धर्मशाला स्टेडियम बना दुनिया को हिमाचली कल्चर दिखाने का आईना

धर्मशाला: हिमाचल प्रदेश में क्रिकेट महाकुंभ ने पहाड़ी राज्य में पर्यटन को नए पंख दिए हैं। यहां क्रिकेट गतिविधियों ने न केवल पर्यटकों को आकर्षक किया है बल्कि पहाड़ी राज्य को दुनिया भर में विख्यात किया है। वर्ष 2005 में जब यहां स्टेडियम की परिकल्पना की गई थी तब अनुमान भी नहीं था कि एक दिन यह धर्मशाला क्रिकेट प्रेमियों का नहीं बल्कि पर्यटकों का एक केन्द्र बन जाएगा। दुनिया भर के खूबसूरत खेल मैदानों में से एक धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम की वजह से दुनिया भर में इस पहाड़ी राज्य की ख्याति फैली है। पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग सिंह ठाकुर द्वारा स्टेडियम निर्माण के रूप में लगाया गया यह पौधा अब वट वृक्ष बन चुका है। अब यह खेल स्टेडियम नहीं बल्कि एक आकर्षण का केन्द्र बन गया है। धौलाधार की खूबसूरत पहाडिय़ों को निहारने के लिए क्रिकेट प्रेमियों से लेकर पर्यटकों का तांता लग रहा है।

आई.पी.एल. मैचों के साथ एक दिवसीय मैचों के दौरान जब यहां की विरासत के रूप में कला, देवभूमि, वीरभूमि और साहसिक खेलों का चित्रण लाइट, साऊंड एवं ड्रोन के जरिए किया जाता है तो इससे इसकी छठा और भी अधिक अद्भुत हो जाती है। एचपीसीए ने तकनीकी के माध्यम से हिमाचल की सांस्कृतिक विरासत, यहाँ की कथाएँ, देवभूमि-वीरभूमि की झलक से दुनिया को रूबरू कराया तो हर हिमाचली गर्व से भर उठा। शनिवार को एक दिवसीय क्रिकेट मैच के दौरान लाइट एवं साऊंड, लेजर एवं ड्रोन के जरिए पूरे हिमाचल की संस्कृति की झलक दिखाई गई तो पूरा स्टेडियम तालियों की गडग़ड़ाहट से गंूज उठा। यह दृश्य न केवल स्टेडियम में ही दिखाया गया बल्कि विश्व भर में इसका प्रसारण हुआ। यह एक अद्भुत तरीके से पेश किया गया चित्रण था जिसमें हिमाचल के वीरों को याद किया गया, देव स्थानों को दिखाया गया, कुल्लू दशहरा की झलक दिखाया गया, देवी देवताओं के दर्शन करवाए गए, यहां की साहसिक खेलों का प्रदर्शन किया गया और वन्य प्राणियों की भी झलक प्रस्तुत की गई। एच.पी.सी.ए. ने विशेष रूप से यह अद्भुत चित्रण दर्शकों के लिए प्रस्तुत किया था।

एच.पी.सी.ए. के जरिए पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग सिंह ठाकुर ने हिमाचल के लिए यह एक ऐसी देन दी है जो केवल खेल पर आधारित नहीं बल्कि पहाड़ी राज्य को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विख्यात करने, यहां के पर्यटन कारोबार को कई गुणा बढ़ाने और हिमाचल की प्रतिभाओं को निखारने का एक सफल प्रयास है। हाल ही में हुई रेंकिंग में धर्मशाला के क्रिकेट स्टेडियम को सर्वश्रेष्ठ आंका गया है। इसके पीछे अनुराग ठाकुर का एक विजन, लगातार प्रयास तथा यहां की उन्नति के लिए उनका एक शानदार प्रयास है। विरोधी भी अनुराग ठाकुर की इस देन की जमकर प्रशंसा करते हैं।

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