एचपी शिवा परियोजना के तहत 586 हेक्टेयर क्षेत्र की पहचान करें सुनिश्चित – जगत सिंह नेगी
एचपी शिवा परियोजना के तहत 586 हेक्टेयर क्षेत्र की पहचान करें सुनिश्चित – जगत सिंह नेगी
एचपी शिवा परियोजना के दूसरे चरण की समीक्षा बैठक आयोजित
शिमला : राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में आज यहां एचपी शिवा परियोजना के दूसरे चरण के लिए समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में क्षेत्र और क्लस्टर चयन के बारे में विस्तार से अवगत करवाया गया। एचपी शिवा परियोजना के पहले चरण में लगभग 3083 हेक्टेयर क्षेत्र को अंतिम रूप दिया गया है और इस पर कार्य जारी है। दूसरे चरण के लिए 7 जिलों में लगभग 3000 हेक्टेयर क्षेत्र का चयन किया जाना है, जिसमें से 2414 हेक्टेयर क्षेत्र का मूल्यांकन किया जा रहा है और लगभग 586 हेक्टेयर क्षेत्र की कमी पाई गई है। जगत सिंह नेगी ने अधिकारियों को 10 जून से पहले 586 हेक्टेयर क्षेत्र की पहचान कर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में अवगत करवाया गया कि कांगड़ा में 365 हेक्टेयर, बिलासपुर में 297 हेक्टेयर, हमीरपुर में 532 हेक्टेयर, मंडी में 655 हेक्टेयर, सिरमौर में 187 हेक्टेयर, सोलन में 132 हेक्टेयर और ऊना में 244 हेक्टेयर क्षेत्र की पहचान कर ली गई है। बैठक में निदेशक बागवानी डॉ. सतीश शर्मा, एचपी शिवा परियोजना के निदेशक डॉ. देविंद्र सिंह ठाकुर, अतिरिक्त निदेशक वीपी बैंस, संयुक्त निदेशक कमलशील और सात जिलों के उपनिदेशक उपस्थित थे। हमीरपुर और कांगड़ा जिले में चल रहे कार्यों की समीक्षा की इससे पहले, बागवानी मंत्री ने हमीरपुर जिले में लगभग 510 हेक्टेयर क्षेत्र में 67 क्लस्टर और कांगड़ा जिले में लगभग 781 हेक्टेयर क्षेत्र में 81 क्लस्टर की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में सिविल कार्यों की स्थिति, कार्य के दौरान पेश आ रही चुनौतियों, गुणवत्ता और विभिन्न कार्यों को समय पर पूरा करने के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। बागवानी मंत्री ने निर्देश देते हुए कहा कि सौंपे गए कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करें। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में समय-सीमा में कोई विस्तार नहीं दिया जाएगा। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि परियोजना के कार्यान्वयन में होने वाली देरी पर सभी स्तरों पर जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने बागवानी विभाग के अधिकारियों को परियोजना की गतिविधियों की दैनिक आधार पर निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ठेकेदारों की चूक पर कॉन्ट्रैक्ट के प्रावधानों के तहत प्रशासनिक कार्रवाई के साथ-साथ पेनल्टी भी लगाई जाए। जगत सिंह नेगी ने जल शक्ति विभाग और विद्युत बोर्ड को परियोजना स्थल पर पानी और बिजली की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बागवानी मंत्री ने कहा कि 15 जून तक संतोषजनक प्रगति न होने की स्थिति में खराब प्रदर्शन करने वाले ठेकेदारों को ब्लैक लिस्ट कर अनुबंध रद्द कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कार्य में गुणवत्ता नहीं होने पर संबंधित फर्मों के साथ-साथ देख-रेख के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की भी जवाबदेही तय की जाएगी। बैठक में निदेशक बागवानी डॉ. सतीश शर्मा, एचपी शिवा परियोजना के निदेशक डॉ. देविंद्र सिंह ठाकुर, जल शक्ति विभाग और विद्युत बोर्ड के अधीक्षण अभियंता, हमीरपुर के उप-निदेशक बागवानी, सिरमौर के उप-निदेशक बागवानी और बागवानी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेे।