मुश्किल, परेशानियाँ, मायूसी आनी जानी चीजें हैं ख़ुशी नहीं रही तो दुःख भी नहीं रहेगा.. तो डरना क्यों अपने “डर” से करें मुकाबला; क्योंकि “डर” से आगे है जीत… “डर” जी हाँ “डर” से डर से मनुष्य...
जो आँखों से ओझल हो जाते हैं वो कहीं न कहीं दिल में हमेशा के लिए याद बनकर बस जाते हैं जी हाँ आज अपने “यादों के झरोखे” कॉलम में हम याद कर रहे हैं 60 के दशक की मशहूर अभिनेत्री “साधना” जी को।...
जिस प्रकार किसी व्यक्ति की आदतें और उसकी अभिव्यक्ति का ढंग उसके चरित्र के द्योतक हैं, उसी प्रकार किसी समाज में प्रचलित रीति-रिवाज उसकी नैतिक चेतना के प्रतीक होते हैं। इस प्रकार रीति से...
आधुनिकता भरे माहौल में आज भी परंपरागत गहनों को सजीव रखे … किन्नौरी महिलाओं का श्रृंगार सिर से पांव तक गहनों से लदी किन्नौरी महिलाओं का श्रृंगार इनकी संस्कृति की सजीवता का प्रतीक हिमाचल के...
एक कलाकार जिसने आते ही फ़िल्मी जगत में हलचल मचा दी वो हैं “दिलीप कुमार” बॉलीवुड ऐसा नहीं था जैसा आज आप देख रहे हैं, इसको इस मुकाम तक पहुंचाने के लिए बहुत लोगों का अदद प्रयास रहा है। 1913-14 से शुरू...
अभिभावकों को अपने बच्चों के मनोविज्ञान को समझना चाहिए। उन्हें चाहिए कि वे बच्चों की निजी जिंदगी में रूचि लें। उनके दोस्ताना व्यवहार रखें व उनका विश्वास हासिल करें। इस तरह उनका स्नेहपूर्ण...






