हिमाचल: मुख्यमंत्री सुक्खू ने पेश किया 54,928 करोड़ का बजट; मुख्य बिंदु:-
हिमाचल: मुख्यमंत्री सुक्खू ने पेश किया 54,928 करोड़ का बजट; मुख्य बिंदु:-
हिमाचल : प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू आज अपने कार्यकाल का चौथा बजट पेश किया। केंद्र सरकार से राजस्व घाटा अनुदान बंद होने को आधार बनाकर सीमित संसाधनों के चलते मुख्यमंत्री ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 54,928 करोड़ रुपये के बजट अनुमान पेश किए, जो चालू वित्त वर्ष से 3586 करोड़ रुपये कम हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था, शिक्षा व स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए कोई कटौती नहीं की गई है। जलशक्ति, लोक निर्माण जैसे विभागों के बजट को भी कम नहीं किया गया है। वित्तीय अनुशासन की दिशा में बड़ी घोषणा की गई।
आर्थिक संकट के बीच सीएम ने अपना, उपमुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों का वेतन 3 से 50 फीसदी तक छह महीने के लिए स्थगित करने की घोषणा की।इसमें मुख्यमंत्री के वेतन का 50 फीसदी, उप मुख्यमंत्री व मंत्रिमंडल के सदस्यों के वेतन का 30 प्रतिशत व विधायकों के वेतन का 20 प्रतिशत अगले 6 महीनों के लिए अस्थायी रूप से स्थगित करने की घोषणा की। सभी निगम-बोर्ड अध्यक्ष , उपाध्यक्ष और सलाहकारों के वेतन का 20 प्रतिशत भी इसी अवधि के लिए अस्थायी रूप से स्थगित रहेगा। मुख्य सचिव, एसीएस, प्रधान सचिव के वेतन का 30 प्रतिशत। सचिवों, एचओडी का 20 प्रतिशत डेफर रहेगा। डीजीपी व एडीजीपीएस का 30 प्रतिशत तथा आईजी, डीआईजी , एसएसपी व एसपी स्तर तक के पुलिस अधिकारियों का 20 प्रतिशत वेतन स्थगित रहेगा। इसके अलावा वन विभाग प्रमुख, सभी पीसीसीएफ एवं अतिरिक्त पीसीसीएफ का 30 प्रतिशत तथा सीसीएफ, सीएफ एवं डीएफओ स्तर तक के अन्य वन अधिकारियों का 20 प्रतिशत वेतन अस्थायी रूप से स्थगित रहेगा। इसके साथ ही, ग्रुप-ए व ग्रुप-बी के अधिकारियों के वेतन का तीन प्रतिशत हिस्सा अगले 6 महीनों के लिए अस्थायी रूप से डेफर किया जाएगा। जबकि ग्रुप-सी व डी कर्मचारियों को पूर्णतः इससे बाहर रखा जाएगा और उन्हें पूरा वेतन मिलता रहेगा। बोर्ड-निगम, पीएसयू, स्वायत्त निकाय, विश्वविद्यालय और सरकार से ग्रांट इन एड प्राप्त करने वाली सोसाइटी वे भी इस निर्णय को सरकार के अनुरूप अपनाएं। न्यायपालिका की सांविधानिक गरिमा और स्वतंत्रता का पूरा सम्मान करते हुए, राज्य सरकार यह आशा करती है कि वर्तमान वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए जिला जज एवं अतिरिक्त जिला जजों के स्तर पर 20 प्रतिशत तथा न्यायिक स्थापना के ग्रुप-ए और ग्रुप-बी अधिकारियों के स्तर पर 3 प्रतिशत वेतन के अस्थायी स्थगन पर उच्च न्यायालय अपने मार्गदर्शन एवं सहमति से सरकार के अनुरूप विचार करेगा। सीएम ने कहा कि उच्च न्यायालय अपने विवेक सेवरिष्ठ स्तर पर स्वेच्छा से 30 प्रतिशत तक स्थगत पर भी विचार कर सकता है। यह केवल अस्थायी स्थगन है, और जैसे ही राज्य की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी, यह राशि वापस दे दी जाएगी। पेंशन में कोई कटौती नहीं होगी।
बजट के मुख्य बिंदु:-
1. ग्रामीण अर्थव्यवस्था एवं आजीविका सुदृढ़ीकरण
डेयरी सहकारी समितियों की संख्या इस वर्ष के अन्त तक दोगुनी कर 2 हज़ार तक पहुँचाने का लक्ष्य
निजी क्षेत्र में लगने वाले Bulk Milk Cooler की स्थापना तथा दूध एकत्रित करने के लिए खरीदे जाने वाले 10 वाहनों के लिए 65 प्रतिशत की Subsidy
A2 Milk की Testing व Branding करके इसे Himachal Pradesh Milk Federation के माध्यम से 100 रूपये प्रति लीटर खरीदने की व्यवस्था ।
दुग्ध के Procurement से जुड़ी प्रदेश की पंजीकृत सहकारी संस्थाओं के किसानों को DBT के माध्यम से दिए जाने वाले Milk Incentive को अगले वित्तीय वर्ष से 3 रूपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 6 रूपये प्रति लीटर किया जाएगा।
गद्दी, गुज्जर, किन्नौरा और अन्य सम्बन्धित समुदायों के 40 हज़ार से अधिक परिवारों के लिए एक सशक्त बनाने हेतु 300 करोड़ रूपये के परिव्यय के साथ PEHEL (Pastoralists Empowerment in Himalayan Ecosystems for Livelihood) योजना प्रारम्भ की जाएगी।
पशु संख्या या चराई क्षेत्र की पाबन्दियों में उचित छूट देने पर विचार
ऊन की कटाई, सफाई, Testing, Grading और Packing की वैज्ञानिक व्यवस्था व ऊन के खरीद मूल्य को Market Stabilization Scheme के तहत 100 रुपये प्रति किलोग्राम के Support Price की घोषणा ।
मुर्गी पालन के क्षेत्र में आगामी पांच वर्षों में 62 करोड़ रूपये की लागत से स्वरोजगार की उड़ान-Comprehensive Himachal Integrated Commercial Poultry Scheme (CHIC) को लागू करने का प्रस्ताव
गौ-संरक्षण और बेसहारा पशुओं के पुनर्वास को प्राथमिकता \।
मत्स्य पालन क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने तथा मछुआरों के कल्याण के लिए “मुख्य मन्त्री मछुआरा सहायता योजना” शुरू करने की घोषणा ।
जलाशयों से पकड़ी गई मछलियों पर रॉयल्टी की दर को 7.5 प्रतिशत से घटाकर “एक प्रतिशत” करने की घोषणा।
2. सतत् कृषि, बागवानी एवं वन
गेहूँ का MSP 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलोग्राम किया जाएगा। मक्का का MSP 40 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये प्रति किलोग्राम होगा। पांगी घाटी की जौ का MSP 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलोग्राम किया जाएगा। हल्दी का MSP 90 रुपये से बढ़ाकर 150 रुपये प्रति किलोग्राम किया जाएगा। राज्य में पहली बार अदरक के लिए 30 रुपये प्रति किलोग्राम का MSP प्रावधान किया जा रहा है।
सरकार बीज सम्प्रभुता सुनिश्चित करने हेतु “बीज गाँव” स्थापित करेगी, जहाँ 50-100 किसान पारंपरिक बीज उत्पादन करेंगे। उत्पादकों को प्रति बीघा 5,000 रुपये सब्सिडी और प्रत्येक गाँव को 2 लाख रुपये का एकमुश्त Infrastructure अनुदान मिलेगी।
सरकार प्रदेश में हिमाचल प्रदेश राज्य किसान आयोग अधिनियम के माध्यम से “हिमाचल प्रदेश राज्य किसान आयोग” का गठन करेगी।
> कृषि विज्ञान केन्द्र हमीरपुर स्थित बड़ा में किसानों के प्रशिक्षण केंद्र व Hydroponic के लिए Centre of Excellence स्थापित किया जाएगा।
