बंगाल में भाजपा की प्रचंड विजय “सोनार बांग्ला” का सूर्योदय – अनुराग ठाकुर
बंगाल में भाजपा की प्रचंड विजय “सोनार बांग्ला” का सूर्योदय – अनुराग ठाकुर
नई दिल्ली: पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने बंगाल, आसाम, पुडुचेरी विधानसभा चुनावों में भाजपा की प्रचंड जीत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी व भारतीय जनता पार्टी पर जनता के बढ़ते भरोसे का प्रमाण बताया है।
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा “ भारतीय जनता पार्टी ने बंगाल, आसाम, पुडुचेरी विधानसभा चुनावों में प्रचंड जीत हासिल कर इतिहास रच दिया है। बंगाल, आसाम, पुडुचेरी विधानसभा चुनावों में भाजपा की प्रचंड जीत आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी व भारतीय जनता पार्टी पर जनता के बढ़ते भरोसे का प्रमाण बताया है। तीन राज्यों में विजय परिणाम भाजपा कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत, समर्पण व कुशल कार्यशैली का परिणाम है। बंगाल में भाजपा की यह जीत सोनार बंगाल के सुनहरे भविष्य का सूर्योदय है जहाँ भय हारा, भरोसा जीता है। मैं बंगाल की सम्मानित जनता को इस जनादेश के लिए नमन करता हूँ। बंगाल की जनता ने तुष्टिकरण को नकार कर मोदी जी के साथ को चुना। आज ममता के माफियाराज से बंगाल मुक्त हुआ और अब वहाँ सुशासन, व सबका साथ सबका विकास की सरकार बंगाल को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। हम पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी, रवींद्र नाथ टैग़ौर, बंकिम चंद्र चटर्जी , विवेकानंद जी के सपनों का बंगाल बनाने के लिए कटिबद्ध हैं। बंगाल में डबल इंजन की सरकार प्रदेश के चहुमुखी विकास पर फोकस करेगी। जय जीत बंगाल में कमल खिलाने वाले उन कार्यकर्ताओं को समर्पित है जिन्होंने टीएमसी के आतंक से लड़ते अपना बलिदान दे दिया। भाजपा बंगाल, बंगाली, और बंगाली अस्मिता को सहेजने, संवारने, उन्नत बनाने व घुसपैठियों को योजनाबद्ध तरीके से बंगाल से बाहर करने का काम करेगी”
अनुराग ठाकुर की ‘ क्लाइमैक्स एंट्री ‘ ने मछली राजनीति पर भाजपा को दिलाई बढ़त
पश्चिम बंगाल के चुनाव में तृणमूल कांग्रेस भाजपा के खिलाफ जो नारा सबसे अधिक बुलंद कर रही थी. उसमें यह शामिल था कि भाजपा राज्य की संस्कृति और खानपान पर प्रहार करने वाली है। अगर राज्य में भाजपा जीत जाएगी. उसके बाद यहां की जनता को ‘ मीट और मछली ‘ नहीं खाने दिया जाएगा. पश्चिम बंगाल के सबसे पसंदीदा खान-पान मछली को भाजपा सबसे पहले अपने निशाने पर लेगी। यह एक ऐसा भावनात्मक मुद्दा था। जो पश्चिम बंगाल की जनता को चिंतित भी कर रहा था. इसकी वजह यह है कि बिहार, उड़ीसा की तरह ही पश्चिम बंगाल में भी मछली दैनिक जीवन के खान-पान का हिस्सा है. इसके बिना यहां पर भोजन को संपूर्ण नहीं माना जाता है । लेकिन मछली के मुद्दे पर जिस तरह से पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर की ‘ एंट्री ‘ हुई. उसने मछली पर प्रदेश की राजनीति का ‘ क्लाइमेक्स ‘ ही बदल दिया।
भाजपा के सामने राज्य के चुनाव में शामिल चिंता में यह भी शामिल था कि बंगाली संस्कृति, भाषा और खान-पान के मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस की ओर से उसके खिलाफ फैलाई जा रहे माहौल को वह किस तरह से रोके। इसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर की मछली के साथ एंट्री ने भाजपा का यह काम आसानी से कर दिया। वह सार्वजनिक रूप से दोपहर के भोजन में मछली खाते हुए नजर आए। यही नहीं, उन्होंने कहा कि यह कोई छुपाने की बात नहीं है कि वह मछली खाते हैं। अगर किसी मांसाहारी व्यक्ति ने अपने जीवन में पश्चिम बंगाल में आने के बाद मछली नहीं खाई है। इसका मतलब यह है कि उसने बंगाल का पूरा आतिथय श सत्कार स्वीकार नहीं किया है. वह बंगाल की संस्कृति से जुडा नहीं है। उन्होंने मछली खाने के कई लाभ भी बताएं. उनके इस सार्वजनिक बयान से राज्य की जनता के बीच यह संदेश गया कि भाजपा कुछ भी करेगी। लेकिन मछली खाने पर किसी तरह का प्रबंध नहीं लगाएगी। जिससे तृणमूल का मछली अभियान विफल हो गया। यह बताया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल के युवाओं के बीच अनुराग ठाकुर एक आइकन या आदर्श की तरह माने जाते हैं. उनकी फिटनेस से जुड़े वीडियो को कई लोग फॉलो करते हैं। इसके साथ ही पूर्व में उनके सूचना प्रसारण मंत्री रहने के दौरान जिस तरह से उन्होंने क्षेत्रीय भाषा के कंटेंट और खासकर बांग्ला कंटेंट को बढ़ाने का कार्य किया था। उसकी वजह से भी वह यहां की जनता के बीच काफी लोकप्रिय हैं। ऐसे में उनके मछली वाले ‘ क्लाइमैक्स एंट्री ‘ ने भाजपा के लिए एक अलग ही माहौल बनाया। जिसमें मछली ‘ चुनाव की रानी ‘ बनी और उसने भाजपा को यहां की ‘ सत्ता का राजा ‘ बनाने में मदद की।