हिमाचल: अपनी मांगों को लेकर 2 नवंबर से प्रतिदिन डेढ़ घंटे हड़ताल पर रहेंगे डॉक्टर्स; 5 को सामूहिक अवकाश की चेतावनी

शिमला:राज्य चिकित्सा एवं दंत चिकित्सा महाविद्यालय शिक्षक संघ (SAMDCOT) ने सरकार के कथित भेदभावपूर्ण आदेशों और लंबित मांगों को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है। यह निर्णय आज, 28 अक्टूबर को आयोजित संघ की आपातकालीन आम सभा (जनरल बॉडी मीटिंग) में लिया गया। बैठक में प्रदेश के सरकारी चिकित्सा एवं दंत चिकित्सा महाविद्यालयों के शिक्षकों की लंबे समय से लंबित जायज मांगों की लगातार अनदेखी, सेवा शर्तों में भेदभाव तथा सरकार के उदासीन रवैये को लेकर गहरा रोष व्यक्त किया गया।

संघ ने स्पष्ट किया कि बार-बार अपनी समस्याओं को सरकार के समक्ष रखने के बावजूद कोई संतोषजनक समाधान नहीं निकाला गया है। ऐसी परिस्थितियों में चिकित्सा शिक्षकों को अपने अधिकारों एवं संस्थागत गरिमा की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए विवश होना पड़ रहा है।

चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा

 2 से 4 नवंबर तक डेढ़ घंटे की पेन-डाउन हड़ताल: प्रदेश के सभी सरकारी चिकित्सा एवं दंत चिकित्सा महाविद्यालयों के शिक्षक 2, 3 और 4 नवंबर 2026 को प्रतिदिन प्रातः 9:30 बजे से 11:00 बजे तक डेढ़ घंटे की पेन-डाउन हड़ताल करेंगे।

हालांकि, इस दौरान आपातकालीन सेवाएं, ट्रॉमा सेवाएं तथा गहन चिकित्सा इकाइयों (ICU) में उपचार पूर्ववत जारी रहेगा, ताकि गंभीर मरीजों की चिकित्सा सेवाएं प्रभावित न हों।

 5 नवंबर को सामूहिक आकस्मिक अवकाश: यदि प्रदेश सरकार 4 नवंबर तक संघ की जायज मांगों पर सकारात्मक बातचीत शुरू नहीं करती अथवा कोई ठोस निर्णय नहीं लेती है, तो प्रदेश के सभी सरकारी चिकित्सा एवं दंत चिकित्सा महाविद्यालयों के शिक्षक 5 नवंबर 2026 को सामूहिक आकस्मिक अवकाश पर जाएंगे।

राज्य सचिवालय तक विरोध मार्च: इसी दिन, 5 नवंबर को प्रदेशभर के चिकित्सा एवं दंत चिकित्सा शिक्षक शिमला में एकत्रित होकर हिमाचल प्रदेश राज्य सचिवालय तक संयुक्त विरोध मार्च निकालेंगे।

इस मार्च के माध्यम से शिक्षक अपनी एकजुटता प्रदर्शित करते हुए सरकार से विवादास्पद आदेशों को तत्काल वापस लेने तथा लंबित मांगों का न्यायसंगत समाधान करने की मांग करेंगे।

प्रशासन को आंदोलन की औपचारिक सूचना: संघ द्वारा प्रस्तावित आंदोलन की औपचारिक सूचना संबंधित अधिकारियों को दे दी गई है। इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय (IGMC), शिमला के प्रधानाचार्य को भी इस संबंध में सूचित किया गया है, ताकि आंदोलन की जानकारी तत्काल चिकित्सा शिक्षा विभाग एवं प्रदेश सरकार तक पहुंचाई जा सके।

मरीजों की असुविधा के लिए खेद, लेकिन आंदोलन के अलावा कोई विकल्प नहीं: SAMDCOT के पदाधिकारियों ने कहा कि चिकित्सा शिक्षक सदैव मरीजों के हितों और स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते आए हैं।

संघ ने पेन-डाउन हड़ताल के दौरान बाह्य रोगी विभाग (OPD) में आने वाले मरीजों को होने वाली संभावित असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है। संघ का कहना है कि सरकार की लगातार उदासीनता, शिक्षकों की न्यायोचित मांगों की अनदेखी तथा सेवा संबंधी भेदभावपूर्ण निर्णयों ने चिकित्सा शिक्षकों में व्यापक असंतोष पैदा कर दिया है।

संघ ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति अथवा संस्था के विरुद्ध नहीं, बल्कि चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था की गरिमा, शिक्षकों के अधिकारों तथा न्यायसंगत सेवा शर्तों की रक्षा के लिए है।

SAMDCOT ने प्रदेश सरकार से आग्रह किया है कि वह स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तत्काल सार्थक संवाद शुरू करे और विवादास्पद आदेशों को वापस लेकर चिकित्सा शिक्षकों की लंबित मांगों का समाधान सुनिश्चित करे, ताकि आंदोलन की स्थिति को टाला जा सके।

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