➤ 400 डेयरी फार्मिग इकाइयाँ स्थापित की जाएंगी, 600 लाभार्थियों को सेवा क्षेत्र में सहयोग दिया जाएगा तथा 10 करोड़ रूपये की सहायता फार्म मशीनरी पर 50:50 के अनुपात में Cost Sharing के आधार पर दी जाएगी।
वर्ष 2026-27 के लिए मुख्यमंत्री खेत बाड़बन्दी योजना में 10 करोड़ रूपये का प्रावधान किया है।
HPSHIVA परियोजना लगभग एक हजार 292 करोड़ रूपये की अनुमानित लागत से प्रदेश के जिला बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मण्डी, सोलन, सिरमौर और ऊना के 52 विकास खण्डों में चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी।
गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु जिला कांगड़ा के शाहपुर और जिला सिरमौर के बागथन में दो आधुनिक फाउंडेशन ब्लॉक की स्थापना का प्रस्ताव।
मण्डी जिले के हराबाग और समराहण में दो टेक्नोलॉजी सेंटर-Farmer Advisory & Capacity Development Centre (FACDC)
और Farmer Enterprise Incubation Centre (FEIC) की स्थापना का प्रस्ताव ।
लगभग 5 करोड़ की अनुमानित लागत से नगरोटा बगवां (कांगड़ा), दधोल (बिलासपुर) और नादौन (हमीरपुर) में तीन Post-Harvesting Management Facilities स्थापित की जाएंगी।
“मिशन 32 प्रतिशत” के अर्न्तगत Forest Cover वर्ष 2030 तक 32 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य ।
8 हज़ार हैक्टेयर क्षेत्र में पौधरोपण का लक्ष्य।
राजीव गांधी वन संवर्धन योजना के अन्तर्गत लगभग 4 हज़ार हेक्टेयर क्षेत्र में एक हज़ार 100 सामुदायिक समूहों को वित्तीय सहायता प्रदान करते हुए, वृक्षारोपण का लक्ष्य ।
वर्ष 2026-27 में 50 नए स्थल ईको टूरिज्म के लिए विकसित किए जाएंगे। लगभग 50 प्रमुख वन विश्राम गृहों की बुकिंग को ऑन लाइन किया जाएगा।
बनखण्डी, कांगड़ा में बन रहे Zoological Park के लिए वर्ष 2026-27 के लिए 220 करोड़ का प्रावधान ।
Forest Ecosystems and Climate Proofing Project के अन्तर्गत लगभग 320 करोड़ रूपये के परिव्यय से इस परियोजना का दूसरा चरण का प्रारम्भ ।
Himachal Pradesh Forest Ecosystems Management and Livelihood Project के लिए 100 करोड़ रूपये तथा Integrated Development Project (IDP) के लिए वर्ष 2026-27 के लिए 50 करोड़ रूपये व्यय किया जाना प्रस्तावित है।
3. समावेशी सामाजिक कल्याण एवं महिला-बाल विकास
दिव्यांगजनों को मिलने वाली सामाजिक सुरक्षा पेंशन को प्रति माह सतरह सौ रूपये से बढ़ाकर तीन हज़ार रूपये प्रति माह करने की घोषणा ।
मानसिक बीमारी से ठीक हो चुके और परिवार द्वारा स्वीकार न किए गए व्यक्तियों के पुनर्वास हेतु दो नए हाफ वे होम स्थापित करने की घोषणा ।
सुन्दरनगर स्थित विशेष योग्यताओं वाले बच्चों हेतु संस्थान की क्षमता को 150 से बढ़ाकर 200 सीटें करने का प्रस्ताव है।
मुख्यमन्त्री महिला सशक्तिकरण योजना के अन्तर्गत ग्रामीण क्षेत्रों की पात्र महिलाएं को तीन लाख रूपये तक का Subsidized ऋण स्वरोजगार इकाईयां स्थापित करने हेतु उपलब्ध करवाया जाएगा।
‘मुख्यमंत्री कन्यादान योजना’ तथा ‘मुख्यमंत्री शगुन योजना’ का एकीकरण कर एक नई योजना ‘शुभ विवाह योजना’ प्रारंभ की जाएगी। इसके अंतर्गत BPL परिवार तथा मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अन्तर्गत आने वाली 21 वर्ष से अधिक आयु की पात्र बालिकाओं/महिलाओं के विवाह के समय सरकार द्वारा 51 हज़ार रूपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
सरकार द्वारा सशक्त महिला योजना एवं वो दिन योजना को प्रभावी बनाने व इनमें एकरूपता लाने तथा सार्वजनिक संसाधनों के अधिकतम उपयोग को सुनिश्चित करने हेतु, इन दोनों योजनाओं को “सशक्त नारी, स्वस्थ परिवार एकीकृत (IEC) मिशन” के अन्तर्गत एकीकृत किया जाएगा।
यौन शोषण से पीड़ित बालिकाओं व महिलाओं का मान-सम्मान, आत्मविश्वास तथा उनका आर्थिक व सामाजिक पुनर्वास हेतु एक नई योजना आरम्भ करने की घोषणा।
कोटला बरोग, सिरमौर में बन रहे Model De-Addiction Center के पास ही दो करोड़ रूपये की लागत से एक Observation Home व Special Home स्थापित किया जाएगा।
बाल आश्रम घुमारवीं, सुजानपुर, कल्पा, साहो, गरली, कुल्लू, सुन्दरनगर, टूटीकण्डी तथा कोटला बड़ोग में भवन निर्माण व मुरम्मत हेतु दो करोड़ रूपये प्रति संस्थान देने हेतु 18 करोड़ रूपये की राशि का आवंटित करने की घोषणा।
“इन्दिरा गांधी सुख शिक्षा योजना” में विस्तार करते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 से इस योजना की पात्र लाभार्थियों के बच्चे, जो प्रदेश के बाहर भी IIT, NIT, IIM, AIIMS तथा NLUs जैसे प्रतिष्ठित सरकारी व्यवसायिक संस्थानों में प्रवेश पाएंगे, उनकी पाठ्यक्रम फीस, छात्रावास शुल्क तथा मैस शुल्क आदि पर आने वाला समस्त व्यय सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
4. शिक्षा सुधार एवं लर्निंग संवर्धन
प्रदेश सरकार ने न सिर्फ स्कूलों का Rationalization किया है बल्कि उनमें Quality Education की ओर विशेष ध्यान दिया है। प्रदेश के 100 स्कूलों को Central Board of School Education (CBSE) से सम्बद्ध करने का निर्णय लिया गया था। अभिभावकों के उत्साह को देखते हुए यह संख्या 150 तक पहुँच गई है। इन विद्यालयों में बच्चों के नामांकन में वृद्धि देखी जा रही है।
साथ ही हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड से सम्बद्ध 300 Senior Secondary Schools में भी समकक्ष सुविधाएँ दी जाएँगी। अगले वर्ष 150 और सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों को CBSE से सम्बद्ध किया जाएगा और 150 हिमाचल बोर्ड से जुड़े
विद्यालयों को समकक्ष रूप से स्तरोन्नत किया जाएगा। इन सभी विद्यालयों के लिए एक Dedicated Cadre का भी सृजन किया जाएगा ।
मुख्यमंत्री बाल पोषण योजना के तहत बच्चों को सप्ताह में दो दिन अतिरिक्त पोषण की व्यवस्था जारी रखने हेतु 17 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान।
राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूलों के नए भवनों के निर्माण और वर्तमान में क्रियाशील विद्यालयों को Upgrade करने का काम चल रहा है। 49 ऐसे स्कूलों को लगभग 99 करोड़ रुपये आवंटन करने की घोषणा ।
