शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज शिमला से वर्चुअल माध्यम द्वारा सिरमौर ज़िला के रेणुका विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत नौहराधार में नवनिर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भवन का लोकार्पण किया। 6.92 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित छह बिस्तरों की क्षमता का स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र में स्वास्थ्य अधोसंरचना को सुदृढ़ करने और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस अवसर पर शिमला में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, सचिव स्वास्थ्य आशीष सिंहमार, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. गोपाल बेरी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी जबकि नौहराधार में उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा, पुलिस अधीक्षक निश्चिंत नेगी तथा स्थानीय नेता भी उपस्थित थे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस स्वास्थ्य केंद्र से आस-पास की 20 ग्राम पंचायतों और 47 गांवों के लगभग 50 हजार लोग लाभान्वित होंगे। यहां मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी, जिससे लोगों को अपने घर-द्वार के निकट ही समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। इस दिशा में विशेषकर ग्रामीण एवं दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करना सरकार की प्राथमिकता है, ताकि लोगों को बेहतर उपचार के लिए प्रदेश से बाहर न जाना पड़े। इस स्वास्थ्य केंद्र के शुरू होने से स्थानीय लोगों को समयबद्ध और बेहतर उपचार सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र में दो चिकित्सा अधिकारियों और एक स्टॉफ नर्स को नियुक्त किया गया है ताकि मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से उपलब्ध करवाई जा सकें। उन्होंने कहा कि चिकित्सा कर्मियों की उपलब्धता से स्थानीय लोगों की स्वास्थ्य संबंधी ज़रूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के आधुनिकीकरण के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे है। प्रदेश सरकार विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सुलभ और विश्वसनीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने पर बल दे रही है।
उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में स्वास्थ्य क्षेत्र की अनदेखी हुई और उस समय अस्पतालों में केवल 35 प्रतिशत स्टॉफ ही उपलब्ध था। जबकि वर्तमान प्रदेश सरकार 31 मार्च, 2027 तक स्वास्थ्य संस्थानों में स्टॉफ की संख्या 70 प्रतिशत से अधिक करने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार चिकित्सा महाविद्यालयों, क्षेत्रीय अस्पतालों, ज़िला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) को सुदृढ़ कर रही है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने पर भी विशेष ध्यान दे रही है, ताकि गांवों में रहने वाले लोगों की आर्थिकी को सुदृढ़ किया जा सके। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यार्थियों को घर के समीप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से सीबीएसई स्कूल भी खोले जा रहे हैं। उन्होंने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला संगड़ाह को सीबीएसई स्कूल बनाने की घोषणा भी की। उन्होंने क्षेत्र में प्रतिदिन 5,000 लीटर क्षमता का मिल्क चिलिंग प्लांट स्थापित करने के प्रस्ताव पर विचार करने का आश्वासन भी दिया।
इस अवसर पर स्थानीय विधायक एवं हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विनय कुमार ने नए भवन के लोकार्पण के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस स्वास्थ्य केंद्र से आसपास की 20 ग्राम पंचायतों और 47 गांवों की लगभग 50 हजार लोगों को लाभ मिलेगा। यहां स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होने से लोगों को अपने घरों के नजदीक ही समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।