सिरमौरी नाटी को वैश्विक पहचान दिलाने वाले डॉ. जोगेंद्र हाब्बी को राष्ट्रपति ने संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से किया सम्मानित

हिमाचल: प्रदेश के सिरमौर की समृद्ध लोक सांस्कृतिक विरासत को देश-विदेश के मंचों तक पहुंचाने वाले प्रसिद्ध लोक कलाकार डॉ. जोगिंदर हाब्बी को लोक नृत्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। गुरुवार को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित गरिमापूर्ण समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने डॉ. हाब्बी को यह राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया। समारोह का शुभारंभ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, केंद्रीय संस्कृति राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल और संगीत नाटक अकादमी की अध्यक्ष डॉ. संध्या पुरेचा सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।  नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित भव्य समारोह में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। लोक नृत्य के क्षेत्र में उनके लंबे और उल्लेखनीय योगदान के लिए यह राष्ट्रीय सम्मान दिया गया है। 

डॉ. जोगिंदर हाब्बी पिछले तीन दशकों से अधिक समय से सिरमौर की पारंपरिक लोक संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने सिरमौरी नाटी सहित पारंपरिक लोकगीतों, लोकनृत्यों, लोकवाद्यों और लोक परिधानों की मौलिकता को बनाए रखते हुए इन्हें देश और विदेश के विभिन्न मंचों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने सिरमौर के राजगढ़ निवासी एवं सुप्रसिद्ध लोक कलाकार डॉ. जोगेंद्र हाब्बी को महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु जी द्वारा ‘संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार’ से सम्मानित किए जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी।

उन्होंने कहा कि लोक संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन में उनका दशकों का समर्पण आज राष्ट्रीय सम्मान के रूप में प्रतिष्ठित हुआ है। यह सम्मान हिमाचल की समृद्ध लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत का भी गौरव है।

सम्बंधित समाचार

Comments are closed