नादौन (हमीरपुर), सुन्दरनगर (मण्डी), पपरोला (कांगड़ा), सरकाघाट (मण्डी), संधोल (मण्डी), मतियाणा (शिमला), रोहडू (शिमला), जुब्बल (शिमला), माजरा (सिरमौर) और मोरसिंघी (बिलासपुर) में Sports Hostels के स्तर में व्यापक सुधार और इनमें प्रशिक्षित कोच तथा अन्य स्टाफ नियुक्त किए जाएँगे।
प्रदेश के सभी Senior Secondary Schools Senior Secondary Schools में चौकीदार और Multi Task Workers के पदों को चरणबद्ध तरीके से भरा जाएगा।
वर्ष 2026-27 से प्रदेश के Under Graduate Courses को पूरे देश से Align करने के लिये निम्नलिखित व्यवस्था परिवर्तन किया जाएगाः-
सभी UG कोर्स Semester System के माध्यम से चलाए जाएंगे।
Flexible UG Degree Programme की शुरुआत और विद्यार्थियों को Multiple Entry और Multiple Exit का विकल्प दिया जाएगा।
चुने हुए Degree Colleges में 4 वर्षीय Bachelor Degree with Honours और Research शुरू की जाएगी।
Academic Bank of Credits (ABC) को शुरू किया जाएगा।
Multi-Disciplinary Approach को बढ़ावा दिया जाएगा।
चुने हुए Colleges में Apprenticeship Embedded Degree Programme शुरू किए जाएंगें।
प्रदेश के Tier-I Colleges में विदेशी भाषाओं की पढ़ाई शुरू की जाएगी।
हमीरपुर में प्रदेश का पहला Science College और हरिपुर गुलेर (काँगड़ा) में प्रदेश का दूसरा Fine Arts College स्थापित करने की घोषणा ।
प्रदेश के निम्न महाविद्यालयों को पहले चरण में Sports की दृष्टि से विकसित किया जाएगाः- GDC Ghumarwin, GDC Chamba, GDC Chowari, GDC Hamirpur, GDC Nadaun, GDC Dharamshala, GDC Palampur, GDC Dhaliara, GDC Kinnaur, GDC Kullu, GDC Mandi, GDC Sarkaghat, GDC Jogindernagar, GDC Saraswati Nagar, GDC Seema, GDC Rampur, GDC Reckong Peo, GDC Paonta Sahib, GDC Nahan, GDC Nalagarh, GDC Una और GDC Haroli
प्रदेश के Colleges में चल रहे Bachelor of Vocation Courses का विस्तार करके इन्हें 50 महाविद्यालयों में Self Financing Mode में शुरू किया जाएगा।
प्रदेश में Academia Industry Connect को बेहतर करने के लिये CSR Initiatives और PPP Mode में Industry Oriented Courses शुरू किए जाने की पहल की जाएगी।
Colleges में Online Learning, Blended Learning और Digital Learning को बढ़ावा देने के लिए Dedicated Lease Line की व्यवस्था की जाएगी।
प्रदेश में कुछ Degree Colleges ऐसे हो गये हैं जिनमें बच्चों की संख्या सौ से भी कम रह गई है, पहले चरण में हम ऐसे Colleges के बच्चों को जिनमें 75 से कम विद्यार्थी हैं, यदि वे District Head Quarter के Colleges में Admission लेते हैं तो उन्हें प्रति मास पांच हज़ार रूपये की राशि Stipend के तौर पर दी जायेगी ।
प्रदेश के महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापकों के 389 पदों की भर्ती जल्द ही सरकार भर्ती प्रक्रिया शुरू करेगी।
तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार को जोड़ने हेतु Training and Placement Portal बनाया जाएगा।
जिला बिलासपुर के घुमारवीं क्षेत्र में Self-Financing Mode के अन्तर्गत एक Skill Academy स्थापित की जाएगी।
11 Government Polytechnics और एक Engineering College में New Age एवं Future-Oriented Courses शुरू किए जाएंगे।
5. हरित हिमाचल- स्वच्छ ऊर्जा एवं जलवायु प्रतिबद्धता
Revamped Distribution Sector Scheme (RDSS) के तहत वर्ष में बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिये 450 करोड़ रूपये खर्च किये जाने का प्रावधान है।
ऊर्जा क्षेत्र में Global Standard हासिल करने के लिये Uniform Environment Social Policy Procedure लागू व Integrated Resource Planning System शुरू किया जायेगा।
6 Battery Energy Storage System (BESS) युक्त सौर परियोजनाओं-सनेहड़ (11MW), दभोटा (9MW), टिहरा खास (6MW), माजरा (8MW), घन्द्रान (10MW) और सुकोहन (5MW) को स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की जायेगी।
सिरमौर के पांवटा साहिब में 200 MVA क्षमता के 220/132 KV के GIS Substation का निर्माण लगभग 124 करोड़ रुपये की लागत से किया जाना प्रस्तावित है। यह काम वर्ष 2026-27 में शुरु कर दिया जायेगा।
काँगड़ा जिला के धर्मशाला और बैजनाथ में 63 MVA के दो GIS उपकेन्द्रों का निर्माण लगभग 221 करोड़ रुपये की लागत से किया जायेगा।
धारकुण्डा से माजरा तक की 29 किलोमीटर लम्बी ट्रांसमिशन लाईन का निर्माण कार्य भी आंरभ किया जायेगा। इस पर लगभग 41 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे ।
राजीव गांधी Start-up स्वरोजगार सौर योजना के तहत 100 किलोवाट से 2 मैगावाट तक की परियोजनाएं स्थापित करने के लिये जनजातीय क्षेत्रों में 5 प्रतिशत तथा शेष क्षेत्रों में प्रतिशत बजट अनुदान दिया जायेगा। 4
ग्राम पंचायतों में स्थापित की जा रही 500 KW Ground Mounted की सोलर परियोजनाओं के क्रियाशील होने पर आय का 30 प्रतिशत भाग ग्राम पंचायत और इसका 20 प्रतिशत भाग पंचायत क्षेत्र के वन्चित वर्गों के कल्याण पर खर्च किया जायेगा।
6. स्वास्थ्य सेवा अवसंरचना का सुदृढ़ीकरण एवं आधुनिकीकरण
प्रत्येक पर 25 करोड़ रूपये व्यय के साथ Government Medical College टाण्डा, हमीरपुर तथा AIMSS शिमला स्थित चमियाणा में एक-एक Track Based Integrated Total Laboratory Automation System वाली Advance Testing Lab स्थापित की जाएगी।
IGMC शिमला, Government Medical College(GMC) टाण्डा, हमीरपुर तथा नेरचौक में 20 करोड़ रूपये की लागत से Bone Marrow Transplant & Apheresis Units स्थापित की जाएंगी।
GMC हमीरपुर, तथा नेरचौक के लिए लगभग 46 करोड़ रूपये की लागत से PET Scan मशीनें खरीदी जाएगी।
PET Scan की सुविधा को Government Medical College टाण्डा व IGMC Shimla में भी जल्द ही शुरू किया जाएगा।
AIMSS शिमला स्थित चमियाणा में 20 करोड़ रूपये की लागत से एक Digital Subtraction Angiography मशीन खरीदी जाएगी।
IGMC, शिमला में;
रोबोटिक सर्जरी हेतु आवश्यक एनेस्थीसिया उपकरणों की खरीद के लिए 5 करोड़ रूपये,
