मण्डी: उपायुक्त अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में शुक्रवार को उपायुक्त कार्यालय मंडी स्थित डीआरडीए सभागार में ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत ‘नशामुक्त हिमाचल, नशामुक्त मंडी’ अभियान की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में नशा उन्मूलन गतिविधियों, जागरूकता कार्यक्रमों, नशे की रोकथाम तथा उपचार एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की गई।
अपूर्व देवगन ने जिलावासियों से स्वस्थ एवं बेहतर जीवन के लिए हर प्रकार के नशे से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि नशा किसी भी प्रकार का हो, वह व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ-साथ परिवार और समाज के लिए भी गंभीर रूप से हानिकारक है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं तथा समाज के प्रत्येक व्यक्ति को नशा उन्मूलन में अपनी भूमिका निभानी चाहिए, ताकि युवा पीढ़ी को नशे की गिरफ्त में आने से बचाया जा सके। उन्होंने बताया कि आगामी 2 अक्टूबर को आयोजित होने वाली विशेष ग्राम सभाओं में नशा निवारण से संबंधित गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी।
उन्होंने नशीले पदार्थों की तस्करी एवं इनके प्रसार पर रोक लगाने के लिए आम जनता से प्रशासन और पुलिस का सहयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने आह्वान किया कि शिक्षण संस्थानों के आसपास, गांव अथवा शहर में नशे से संबंधित कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर इसकी सूचना पुलिस विभाग के व्हाट्सऐप नंबर 93172-21001 पर दी जा सकती है। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नशा मुक्त अभियान को धरातल पर प्रभावी बनाने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। जिले की हॉटस्पॉट पंचायतों का समय-समय पर दौरा कर जमीनी स्थिति का जायजा लेने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि अधिकारी नियमित रूप से स्कूलों का दौरा करें और विद्यार्थियों के साथ खेल गतिविधियों, सामाजिक मूल्यों, शिक्षा तथा नशे के दुष्प्रभावों को लेकर संवाद करें, ताकि बच्चों एवं युवाओं का ध्यान रचनात्मक गतिविधियों की ओर आकर्षित किया जा सके।
उन्होंने बैग फ्री डे के अवसर पर विद्यालयों में बच्चों के लिए विभिन्न रचनात्मक एवं प्रेरणादायक गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि उनमें सकारात्मक सोच विकसित हो और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जा सके।
उपायुक्त ने स्वयंसेवी संस्थाओं से भी नशा मुक्त भारत अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति एवं जागरूकता गतिविधियों के प्रचार-प्रसार के लिए संबंधित क्षेत्रों के सोशल मीडिया हैंडलर्स तथा इन्फ्लुएंसर्स की सेवाएं भी ली जाएं, ताकि अभियान का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।
उन्होंने नशा मुक्ति केंद्रों में उपचार एवं पुनर्वास व्यवस्था की नियमित निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं प्रशासनिक अधिकारियों के नेतृत्व में गठित टीमें महीने में कम से कम एक बार नशा मुक्ति केंद्रों का निरीक्षण करें। उन्होंने मरीजों के परिजनों के सहयोग से व्यक्तिगत पुनर्वास योजनाएं तैयार करने तथा उपचार के बाद भी नियमित फॉलोअप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने पुलिस विभाग को संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने, हॉटस्पॉट क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में कड़ी चेकिंग करने के निर्देश दिए। आबकारी विभाग को अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने को कहा।उन्होंने आम लोगों से भी नशे से संबंधित गतिविधियों की सूचना प्रशासन एवं पुलिस के साथ साझा करने की अपील की।
उपायुक्त ने शिक्षण संस्थानों एवं विश्वविद्यालयों के आसपास नशे से संबंधित किसी भी गतिविधि पर विशेष नजर रखने तथा ऐसी सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नशामुक्त भारत अभियान पोर्टल पर अभियान के तहत आयोजित सभी गतिविधियों की रियल-टाइम भागीदारी एवं प्रगति रिपोर्ट अपलोड करने को भी कहा।












