DC अपूर्व बोले- युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ें

मण्डी: उपायुक्त अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में आज सोमवार को पुलिस लाइन मंडी स्थित कामाक्षा हॉल में जिला स्तरीय नारकोटिक्स समन्वय केंद्र (एनकॉर्ड) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान, एनडीपीएस अधिनियम के तहत कार्रवाई, वित्तीय जांच, अवैध भांग-अफीम की खेती की रोकथाम तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की विस्तार से समीक्षा की गई।

उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। सभी विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए इस अभियान को जन आंदोलन का रूप देना होगा। नशा तस्करों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के लिए मंडी पुलिस की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि जिले में नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है और यह अभियान पूरी दृढ़ता के साथ जारी रहेगा।

उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि ‘अपना विद्यालय’ योजना के तहत गोद लिए गए विद्यालयों में नियमित रूप से विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए शिक्षा, खेल और रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।

उपायुक्त ने शिक्षा विभाग को प्रतिमाह स्कूलों में आयोजित की गई एंटी चिट्टा जागरूकता गतिविधियों की रिपोर्ट प्रतिमाह एनकॉर्ड की बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूलों में आयोजित होने वाली खेल-कूद प्रतियोगिताओं के दौरान एंटी चिट्टा पर अनिवार्य रूप से शपथ दिलाने तथा एक वक्ता द्वारा एंटी चिट्टा पर व्याख्यान देने के भी निर्देश दिए।

पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि 1 जनवरी से 31 अगस्त, 2026 तक मंडी जिले में एनडीपीएस अधिनियम के तहत 230 अभियोग दर्ज किए गए और 368 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें 349 पुरुष और 19 महिलाएं शामिल हैं। दर्ज मामलों में 80 हेरोइन/चिट्टा, 119 चरस, 10 प्रतिबंधित एमडीएमए/कंजम्पशन व अन्य एनडीपीएस मामलों तथा 15 अवैध अफीम एवं भांग की खेती से संबंधित मामले शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि जुलाई और अगस्त, 2026 में एनडीपीएस अधिनियम के तहत क्रमशः 30 और 23 मामले दर्ज किए गए। जुलाई में 197.68 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद की गई, जबकि अगस्त में 57.05 ग्राम चिट्टा/हेरोइन, 4.626 किलोग्राम चरस और 60.728 किलोग्राम अफीम डोडा बरामद किया गया।

इस वर्ष अवैध रूप से की गई भांग की खेती से 5,11,160 पौधे भी नष्ट किए गए।

बैठक में जिले की 24 अति संवेदनशील ग्राम पंचायतों में नशा निवारण समितियों की गतिविधियों की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने इन पंचायतों में समितियों की नियमित बैठकें आयोजित करने तथा पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा, समाज कल्याण, नगर निकायों और पंचायत प्रतिनिधियों के सहयोग से व्यापक जन -जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने ड्रग्स फ्री हिमाचल ऐप का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने तथा आम लोगों को इसे डाउनलोड करने के लिए प्रेरित करने को भी कहा।

उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि नशे के सेवन, तस्करी अथवा नशा संबंधित गतिविधियों वाले हॉटस्पॉट की जानकारी ई-मेल dcmandi33@gmail.com अथवा व्हाट्सएप नंबर 9317221001 पर साझा करें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

*भांग और अफीम की अवैध खेती पर कड़ी कार्रवाई*

बैठक में ‘भांग उखाड़ो अभियान’ की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अवैध भांग एवं अफीम की खेती की समयबद्ध पहचान कर उसे नष्ट करने तथा संबंधित मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से भी अपने क्षेत्रों में अवैध खेती और नशे से जुड़ी गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया।

*वित्तीय जांच और संपत्ति कुर्की की समीक्षा*

एनकॉर्ड बैठक में नशा तस्करी से जुड़े मामलों में वित्तीय जांच की प्रगति की भी समीक्षा की गई। वर्ष 2026 में 55 वित्तीय जांच मामले लंबित बताए गए। वहीं, वर्ष 2025 से 31 अगस्त 2026 तक आरोपियों की संपत्ति कुर्क किए जाने के 6 मामलों में कुल 61,30,757 रुपये की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है, जबकि 60 लाख रुपये से अधिक की एक संपत्ति की कुर्की का मामला लंबित है।

बैठक में 15 सितम्बर से आईटीबीपी बल के सहयोग से प्रस्तावित भांग उन्मूलन अभियान के लिए आवश्यक तैयारियों और विभागीय सहयोग को लेकर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में नगर निगम मंडी के आयुक्त डॉ. मदन कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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