OBG विभाग की यूनिट स्थापना एवं रोबोटिक सर्जरी हेतु मशीनरी व उपकरणों की खरीद के लिए 3 करोड़ 68 लाख
रूपये,
मशीनरी व उपकरणों की खरीद हेतु 2 करोड़ 38 लाख रूपये,
शल्य चिकित्सा विभाग में 4K Laparoscopic Sets एवं Electro Surgical Station की खरीद हेतु 5 करोड़ रूपये निर्धारित किए है।
लिफ्ट स्थापना हेतु 2 करोड़ 38 लाख रूपये तथा लेक्चर थियेटर निर्माण हेतु 6 करोड़ रूपये, छात्राओं के छात्रावास हेतु Corrostophen Estate, लक्कड़ बाजार में 10 करोड़ रूपये का प्रावधान किया जाएगा।
Government Medical College नाहन में मशीनरी एवं उपकरणों की खरीद हेतु लगभग दो करोड़ रूपये की राशि जारी की जाएगी।
Government Medical College चम्बा में कौशल प्रयोगशाला (Skill Lab) निर्माण हेतु एक करोड़ 33 लाख रूपये की राशि का प्रावधान
किया गया है।
ZH कुल्लू, ZH ऊना, RH सोलन, Medical College चम्बा व नाहन और टाण्डा में Cath Labs स्थापित की जाएंगी।
Government Medical College चम्बा के फेस-II को शुरू किया जाएगा, जिसकी अनुमानित लागत 194 करोड़ रूपये है।
Government Medical College नाहन में कॉलेज के निर्माण हेतु 500 करोड़ रूपये खर्च किए जाएंगे।
Government Medical College चम्बा, हमीरपुर तथा नाहन में प्रत्येक संस्थान में 40 बिस्तरों वाली Intensive Care Units(ICUs) स्थापित की जाएगी।
Government Medical College टाण्डा में लेक्चर थियेटर निर्माण हेतु 14 करोड़ 86 लाख रूपये व कॉलेज के भवन के रखरखाव हेतू 2 करोड़ 27 लाख रूपये का प्रावधान किया जाएगा।
Government Medical College हमीरपुर के Super Speciality Block के निर्माण हेतु 150 करोड़ रूपये का प्रावधान किया जाएगा।
हमीरपुर में 200 करोड़ रूपये की लागत से एक नए डेंटल कॉलेज की स्थापना का भी प्रस्ताव इस चरण में शामिल है। इसके अतिरिक्त Government Medical College, हमीरपुर में ऑडिटोरियम निर्माण हेतु 6 करोड़ रूपये तथा डॉक्टरों के आवास हेतु 7 करोड़ रूपये की राशि का प्रावधान किया जाएगा।
AIMSS Chamiyana में क्रिटिकल केयर और एडिशनल ब्लॉक के Attic फ्लोर पर 10 करोड़ रूपये की लागत से हॉस्टल निर्माण किया जाएगा।
Government Medical College टाण्डा के नर्सिंग स्कूल हेतु 2 करोड़ 50 लाख रूपये का प्रावधान किया जाएगा।
Government Medical College मण्डी स्थित नेरचौक में छात्रों हेतु छात्रावास निर्माण हेतु 8 करोड़ 50 लाख रूपये की राशि जारी की जाएगी।
18 डे-केयर कैंसर सेंटर्स (DCCCs) और चार टर्शियरी केयर सेंटर्स IGMC शिमला, Government Medical College टाण्डा, AIIMS बिलासपुर और Government Medical College मण्डी के बीच Tele-Oncology सेवाएं स्थापित की जानी प्रस्तावित है।
प्रदेश की बेटियों की सुरक्षा के लिए Human Papillomavirus (HPV) टीकाकरण कार्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव।
समाज में बढ़ रही नशे की लत को दूर करने के लिए नीति आयोग की मदद से State Action Plan बनाया जाएगा।
चिकित्सा अधिकारी के 23 पद सृजित किए गए हैं तथा 232 पदों को लोक सेवा आयोग के माध्यम से भरने हेतु प्रक्रिया जारी है।
150 सहायक स्टाफ नर्स, 30 रेडियोग्राफर, 40 फार्मेसी ऑफिसर, 500 रोगी मित्र एवं 99 OTAS सहित पैरामेडिकल पद भी भरे जाएंगे।
सहायक स्टाफ नर्सों के 900 पदों, पैरा मैडिकल स्टाफ के 124 पदों तथा जेओए आईटी के 50 पदों को राज्य चयन आयोग के माध्यम से भरने हेतु प्रक्रिया जारी है।
मेडिकल कॉलेजों एवं अस्पतालों में विभिन्न संकायों के प्रवक्ताओं के 64 नए पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है।
स्टेट कैंसर संस्थान, हमीरपुर क्रियान्वयन हेतु विभिन्न श्रेणियों के 469 पदों को (111 पद फैकल्टी, 180 पद नर्सिंग, 55 पद पैरा मेडिकल स्टाफ तथा 123 अन्य सहायक श्रेणियों के) सृजित किया गया है, जिन्हें आगामी वर्ष में भरा जाएगा।
आगामी वर्ष में कुपोषण, एनीमिया तथा Micronutrient की कमी को दूर करने के उद्देश्य से पोषण अभियान के अनुरूप एक व्यापक State Nutrition Policy लाने की घोषणा।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत सात वर्ष पूर्ण कर चुके विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों को एक अप्रैल, 2026 से एकमुश्त औसतन 14 हज़ार रुपये की वृद्धि प्रदान की जाएगी।
जो शेष कर्मचारी सात वर्ष का लाभ इस वित्तीय वर्ष से प्राप्त नहीं करेंगे, ऐसे सभी कर्मचारियों को 1 अप्रैल, 2026 से मूल वेतन पर 5 प्रतिशत की वृद्धि दी जाएगी।
चिकित्सा अधिकारी जो अभी तक नियमित नहीं हुए हैं, उनका मासिक वेतन 33 हजार 660 रुपये से बढ़ाकर 40 हज़ार रुपये किया जाएगा।
प्रमाण-आधारित (Evidence Based) आयुर्वेद को बढ़ावा देने और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएँ सुनिश्चित करने हेतु एक समर्पित आयुर्वेद अनुसंधान विंग स्थापित किया जाएगा।
उच्च हिमालयी क्षेत्रों की औषधीय संपदा के उपयोग हेतु लाहौल-स्पीति और अन्य उपयुक्त क्षेत्रों में हर्बल गार्डन स्थापित करने की संभावनाएँ तलाशी जाएंगी।
वर्तमान में चल रही तीन सरकारी आयुर्वेदिक फार्मेसियों को HIMOSHDHAM सोसाइटी के अंतर्गत लाया जाएगा ताकि उनका आधुनिकीकरण हो सके। प्रारंभिक संचालन हेतु एक करोड़ रूपये की अनुदान प्रदान दिया जाएगा और प्रत्येक फार्मेसी में मल्टी-टास्क वर्कर नियुक्त किए जाएंगे।
जारी………………………………………
जारी………………………………………
7. पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विकास प्रोत्साहन
Public Private Mode में एक सुरक्षित Digital Visitor Registration and Tourism Intelligence System प्रारम्भ करने का प्रस्ताव।
Sustainable and Inclusive Tourism Development Project in Himachal Pradesh के अंतर्गत राज्य में Skill Training and Support Consultant Centre की स्थापना करेगी।
वर्ष 2026-27 में लगभग 345 करोड़ 34 लाख रुपये की राशि निम्न विकासात्मक कार्यों पर व्यय की जाएगीः-
कालेश्वर महादेव में सड़क किनारे सुविधाओं का निर्माण।
शिमला में वेलनेस सेंटर का निर्माण।
नगरोटा बगवां में अत्याधुनिक फव्वारे का निर्माण ।
माउंटेन बाइकिंग मार्गो का निर्माण और विकास, इत्यादि ।
