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डॉ. परमार की 120वीं जयंती; CM सुक्खू बोले- डॉ. परमार एक महान और दूरदर्शी व्यक्तित्व थे, जिन्होंने प्रदेश के विकास की मजबूत आधारशिला रखी

शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री और हिमाचल निर्माता डॉ. यशवन्त सिंह परमार की 120वीं जयंती के अवसर पर शिमला के रिज स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें प्रदेशवासियों की ओर से श्रद्धाजंलि दी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. परमार एक महान और दूरदर्शी व्यक्तित्व थे, जिन्होंने प्रदेश के विकास की मजबूत आधारशिला रखी। उनका सम्पूर्ण जीवन हिमाचल प्रदेश के लिए समर्पित रहा।
इस अवसर पर सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के कलाकारों ने भक्ति गीत प्रस्तुत किए।
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष विनय कुमार, विधायक मोहन लाल ब्राक्टा, हरीश जनारथा, रणजीत सिंह राणा व विवेक शर्मा, प्रदेश वन विकास निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची, हिमुडा उपाध्यक्ष यशवन्त छाजटा, हिमाचल प्रदेश सहकारी बैंक के अध्यक्ष देवेन्द्र श्याम, महापौर सुरेन्द्र चौहान, उप-महापौर उमा कौशल, पार्षदगण, वरिष्ठ अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू आज हिमाचल निर्माता और राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. यशवन्त सिंह परमार की 120वीं जयन्ती के अवसर पर विधानसभा परिसर शिमला में आयोजित समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार डॉ. परमार की नीतियों को धरातल पर सफलतापूर्वक उतारने के लिए निरन्तर प्रयासरत है। उनकी दूरदर्शी सोच व दृष्टिकोण से योजनाएं व कार्यक्रम लागू किये जा रहे हैं। उनकी नीतियों को धरातल पर उतारना ही उन्हें सच्ची श्रद्धाजंलि है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. परमार ने हिमाचल प्रदेश के निर्माण के लिए बहुआयामी प्रयास किए। हिमाचल प्रदेश को पूर्ण राज्यत्व का दर्ज़ा दिलवाने के लिए डॉ. परमार ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर केन्द्र सरकार के समक्ष मजबूती से अपना पक्ष रखा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. परमार ने एक आधुनिक हिमाचल का सपना देखा था जिसमें सभी लोग शिक्षित व साधन सम्पन्न हों और उन्हें आवागमन की बेहतर सुविधा मिले। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में क्रांति लाने की दिशा में विशेष रूप से ध्यान केन्द्रित किया है। वर्तमान सरकार के प्रयासों के फलस्वरूप 99.30 साक्षरता दर के साथ हिमाचल प्रदेश पूर्ण साक्षर राज्य बना है, जो बेहद गर्व की बात है।

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