हिमाचल विधानसभा मानसून सत्र: पहले ही दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष में हंगामा; सदन की कार्यवाही स्थगित..
हिमाचल विधानसभा मानसून सत्र: पहले ही दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष में हंगामा; सदन की कार्यवाही स्थगित..
हिमाचल: प्रदेश विधानसभा मानसून सत्र के पहले दिन सदन शुरू होते ही राष्ट्रगान के बाद राष्ट्रगीत वंदे मातरम् नहीं गाए जाने पर सत्ता पक्ष-विपक्ष में गहमागहमी का मौहाल बन गया। सदन की कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही देर बाद राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच नारेबाजी शुरू हो गई। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने स्पष्ट किया कि इस संबंध में बना कानून सरकारी संस्थानों पर लागू होता है, विधानसभा की कार्यवाही पर नहीं। राष्ट्रगान से शुरुआत हुई है, समापन राष्ट्रगीत से होगा। अध्यक्ष के इस स्पष्टीकरण के बाद विपक्ष और अधिक आक्रामक हो गया। भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार की अगुवाई में विपक्षी सदस्य अपनी मांग पर अड़े रहे और सदन में नारेबाजी शुरू हो गई। माहौल इतना गर्मा गया कि विधानसभा अध्यक्ष को सदन स्थगित करने की घोषणा करनी पड़ी। अब सदन की अगली बैठक शनिवार सुबह 11 बजे होगी।
विधानसभा में राष्ट्रगान के दौरान भाजपा विधायकों का व्यवहार अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण – CM सुक्खू
हिमाचल: प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के शुरू होते ही सदन सता पक्ष और विपक्ष के हंगामे के साथ गर्मा गया। सदन की कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही देर बाद राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच नारेबाजी शुरू हो गई। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू विधानसभा ने कहा कि आज विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी द्वारा राष्ट्रगान का अपमान किया जाना बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। एक राष्ट्रीय पार्टी से इस तरह के आचरण की अपेक्षा नहीं की जा सकती। मुख्यमंत्री ने कहा कि अध्यक्ष महोदय ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया। राष्ट्रगीत भी हमारा है और राष्ट्रगान भी हमारे देश के गौरव का प्रतीक है। जनता राष्ट्रगान के इस अपमान को कभी स्वीकार नहीं करेगी और उनके इस व्यवहार का जवाब भी देगी।
उन्होंने कहा कि विधानसभा की अपनी परंपराएँ हैं, अपनी मर्यादाएँ हैं। ये परंपराएँ किसी दल के आने-जाने से नहीं बदलतीं। वर्षों से राष्ट्रगान के साथ सदन की शुरुआत होती आई है। आज भाजपा ने इस परंपरा को तोड़ने की कोशिश कर राष्ट्रगान का अपमान किया है और विधानसभा की गरिमा को भी ठेस पहुँचाई है।
सीएम ने कहा कि गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर जी की रचना और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान से जुड़ी इस राष्ट्रीय भावना को राजनीतिक अहंकार के नीचे दबाया नहीं जा सकता। कांग्रेस सरकार में विधानसभा संविधान, परंपरा और संसदीय मर्यादा के अनुसार चलेगी- किसी विपक्षी दल की मनमानी से नहीं। इसके विरोध में कांग्रेस विधायक दल के साथ भाजपा के खिलाफ नारेबाजी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने सदन में राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत, दोनों के गायन की बात कही थी। राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत हमारे देश के गौरव हैं। हम अपनी पार्टी के कार्यक्रमों में हमेशा से इनका गायन करते आए हैं। आज विधानसभा में राष्ट्रगान के दौरान भाजपा विधायकों का व्यवहार अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण रहा। राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन राष्ट्रगान का अपमान हम सहन नहीं करेंगे। भाजपा नहीं चाहती कि उनकी सरकार में हुए पेपर लीक से जुड़े मुद्दे पर सदन में चर्चा हो।
हिमाचल विधानसभा कांग्रेस कार्यसमिति के फैसलों के अनुसार नहीं चलेगी – विपिन सिंह
विपक्ष की ओर से भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार ने कांग्रेस पर राष्ट्रगीत के अपमान का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा विधायकों ने सदन में राष्ट्रगीत गाने की विनम्र मांग की थी, लेकिन इसकी अनुमति नहीं दी गई। परमार ने कांग्रेस पर राष्ट्रगीत के सम्मान को लेकर गंभीर नहीं होने का आरोप लगाया। उन्होंने कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में राष्ट्रगीत के दो छंद गाने से जुड़े फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि हिमाचल विधानसभा कांग्रेस कार्यसमिति के फैसलों के अनुसार नहीं चलेगी।