गगल, कांगड़ा हवाई अड्डे के प्रस्तावित विस्तार के लिए राज्य सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है, जिसके लिए तीन हजार 349 करोड़ रुपये की Rehabilitation and Resettlement Plan को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।
काँगड़ा एयरपोर्ट के समीप “Kangra Aerocity” नामक एक नए शहर के विकास की योजना ।
होमस्टे मालिक जो पर्यावरण-अनुकूल स्वच्छता, शून्य-अपशिष्ट प्रणाली, और स्थानीय परंपराओं को अपनाएँगे, उन्हें Sustainability प्रमाणपत्र मिलेगा।
Tourism Investment Promotion Council विशेष रूप से 50 करोड़ रूपये से अधिक के निवेश वाली पर्यटन परियोजनाओं के लिए Single Window, Timebound Facilitation Platform के रूप में कार्य करेगी।
ग्रामीण हिमाचल में स्लो टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके तहत प्रथम चरण में चयनित पंचायतों और गाँवों को “स्लो टूरिज्म स्पॉट्स” घोषित कर वहाँ गाँव भ्रमण, पारम्परिक भोजन, हस्तशिल्प, लोककथाएँ और किसानों कारीगरों से संवाद जैसे अनुभवों को पर्यटन उत्पादों में बदला जाएगा।
प्रदेश में “HP Women’s Tourism Fund” बनाया जाएगा, जिसका उद्देश्य पर्यटन क्षेत्र में महिलाओं को अपना काम शुरू करने के लिए सहायता प्रदान करना है।
“She Travels” शीर्षक से महिला-केंद्रित एकल यात्रा प्रोटोकॉल प्रारम्भ किया जाएगा।
पर्यटन को नए और अनुभवात्मक रूप (Experiential Tourism) में विकसित करने के लिए चयनित पर्यटन स्थलों पर “रात्रि पिकनिक” की एक अभिनव अवधारणा प्रारम्भ करने का प्रस्ताव।
होमस्टे ब्याज अनुदान योजना की सफलता के बाद अब नए बनने वाले मध्यम दर्जे के होटलों और उच्च-स्तरीय ढाबों (High-end Dhabas) के लिए ब्याज अनुदान योजना प्रारंभ करने का प्रस्ताव ।
हवाई संपर्क सुनिश्चित करने के लिए सरकार सभी जिला मुख्यालयों तथा जनजातीय क्षेत्रों में हेलीपोर्ट का निर्माण कर रही है। रक्कड़ एवं पालमपुर (कांगड़ा), जसकोट (हमीरपुर), सुल्तानपुर (चम्बा) और रोड़ा (ऊना) में हेलीपोर्ट इस वर्ष पूर्ण कर लिए जाएंगे। साथ ही रिकांगपिओ (किन्नौर), रंगरिक व फूंक्यार (लाहौल-स्पीती), किलाड़ (पांगी) व भरमौर (चंबा), बसाल (सोलन) तथा धारक्यारी (नाहन-सिरमौर) में भी निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
100 प्रतिशत VGF के अंतर्गत Fixed Wing हवाई सेवा के तौर पर दिल्ली-शिमला-दिल्ली तथा शिमला-धर्मशाला-शिमला मार्ग पर हफ्ते के सभी सात दिन उड़ानें शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके अतिरिक्त, हेलीकॉप्टर सेवा चण्डीगढ़-संजौली-चण्डीगढ़ मार्ग पर हफ्ते में छह दिन, प्रतिदिन दो बार संचालित की जाएगी। इसके अलावा, चण्डीगढ़-संजौली, संजौली-मनाली, संजौली-रामपुर-रिकांगपिओ तथा मण्डी-चण्डीगढ़ मार्गो पर भी नई हेलीकॉप्टर सेवाएँ प्रस्तावित हैं।
RCS-UDAN के अंतर्गत चल रही सेवाओं के साथ-साथ Private, Commercial Operators को शामिल कर हेली ऑपरेशन्स का पारिस्थितिकी तंत्र का विकास ।
8. नशामुक्त हिमाचल, युवा सशक्तिकरण एवं खेल विकास
वर्ष 2026-27 में 12 करोड़ रूपये के अनुमानित व्यय से एक Flagshsip Policy Initiative “खेलो हिमाचल-चिट्टा मुक्त अभियान” प्रारम्भ किया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे की लत, विशेषकर “चिट्ठा” जैसी घातक प्रवृत्ति से दूर कर खेलों के माध्यम से अनुशासन, प्रतिस्पर्धा और सकारात्मक जीवनशैली की ओर अग्रसर करना है।
वित्त वर्ष 2026-27 में हमीरपुर जिले के नादौन (Kharidi) में Multipurpose Sports Complex at Kharidi, Nadaun को एक State-of-the-Art Centre of Excellence for Sports and Youth Development Centre के रूप में क्रियाशील किया जाएगा। यह अत्याधुनिक खेल परिसर प्रदेश के युवाओं एवं खिलाड़ियों के लिए समर्पित होगा तथा इसे August 2026 तक आम जनता एवं खिलाड़ियों के लिए समर्पित करने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकार Indoor Stadium at Kalpa, Ghumarwin व कटासनी का कार्य शीघ्र पूर्ण करेगी।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में एक व्यापक नीति के अंतर्गत युवाओं में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए गैर-सट्टेबाजी (Non-Betting) आधारित ई-स्पोर्टस जो जो ओलंपिक के अंतर्गत भी आयोजित होते हैं एवं खेल आधारित डिजिटल प्रतियोगिताओं को प्रोत्साहित किया जाएगा।
ओलम्पिक 2036 को ध्यान में रखते हुए 10 से 12 साल के बच्चों के Potential की पहचान व उनके प्रशिक्षण पर एक सघन कार्यक्रम चलाया जाएगा।
9. स्वच्छ जल मिशन- स्वस्थ हिमाचल
2 सरकार लगभग हज़ार करोड़ रूपये की एक व्यापक परियोजना तैयार करेगी, जिसका लक्ष्य Water Quality में सुधार करना होगा व पुरानी स्कीमों का आधुनिकीकरण करना होगा। इसके लिए World Class Standards वाली Latest Technologies जैसे RO(Reverse Osmosis), Ozonation, Gaseous Chlorination इत्यादि को प्रयोग में लाया जाएगा।
राज्य में इस वित्त वर्ष में 15 योजनाओं में पेयजल शोधन हेतु RO/Ozonation/Gaseous Clorination के प्रयोग के साथ-साथ जल भण्डारण हेतु Latest Technology के Non-Reactive Tanks का उपयोग किया जाएगा।
प्रभावी क्लोरिनेशन के लिए, शुरू में एक हज़ार जल आपूर्ति योजनाओं में ब्लीचिंग पाउडर के उपयोग को पूर्ण रूप से Chlorine Gas प्रणाली से बदल दिया जाएगा।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में 500 सतही एवं भूजल आधारित योजनाओं में जल शोधन संयंत्रों के निर्माण का प्रयास किया जाएगा।
प्रथम चरण में 55 सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (STP) में Treated Wastewater को प्राकृतिक जल स्रोतों में छोड़ने से पूर्व गैसीय क्लोरीनीकरण की व्यवस्था की जाएगी।
लगभग 200 किलोमीटर पाइपों जिनकी उपयोगी आयु समाप्त हो चुकी है, उन्हें चरणबद्ध तरीके से बदला जाएगा।
शिमला शहर की पेयजल परियोजना में सतलुज नदी पर बने जल शोधन संयंत्र में लगभग 15 करोड़ रुपये की लागत से Ozonization System of Disinfection लगाया जाएगा। इस वर्ष चिन्हित क्षेत्र में पायलट आधार पर RO System भी स्थापित होगा। साथ ही, लगभग 10 हजार घरों को इस वर्ष से 24X7 जल आपूर्ति दी जाएगी।
10. अवसंरचना प्रोत्साहन सड़कें एवं परिवहन
