प्रभावित पेयजल योजनाओं की मरम्मत के लिए प्रति योजना 2 लाख होंगे जारी – DC शिमला
प्रभावित पेयजल योजनाओं की मरम्मत के लिए प्रति योजना 2 लाख होंगे जारी – DC शिमला
जल शक्ति विभाग तीन दिन के भीतर प्रस्ताव भेजे, दस्तावेज पूर्ण होना अनिवार्य शिमला: उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने कहा कि जिला में आपदा से प्रभावित पेयजल योजनाओं के मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कार्यों के लिए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के माध्यम से प्रति योजना दो लाख रुपये की राशि जारी की जाएगी। इसके लिए जल शक्ति विभाग के अधिकारी क्षतिग्रस्त योजनाओं के प्रस्ताव तैयार कर आवश्यक दस्तावेजों सहित उपायुक्त कार्यालय को प्रेषित करें। उपायुक्त आज जल जीवन मिशन के अंतर्गत आयोजित जिला स्तरीय जल एवं स्वच्छता अभियान की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि केवल उन्हीं पेयजल योजनाओं के लिए बजट स्वीकृत किया जाएगा, जिनकी क्षति संबंधी रिपोर्ट राजस्व विभाग में दर्ज होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भविष्य में किसी भी पेयजल योजना के क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में संबंधित पटवारी के पास तत्काल रिपोर्ट दर्ज करवाना सुनिश्चित करें तथा सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें। उन्होंने जल शक्ति विभाग के क्षेत्रीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षतिग्रस्त योजनाओं के मरम्मत कार्यों के प्रस्ताव शीघ्र उपायुक्त कार्यालय को भेजे जाएं। प्रस्ताव प्राप्त होने के तीन दिन के भीतर बजट जारी कर दिया जाएगा, बशर्ते सभी आवश्यक दस्तावेज संलग्न हों। बैठक में बताया गया कि जिले में जल जीवन मिशन के तहत स्वीकृत 264 योजनाओं में से 203 योजनाओं का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। वहीं, हर घर जल गांव योजना के अंतर्गत जिले के 2,536 गांवों में से 1,699 गांवों को प्रमाण-पत्र जारी किए जा चुके हैं, जबकि 837 गांवों की प्रक्रिया लंबित है। बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि जिले में जल सेवा आकलन (Jal Seva Aankalan) के अंतर्गत उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। जिले के कुल 2,536 गांवों में से 2,422 गांवों में जल सेवा आकलन का कार्य पूर्ण हो चुका है, जिससे जिले की प्रगति 95.50 प्रतिशत तक पहुंच गई है। जिला के 13 विकास खंडों में से 10 विकास खंडों—बसंतपुर, छोहारा, जुब्बल, कोटखाई, मशोबरा, ननखड़ी, नारकंडा, रामपुर, रोहड़ू तथा टुटू—ने 100 प्रतिशत उपलब्धि हासिल कर ली है। शेष तीन विकास खंडों में भी कार्य अंतिम चरण में है। चौपाल विकास खंड में 332 में से 278 गांवों (83.73 प्रतिशत), कुपवी में 51 में से 42 गांवों (82.35 प्रतिशत) तथा ठियोग में 385 में से 334 गांवों (86.75 प्रतिशत) में जल सेवा आकलन पूरा किया जा चुका है। जिला की 413 ग्राम पंचायतों में यह कार्य संचालित किया जा रहा है। शेष गांवों में जल सेवा आकलन तथा डीटीयू (DTU) आकलन पूर्ण होने के उपरांत संबंधित डीआईपी (DIP) को अंतिम प्रस्तुति (Final Submission) के लिए सक्षम किया जाएगा। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों एवं फील्ड टीमों को निर्देश दिए कि शेष कार्य निर्धारित समय सीमा में पूर्ण कर जिले के सभी गांवों में जल सेवा आकलन का लक्ष्य शत-प्रतिशत सुनिश्चित किया जाए तथा अंतिम रिपोर्ट समयबद्ध रूप से प्रस्तुत की जाए। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त सचिन शर्मा, जिला योजना अधिकारी निवेदिता, जिला पंचायत अधिकारी विनय रुड़की, परियोजना अधिकारी डीआरडीए विवेक पॉल सहित सभी खंड विकास अधिकारी उपस्थित रहे।