शिमला: प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना (PMFME) के अंतर्गत जिला शिमला को बेस्ट परफॉर्मेंस का अवॉर्ड मिला है। यह अवार्ड नई दिल्ली में आयोजित PMFME Conclave 2026 के दौरान हिमाचल प्रदेश में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और उल्लेखनीय योगदान के लिए संजय कँवर जिला नोडल अधिकारी को प्रदान किया गया। यह अवॉर्ड खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से प्रदान किया गया है।
उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने बधाई देते हुए कहा कि PMFME योजना के प्रभावी कार्यान्वयन में समर्पित सेवा एवं मूल्यवान योगदान पूरी टीम की सफलता है। यह उपलब्धि हिमाचल प्रदेश में सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को बढ़ावा देने तथा स्थानीय उद्यमियों को योजना का लाभ पहुंचाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को रेखांकित करती है।
खाद्य प्रसंस्करण योजना के तहत शिमला में 2,210 मामलों में ऋण स्वीकृत
जिला स्तरीय समिति की बैठक आज यहां उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में हुई। इस बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार प्राप्त आवेदनों में से 2,210 मामलों में ऋण स्वीकृत हो चुका है, जबकि 130 आवेदन ऋण प्रक्रिया के अधीन हैं। वहीं, 67 आवेदन अनुशंसित नहीं किए गए, जबकि 748 आवेदन बैंकों द्वारा अस्वीकृत किए गए हैं। जिला में वर्ष 2021 से लेकर अब तक 3,297 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 3,185 आवेदन बैंकों को ऋण स्वीकृति के लिए अनुशंसित किए गए हैं।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1 अप्रैल से 5 सितंबर, 2026 तक जिला उद्योग केंद्र, शिमला द्वारा 284 नए मामलों को विभिन्न बैंकों को ऋण स्वीकृति के लिए अनुशंसित किया गया है। इन मामलों को योजना के तहत स्वरोजगार एवं खाद्य प्रसंस्करण गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े सूक्ष्म उद्यमों को वित्तीय एवं संस्थागत सहायता प्रदान कर उन्हें सुदृढ़ करना, रोजगार के अवसर बढ़ाना तथा उद्यमिता को प्रोत्साहित करना है।
बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कानून एवं व्यवस्था पंकज शर्मा, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी प्रोटोकॉल ज्ञान सागर नेगी, उप निदेशक कृषि अजब नेगी, उप निदेशक बागवानी सुदर्शना नेगी सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना (PMFME) केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसका उद्देश्य देशभर में सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को वित्तीय, तकनीकी एवं संस्थागत सहायता प्रदान कर उन्हें सुदृढ़ एवं औपचारिक बनाना है। योजना के तहत खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े छोटे उद्यमियों को ऋण से जुड़ी पूंजीगत सब्सिडी, प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण, तकनीकी सहायता तथा ब्रांडिंग एवं विपणन में सहयोग दिया जाता है। इसका विशेष जोर ‘एक जिला एक उत्पाद’ (ODOP) के अनुरूप स्थानीय कृषि एवं खाद्य उत्पादों के प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने पर है।
इस योजना का प्रमुख उद्देश्य स्वरोजगार एवं रोजगार के अवसर बढ़ाना, स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध करवाना, उद्यमियों की आय में वृद्धि करना तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।
मुख्य लाभ
– सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के उन्नयन में सहायता
– बैंक ऋण से जुड़ी 35% तक क्रेडिट-लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी (निर्धारित सीमा तक)
– तकनीकी प्रशिक्षण एवं कौशल विकास
– ब्रांडिंग, पैकेजिंग एवं मार्केटिंग में सहयोग
– स्थानीय उत्पादों और ODOP को बढ़ावा
– स्वयं सहायता समूहों, एफपीओ तथा सहकारी संस्थाओं को प्रोत्साहन
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