काँगड़ा से कुल्लू के बीच शिल्हा-बधानी भुभु जोत कुल्लू सड़क दो लेन और भुभु-जोत सुरंग के निर्माण का कार्य NHAI जल्द ही किया जाएगा। मुध-भावा सड़क के निर्माण का जल्द ही किया जाएगा।
मुध-भावा सड़क जो दो भागों में विभाजित है, एक भाग स्पीति घाटी में और दूसरा भाग भावा टॉप से शुरू होकर किन्नौर में। स्पीति भाग के 62 किलोमीटर के भाग पर निर्माण कार्य प्रारंभकिया जाएगा, शेष सड़क के लिए विभिन्न औपचारिताएं पूर्ण कर कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा।
PMGSY-IV के तहत, राज्य ने ग्राम सड़क क लिए एक हज़ार 460 Uncovered बस्तियों का सर्वे किया है और इसे पीएम गति शक्ति पोर्टल पर Integrate करके एक हजार 538 किलोमीटर सड़कों के लिए 294 विस्तृत परियोजनाओं की स्वीकृति दे दी गई है, जिसकी अनुमानित लागत 2 हज़ार 244 करोड़ 23 लाख रूपये है। PMGSY-IV के बैच ।। के अंतर्गत एक हज़ार 200 करोड़ रूपये की लागत से 800 किलोमीटर की सड़कों के लिए स्वीकृति प्राप्त करवाने का प्रस्ताव है।
राज्य के निरंतर प्रयासों से, PMGSY-1 के तहत निर्माणाधीन सड़कें जो अधूरी थीं जैसे डोडरा क्वार को पूरा करने के लिए 31-3-2027 तक का समय विस्तार भी प्राप्त हो गया है।
मण्डी-गगल-चैलचोक-जंजैहली रोड का कार्य जल्दी शूरू होगा।
छैला-नेरीपुर-यशवंतनगर-ओछघाट-लवास चौकी प्रीत नगर सड़क (लगभग 204 करोड़ रूपये) की सैद्धांतिक सहमति प्रदान कर दी है।
कल्लर से बागछाल सड़क (लगभग 166 करोड़ रूपये) और हमीरपुर-सुजानपुर-थुरल-मरण्डा सड़क (लगभग 186 करोड़ रूपये) के प्रस्ताव भी तैयार हैं। सेतु बंधन योजना के अंतर्गत, राज्य ने ब्यास नदी पर बसंतीपट्टन से खेरी सड़क पर 116 करोड़ की अनुमानित लागत से एक पुल और डाडासिबा-बर्बोगटा सड़क पर ब्यास नदी पर 315 करोड़ रूपये की अनुमानित लागत से एक पुल का प्रस्ताव भी तैयार कर भेजा गया है।
वित्तीय वर्ष में राज्य सरकार 500 किलोमीटर मोटर योग्य सड़कों, एक हज़ार 255 किलोमीटर क्रॉस ड्रेनेज कार्यों, 950 किलोमीटर मेटलिंग और टारिंग, 47 पुलों के निर्माण, और एक हज़ार 500 किलोमीटर सड़कों के नवीनीकरण का प्रस्ताव करती है।
पर्यावरण को ध्यान रखते हुए, Tunneling पर Focus करते हुए चम्बा जोत टनल और जलोड़ी जोत टनल बनाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
लोक निर्माण व जल शक्ति विभाग में Joint Cadre के माध्यम से 149 कनिष्ठ अभियंता (सिविल) के पदों को भरा जाएगा।
11. ग्रामीण, पंचायती राज एवं शहरी विकास
Survey के माध्यम से BPL की सूची को बदले बिना प्रदेश के गरीब परिवारों में से अति गरीब परिवारों की पहचान कर उनकी Targeted तरीके से मदद की जाएगी।
एक लाख अति गरीब परिवारों को सरकार ‘अपने सुखी परिवार’ बनाएगी तथा इन परिवारों के लिए “मुख्य मंत्री अपना सुखी परिवार योजना” की घोषणा ।
सरकार द्वारा अपनी गारंटी को Implement करते हुए इन परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली प्रति माह देने की घोषणा।
जिन परिवारों के पास पक्के मकान नहीं हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पक्के मकान बनाने के लिए आर्थिक सहायता ।
इन एक लाख “मुख्य मंत्री अपना सुखी परिवारों” की बहनों को “इन्दिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना” का चरणबद्ध तरीके से विस्तार करते हुए 1500 रुपए प्रतिमाह की सम्मान राशि देने की भी घोषणा ।
सरकार मानती है कि महात्मा गाँधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी अधिनियम को समाप्त कर VB-G RAM-G योजना लागू करना गलत है। यह रोजगार गारंटी की मूल भावना को कमजोर करता है और राज्यों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालता है। अगले वर्ष हम 4 करोड़ Mandays सृजित करना चाहते हैं, जो आपदाओं और सीमित कृषि मौसम के कारण आवश्यक है। 60 दिवसीय विराम और लक्ष्य-आधारित प्रावधान से 300-600 करोड़ रूपये का अतिरिक्त बोझ होगा। हम भारत सरकार से विशेष परिस्थितियों पर विचार करने का आग्रह करेंगे।
पंचायत सचिव के 150 पदों को भरे जाएंगे। चरणबद्ध तरीके से पंचायत चौकीदार के खाली पद भी भरे जाएंगे।
चम्बा, घुमारवीं, नादौन, धर्मशाला, पालमपुर, मनाली, मण्डी, सुन्दरनगर, शिमला, रामपुर, नाहन, बद्दी, ऊना और संतोखगढ़ में Municipal Shared Service Centers (MSSC) स्थापित करेगी। Municipal Call Centre तथा State Level Implementation Centre(SIC) हमीरपुर में स्थापित किया जाएगा।
नवगठित/उन्नयनित शहरी स्थानीय निकायों के विलय क्षेत्रों में बेहतर नागरिक सेवाएँ प्रदान करने हेतु नगर परिषद् ज्वाली को 25 लाख रुपये तथा नवगठित 02 नगर पंचायतों (संगड़ाह और बीड़) को 50-50 लाख रुपये का आवंटिन।
“Central Business District” (CBD) परियोजना के अंतर्गत शिमला शहर में 400 करोड़ रूपये और हमीरपुर शहर में 200 करोड़ रूपये की लागत से वाणिज्यिक परिसरों का विकास किया जाएगा।
प्रदेश के 08 शहरों (शिमला, धर्मशाला, नादौन, ज्वालामुखी, सुबाथू, देहरा, सुन्नी व रामपुर) के मुख्य स्थलों को Creative Redevelopment of Cities/Growth Hubs में रूपांतरण के लिए की 600 करोड़ रुपये की प्रस्तावित परियोजना प्रगति पर है।
12. आईटी एवं नवाचार पहल
सोलन स्थित वाकनाघाट में Centre of Excellence- IT स्थापित किया जाएगा। एक Artificial Intelligence एवं Machine Learning Lab तथा Incubation Facility स्थापित की जाएगी। सफल Startups तथा IT/ITES कंपनियों को किराए के आधार पर स्थान उपलब्ध कराया जाएगा।
शिमला में एक Centre of Excellence in Artificial Intelligence स्थापित किया जाएगा।
जिला सोलन के वाकनाघाट में एक अत्याधुनिक Cyber City स्थापित की जाएगी।
Green Energy आधारित Data Centres को विशेष प्रोत्साहन प्रदान करेगी। ऐसे संस्थानों को 3 रूपये प्रति यूनिट की दर से Green Energy उपलब्ध कराई जाएगी।
प्रदेश में e-Governance को और सुदृढ़ बनाने के लिएः-
Mukhyamantri Seva Sankalp Helpline System एवं State Document Management Portal में Artificial Intelligence का प्रयोग किया जाएगा।
ग्रामीण नागरिकों को स्थानीय भाषा में Voice Command से सेवाएँ देने AI आधारित Citizen Services Assistant विकसित होगा।
