सत्ता पक्ष अपनी विफलताओं पर करे आत्ममंथन, विपक्ष पर आरोप लगाना करे बंद – राकेश जमवाल

शिमला: विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान भाजपा की ओर से सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा गया कि वर्तमान सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए लगातार विपक्ष, विशेषकर भारतीय जनता पार्टी, पर दोष मढ़ने का प्रयास कर रही है।
भाजपा नेता ने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण किसी भी सरकार का आईना होता है, लेकिन इस बार अभिभाषण को जिस प्रकार जल्दबाजी में समाप्त किया गया, वह कई सवाल खड़े करता है। अभिभाषण में स्वयं राज्यपाल द्वारा की गई टिप्पणियों पर सरकार को गंभीरता से मंथन करने की आवश्यकता है, विशेषकर संवैधानिक संस्थाओं को लेकर उठाए गए मुद्दों पर।

राकेश जमवाल ने कहा कि सदन में चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री, मंत्री और सत्ता पक्ष के विधायक लगातार भाजपा पर आरोप लगाने में ही लगे रहे, जबकि वास्तविकता यह है कि प्रदेश की वर्तमान स्थिति के लिए पूरी तरह सरकार स्वयं जिम्मेदार है। वित्त आयोग के समक्ष प्रदेश का पक्ष प्रभावी ढंग से न रख पाना भी सरकार की बड़ी विफलता है।

भाजपा ने आरोप लगाया कि यह सरकार संवैधानिक पदों और संस्थाओं का सम्मान नहीं करती। राज्यपाल, प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और यहां तक कि न्यायपालिका तक पर टिप्पणी करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। हाल ही में एक वरिष्ठ मंत्री द्वारा राज्यपाल और देश के वरिष्ठ नेताओं पर की गई टिप्पणियां इस बात का प्रमाण हैं कि सरकार मर्यादाओं को लगातार तोड़ रही है।

नेता प्रतिपक्ष के दिल्ली दौरे को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर भी भाजपा विधायक राकेश जमवाल ने पलटवार करते हुए कहा कि यदि प्रदेश के हितों के लिए केंद्र से संवाद करना गलत है, तो मुख्यमंत्री स्वयं विपक्ष के साथ दिल्ली जाकर प्रदेश के मुद्दे उठाने का साहस क्यों नहीं दिखाते।

राकेश जमवाल ने स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सरकार को घेरते हुए कहा गया कि ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के दावे पूरी तरह खोखले साबित हुए हैं। सुंदरनगर विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण देते हुए बताया गया कि सिविल अस्पताल को अपग्रेड तो कर दिया गया, लेकिन भवन निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। पूर्व भाजपा सरकार द्वारा शुरू किए गए कई प्रोजेक्ट्स को वर्तमान सरकार ने या तो रोक दिया है या उनकी गति धीमी कर दी है।

उन्होंने आरोप लगाया कि मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों के ट्रांसफर कर दिए गए, लेकिन उनकी जगह नई नियुक्तियां नहीं हुईं, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर रेडियोलॉजी, अल्ट्रासाउंड और अन्य आवश्यक सेवाएं तक प्रभावित हैं।

राकेश जमवाल ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में प्रदेश में 1000 करोड़ रुपये से अधिक के भवन और आधारभूत ढांचे तैयार किए गए, लेकिन वर्तमान सरकार उन्हें भी “अनावश्यक” बताकर काम रोक रही है। सुंदरनगर में स्टाफ क्वार्टर, सीएचसी भवन और इंडोर स्टेडियम जैसे महत्वपूर्ण कार्य अधर में लटके हुए हैं। सरकार की गारंटियों पर सवाल उठाते हुए भाजपा ने कहा कि चुनाव के समय किए गए वादों को पूरा करने में सरकार पूरी तरह विफल रही है और आने वाले समय में जनता इसका जवाब देगी।

भाजपा नेता ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण में प्रदेश सरकार की अपनी कोई ठोस उपलब्धि नजर नहीं आई, बल्कि अधिकतर योजनाएं केंद्र सरकार की थीं। ऐसे में बेहतर होता कि सरकार केंद्र का आभार व्यक्त करती, जो हिमाचल के विकास के लिए लगातार सहयोग कर रही है।
अपनी बात समाप्त करते हुए उन्होंने एक शेर के माध्यम से सरकार पर निशाना साधा—
“उम्र भर ये भूल करता रहा,
धूल चेहरे पर थी और मैं आईना साफ करता रहा।”
उन्होंने कहा कि सरकार को दूसरों पर आरोप लगाने के बजाय अपनी कमियों को सुधारने पर ध्यान देना चाहिए।

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