवाहर कौल और रंजन कौशल तथा क्रिएटिव डायरेक्टर्स विवेक मोहन, रुपेश भीमटा, संजीव अरोरा, कुमार शानू और आदर्श चौहान का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

महोत्सव को संभव बनाने वाले हमारे सभी सहयोगियों—भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, AU Small Finance Bank, La Himalayas, Himachal Tonite (मीडिया पार्टनर), ‘विचलित’ अजय, गेयटी प्रबंधन, सभी संस्थागत सहयोगियों और गुमनाम दानदाताओं—का हृदय से आभार है। सबसे बढ़कर, हम सभी विद्यालयों, शिक्षकों, अभिभावकों, कलाकारों, विद्यार्थियों और स्थानीय रचनात्मक समुदाय के आभारी हैं, जिनके विश्वास और सहयोग ने इस मंच को जीवंत बनाया।

बाल रंगमंच महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि बच्चों की आवाज़, कल्पना और सपनों को मंच देने की एक निरंतर यात्रा है। चौथे वर्ष में भी इस सफर को जारी रखना हमारे लिए गर्व और प्रेरणा दोनों है।

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