13. कुशल गवर्नेस- राजस्व एवं आपदा प्रबंधन
लम्बित राजस्व मामलों को कम करने हेतु सरकार ने अक्टूबर 2023 से तहसील स्तर पर राजस्व लोक अदालतें शुरू कीं, जिनसे लाखों मामलों का निपटारा हुआ और विशेष लोक अदालतों से लंबित मामलों में उल्लेखनीय कमी आई।
आगामी वित्तीय वर्ष में ग्रामीण भूमि अभिलेखों के आधुनिकीकरण व डिजिटलीकरण पर 2 करोड़ 12 लाख खर्च किए जाएंगे।
Online Mutation Module अंतिम चरण में है, जिससे आवेदन, सत्यापन और अनुमोदन पूरी तरह ऑनलाइन होंगे।
सरकार लाइव जमाबंदी की ओर बढ़ रही है, जिससे म्यूटेशन के बाद स्वामित्व विवरण तुरंत अपडेट होंगे और नागरिकों को वास्तविक समय में प्रमाणिक अभिलेख मिलेंगे।
Sub-Registrar Offices को आधुनिक सेवा केंद्रों में बदला जाएगा; National Generic Document Registration System लागू किया है और अब पायलट परियोजना सोलन में शुरू होगी।
राजस्व विभाग में 645 पटवारी पद चरणबद्ध तरीके से भरे जाएंगे, जिसके लिए विज्ञापन जारी हो चुका है।
महिलाओं को संपत्ति खरीद पर स्टांप ड्यूटी में रियायत दी गई है; 80 लाख से 1 करोड़ रूपये तक की खरीद पर दर 4 प्रतिशत रहेगी।
भविष्य में आपदा जोखिम कम करने हेतु 400 करोड़ रूपये का प्रावधान है, जिसमें Flood Zonation Mapping, जोखिम वित्तपोषण और प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली को सुदृढ़ किया जाएगा।
14. उद्योग, आवास एवं आबकारी तथा कराधान
कृषि उत्पादों की वैल्यू चेन को मजबूत करने हेतु आगामी औद्योगिक नीति के अंतर्गत “One District Three Products” Programme शुरू होगा।
हिमाचल में रेशम पालन की चुनौतियों को दूर करने हेतु 2 करोड़ रूपये के बजटीय प्रावधान के साथ HIM Silk Mission शुरू किया जाएगा।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में 10 हजार युवाओं को औद्योगिक प्रशिक्षण दिया जाएगा और प्रत्येक प्रशिक्षु को दो हज़ार रूपये का मासिक वजीफा प्रदान किया जाएगा।
तिमाही आधार पर एक सप्ताह का जीएसटी करदाता स्वैच्छिक अनुपालन जागरूकता अभियान शुरू किया जाएगा। इसका उद्देश्य स्वैच्छिक अनुपालन के माध्यम से कर विवादों को कम करना और पारदर्शी जीएसटी पारिस्थितिकी तंत्र स्थापित करना है।
हिमाचल को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण के कारण देश-विदेश के नागरिकों की पहली पसंद बनाने हेतु सरकार शिवालिक पहाड़ियों में दो योजनाबद्ध आधुनिक टाउनशिप बनाने का निर्णय ले रही है।
सोलन जिले के शीटलपुर क्षेत्र में “हिम चण्डीगढ़” और सिरमौर जिले में “हिम पंचकूला टाउनशिप” स्थापित किए जाएंगे। धौलाधार क्षेत्र में “कांगड़ा वैली टाउनशिप” बनाई जाएगी, प्रत्येक शहर दस हजार बीघा भूमि पर विकसित होगा।
एशियाई खेलों के पदक विजेताओं और वीरता पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं को सम्मानस्वरूप रियायती दरों पर आवासीय प्लॉट दिए जाएंगे, जिसके लिए सरकार शीघ्र नीति अधिसूचित करेगी।
15. खाद्य सुरक्षा एवं नागरिक सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण
जारी……………………………………………………………………………………………………………..
जारी……………………………………………………………………………………………………………..
वर्ष 2026-27 में सरकार नीति लाते हुए Piped Natural Gas नेटवर्क को मजबूत करेगी और सीएनजी स्टेशन स्थापित करेगी।
राज्य के 5,300 उचित मूल्य दुकानों/डिपो को वित्तीय रूप से टिकाऊ बनाने हेतु अन्य गुणवत्तापूर्ण उत्पाद बेचने का प्लेटफॉर्म दिया जाएगा।
व्यापारिक प्रतिष्ठानों और उपभोक्ताओं की सुविधा हेतु इस वर्ष Weight and Measures के लिए Online Verification System लागू की जाएगी।
16. हरित पर्यावरण एवं जलवायु-सुरक्षित भविष्य
“Green Livelihood Initiative शुरू होगा, जिसके तहत औषधीय पौधों की खेती को प्रोत्साहन और हर वर्ष किसानों को Elite Germplasm के 12 लाख पौधे निःशुल्क वितरित किए जाएंगे।
पाइन नीडल्स और अन्य Biomass से Biochar उत्पादन हेतु समझौता किया गया है, जिससे जंगल की आग कम होगी और स्थानीय समुदायों को रोजगार मिलेगा।
निजी कृषि भूमि पर वनीकरण और पुनर्स्थापन कार्यक्रम चलाया जाएगा।
HIBISCUS योजना शुरू होगी, जिसके तहत औषधीय पौधों का संरक्षण, सतत् दोहन, नर्सरी विकास और पारंपरिक ज्ञान का Documentation किया जाएगा।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जुटाए गए संसाधनों का उपयोग पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण के लिए किया जाएगा।
शोघी में डिजिटल प्लेनेटेरियम स्थापित किया जा रहा है और इसके लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से से 3 करोड़ 31 लाख रूपये की निधि दी जाएगी।
राज्य की पारंपरिक धरोहर को वैश्विक पहचान दिलाने हेतु नौ उत्पादों को जीआई पंजीकरण की स्वीकृति मिली है।
चार और उत्पादों को GI Framework में शामिल करने की पहल होगी, जिससे किसानों और कारीगरों को बेहतर आर्थिक लाभमिलेगा।
आपदा जोखिम प्रबंधन हेतु संस्थागत व तकनीकी क्षमता मजबूत की जाएगी, जिसमें बेहतर नीतियाँ, चेतावनी प्रणाली और विभागीय समन्वय शामिल होगा। इसके लिए 22 करोड़ 25 लाख रुपये सभी 12 जिलों में खर्च होंगे।
17. कर्मचारी कल्याण
पिछली सरकारों द्वारा वेतन और पेंशन बकाया का भुगतान न होने से लगभग 13 हजार करोड़ रुपये की देनदारी बन गई है। वर्तमान सरकार सभी बकाया का समयबद्ध भुगतान करने का संकल्प लेती है।
वर्ष 2016 से पूर्व के सभी पेंशनरों व पारिवारिक पेंशनरों को उनके बकाया पेन्शन/पारिवारिक पेन्शन एरियर का पूरा भुगतान वित्त वर्ष 2026-27 में किया जायेगा। चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी जो दिनाँक 01.01.2016 से 31.12.2021 के दौरान सेवानिवृत हुए हैं उनके बकाया ग्रेच्युटी व Leave Encashment एरियर का पूरा भुगतान वित्त वर्ष 2026-27 में किया जायेगा। उपरोक्त एरियर के भुगतान पर लगभग 300 करोड़ रूपये खर्च किए जाएगें।
आगामी वित्तीय वर्ष से Study Leave पर जाने वाले सभी कर्मचारियों को 100 प्रतिशत वेतन का भुगतान किया जाएगा। जिन कर्मचारियों ने पहले Study Leave लिया है, उन्हें भी शेष वेतन का भुगतान किया जाएगा।
