शिमला के इन चिन्हित क्षेत्रों में रैलियों, प्रदर्शन, सार्वजनिक बैठकों और नारेबाजी पर प्रतिबंध..
शिमला के इन चिन्हित क्षेत्रों में रैलियों, प्रदर्शन, सार्वजनिक बैठकों और नारेबाजी पर प्रतिबंध..
जिला दंडाधिकारी अनुपम कश्यप ने पंजाब सुरक्षा राज्य अधिनियम, 1953 की धारा 6 के तहत जारी किए आदेश शिमला: जिला दंडाधिकारी शिमला अनुपम कश्यप, ने शिमला शहर में कानून-व्यवस्था एवं सार्वजनिक शांति बनाए रखने के उद्देश्य से पंजाब सुरक्षा राज्य अधिनियम, 1953 की धारा 6 के तहत आदेश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार मॉल रोड तथा इसके आसपास के चिन्हित क्षेत्रों में सार्वजनिक बैठकें आयोजित करने, जुलूस एवं रैलियां निकालने, प्रदर्शन करने, नारे लगाने, बैंड बजाने तथा ऐसे सामान/वस्तुएं ले जाने पर प्रतिबंध रहेगा, जिनका इस्तेमाल हथियार के रूप में किया जा सकता है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि रैलियां, प्रदर्शन, सार्वजनिक बैठकें अथवा बैंड बजाने के लिए सक्षम प्राधिकारी से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। इसका उद्देश्य सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम सुनिश्चित करना है। हालांकि, यह आदेश पुलिस, अर्द्धसैनिक बलों तथा सैन्य कर्मियों पर उनके ड्यूटी निर्वहन के दौरान लागू नहीं होगा। यह आदेश 1 अक्तूबर 2026 से प्रभावी होकर 30 नवंबर 2026 तक लागू रहेगा। आदेश का उल्लंघन कानून के अनुसार दंडनीय होगा। यह प्रतिबंध निम्नलिखित क्षेत्रों में लागू रहेगा— – छोटा शिमला से कैनेडी हाउस एवं रिज तक मॉल रोड। – रेन्डेजवस रेस्टोरेंट से रिवोली सिनेमा की ओर जाने वाले मार्ग पर 150 मीटर तक। – स्कैंडल प्वाइंट से काली बाड़ी मंदिर तक। – छोटा शिमला गुरुद्वारा से छोटा शिमला-कसुम्पटी मार्ग तक लिंक रोड। – छोटा शिमला चौक से राजभवन होते हुए ओक ओवर तक। – छोटा शिमला गुरुद्वारा के समीप से कसुम्पटी रोड की ओर जाने वाली सीढ़ियां एवं पैदल मार्ग। – कार्ट रोड से मजीठा हाउस तक लिंक रोड। – ए.जी. कार्यालय से कार्ट रोड की ओर जाने वाला मार्ग। – सी.पी.डब्ल्यू.डी. कार्यालय से चौड़ा मैदान तक जाने वाला मार्ग। – पुलिस गुमटी से उपायुक्त कार्यालय के ऊपर की ओर लोअर बाजार की तरफ 50 मीटर तक का क्षेत्र। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित व्यक्तियों एवं संगठनों से आदेशों का पालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया है, ताकि शिमला शहर में सार्वजनिक शांति एवं कानून-व्यवस्था बनी रहे।