अनुबंध आधार तथा दैनिक वेतन पर कार्यरत कर्मचारी जो वर्तमान में वर्ष में केवल एक ही बार नियमित किए जाते हैं को अब पूर्व की भान्ति 31 मार्च, 2026 तथा 30 सितम्बर, 2026 को निर्धारित सेवाकाल पूर्ण करने पर नियमितीकरण किया जाएगा।
दैनिक वेतनभोगियों का वेतन 25 रुपये बढ़ाकर 450 रुपये प्रतिदिन किया जाएगा। आउटसोर्स कर्मचारियों को न्यूनतम 13,750 रुपये प्रतिमाह मिलेगा।
18. मानदेय
आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को 1000 रुपये की बढ़ौतरी के साथ अब 11,500 रुपये मासिक मानदेय ।
मिनी आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को मासिक 1000 रुपये बढ़ौतरी के साथ अब 8,300 रुपये मिलेंगे।
आँगनवाड़ी सहायिका को प्रतिमाह 1000 रुपये की बढ़ौतरी के साथ अब 6,800 रुपये प्रतिमाह मानदेय ।
आशा वर्कर को 1000 रुपये की बढ़ौतरी के साथ 6,800 रुपये प्रतिमाह मानदेय ।
सिलाई शिक्षकों के मासिक मानदेय को 1000 रूपये बढ़ाया जाएगा।
मिड डे मील वर्कर्ज को 500 रुपये बढ़ौतरी के साथ 5,500 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।
वाटर कैरियर (शिक्षा विभाग) को 500 रुपये बढ़ौतरी के साथ 6,000 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।
जल रक्षक को 500 रुपये बढ़ौतरी के साथ 6,100 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।
जल शक्ति विभाग के Multi Purpose Workers को 500 रुपये बढ़ौतरी के साथ 6,000 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।
लोक निर्माण विभाग के Multi Task Workers को 500 रुपये प्रतिमाह बढ़ौतरी ।
पैरा फिटर तथा पम्प-ऑपरेटर को 500 रुपये बढ़ौतरी के साथ 7,100 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे ।
पंचायत चौकीदार को 500 रुपये की बढ़ौतरी के साथ 9,000 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।
राजस्व चौकीदार को 500 रुपये बढ़ौतरी के साथ 6,800 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।
राजस्व लम्बरदार का 500 रुपये बढ़ौतरी के साथ 5,000 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।
SMC अध्यापकों के मानदेय में 500 रुपये प्रतिमाह बढ़ौतरी ।
IT Teachers को 500 रुपये प्रतिमाह बढ़ौतरी ।
SPOs को 500 रुपये प्रतिमाह बढ़ौतरी ।
Part Time Multi Task Workers को 500 रुपये प्रतिमाह बढ़ौतरी ।
19. वित्तीय अनुशासन
मुख्यमंत्री के वेतन का 50 प्रतिशत, उप-मुख्यमंत्री एवं मंत्रिमंडल के सदस्यों के वेतन का 30 प्रतिशत तथा माननीय विधायकों के वेतन का 20 प्रतिशत अगले 6 महीनों के लिए अस्थायी रूप से Defer ।
सभी Chairman, Vice-Chairman, Deputy Chairman and all Advisors (Political Appointees) के वेतन का 20 प्रतिशत भी इसी अवधि के लिए अस्थायी रूप से Defer ।
Chief Secretary, Additional Chief Secretaries एवं सभी Principal Secretaries के वेतन का 30 प्रतिशत ।
Secretaries एवं सभी Heads of Departments (HoDs) का 20 प्रतिशत अस्थायी रूप से Defer ।
DGP एवं ADGPs का 30 प्रतिशत तथा IGPS, DIGs, SSPs एवं SPs स्तर तक के पुलिस अधिकारियों का 20 प्रतिशत, और HOFF, सभी PCCFs एवं Additional PCCFs का 30 प्रतिशत तथा CCFs, CFs एवं DFOs स्तर तक के अन्य वन अधिकारियों का 20 प्रतिशत वेतन अस्थायी रूप से Defer ।
इसके साथ ही, Group-A एवं Group-B के अधिकारियों के वेतन का 3 प्रतिशत हिस्सा अगले 6 महीनों के लिए अस्थायी रूप से Defer किया जाएगा, जबकि Group-C एवं Group-D कर्मचारियों को पूर्णतः इससे बाहर रखा जाएगा और उन्हें पूरा वेतन मिलता रहेगा।
Boards, Corporations, PSUs, Autonomous Bodies, Universities तथा अन्य प्रमुख Societies, जो राज्य सरकार से Grant-in-Aid या किसी भी प्रकार का Budgetary Support प्राप्त करते हैं, वे भी इस निर्णय को सरकार के अनुरूप (In line with Government) अपनाएं।
न्यायपालिका की संवैधानिक गरिमा और Independence का पूरा सम्मान करते हुए, राज्य सरकार यह आशा करती है कि वर्तमान Financial Situation को ध्यान में रखते हुए District Judges एवं Additional District Judges के स्तर पर 20 प्रतिशत तथा Judicial Establishment के Group-A एवं Group-B अधिकारियों के स्तर पर 3 प्रतिशत वेतन के Temporary Deferment पर, माननीय उच्च न्यायालय अपने Guidance एवं Concurrence से, सरकार के अनुरूप विचार करेगा। माननीय उच्च न्यायालय अपने विवेक से Senior Levels पर Voluntarily 30 प्रतिशत तक Deferment पर भी विचार कर सकता है।
यह केवल Temporary Deferment है, और जैसे ही राज्य की Financial Condition बेहतर होगी, यह राशि वापस दे दी जाएगी।
20. अन्य
शिमला के बैंटोनी भवन में आधुनिक संग्रहालय का निर्माण पूरा कर जनता को समर्पित किया जाएगा, चम्बा के भूरी सिंह संग्रहालय में कला एवं शिल्प गैलरी का नवीनीकरण और केलांग का जनजातीय संग्रहालय पूर्ण रूप से कार्यशील बनाया जाएगा।
पांगी और लाहौल में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के नए परिसरों का प्रथम चरण पूरा होगा तथा भरमौर विद्यालय का निर्माण कार्य प्राथमिकता से किया जाएगा।
जनजातीय क्षेत्रों की संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन हेतु मेले और त्यौहार आयोजित किए जाएंगे।
परमवीर चक्र विजेता Honorary Captain संजय कुमार युवाओं को भारतीय सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करेंगे। इसके लिए उन्हें उपयुक्त मासिक मानदेय दिया जाएगा और वे बिलासपुर सैनिक कल्याण कार्यालय से सेवाएँ देंगे।
सेवानिवृत्त केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल कर्मियों के कल्याण और पुनर्वास हेतु राज्य में एक Paramilitary Welfare Board गठित किया जाएगा।
वित्तीय वर्ष में 412 पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को रोज़गार दिया है और आगामी वर्ष में भी 15 प्रतिशत आरक्षित पदों को प्राथमिकता से भरा जाएगा। साथ ही, युद्ध जागीर (वित्तीय सहायता) राशि 7 हजार रुपये से बढ़ाकर 10 हजार रुपये प्रति वर्ष कर दी जाएगी।
विधायक प्राथमिकता योजनाओं के प्रति विधानसभा चुनाव क्षेत्र की वर्तमान सीमा 200 करोड़ रुपये को बढ़ाकर 225 करोड़ रुपये करने की घोषणा।
विधायकों को दी जाने वाली Discretionary Grant की वर्तमान सीमा को एक लाख रुपये से बढ़ाया।