सोलन: नौणी विश्वविद्यालय में नए अधिष्ठाताओं और विभागाध्यक्षों की नियुक्ति

सोलन: डॉ. यशंवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी ने अपनी शैक्षणिक एवं अनुसंधान गतिविधियों को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से वरिष्ठ संकाय सदस्यों को नई प्रशासनिक जिम्मेदारियां सौंपी हैं।

हमीरपुर जिले स्थित कॉलेज ऑफ हॉर्टिकल्चर एंड फॉरेस्ट्री नेरी में डॉ. रमेश कुमार भारद्वाज ने अधिष्ठाता (डीन) का पदभार संभाला है। डॉ. भारद्वाज को तीन दशकों से अधिक के अनुभव प्राप्त है और वह सब्जी प्रजनन, फसल सुधार, संकर एवं किस्म विकास, मूल्यांकन तथा बीज उत्पादन प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उन्होंने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा वित्तपोषित अखिल भारतीय समन्वित सब्जी फसल अनुसंधान परियोजना सहित कई राष्ट्रीय महत्व की अनुसंधान परियोजनाओं का सफल नेतृत्व किया है। उनके नेतृत्व में सोलन केंद्र को राष्ट्रीय स्तर पर देश के सर्वश्रेष्ठ ए.आई.सी.आर.पी. सब्जी फसल केंद्रों में शामिल किया गया।

मुख्य परिसर में डॉ. एस.के. भारद्वाज ने अधिष्ठाता छात्र कल्याण (डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर) का कार्यभार संभाला है। इससे पूर्व वे पर्यावरण विज्ञान विभाग में प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष के पद पर कार्यरत थे। पर्यावरण वैज्ञानिक डॉ. भारद्वाज मृदा एवं जल प्रदूषण निगरानी, जलवायु परिवर्तन अध्ययन तथा पर्यावरणीय आकलन के विशेषज्ञ हैं। शिक्षण, अनुसंधान और प्रसार गतिविधियों में तीन दशकों से अधिक के अनुभव के साथ उन्होंने विभिन्न राष्ट्रीय एजेंसियों द्वारा वित्तपोषित कई परियोजनाओं का सफल संचालन किया है।

विश्वविद्यालय ने विभिन्न विभागों में नए विभागाध्यक्षों की भी नियुक्ति की है। डॉ. पी.के. बवेजा ने पर्यावरण विज्ञान विभाग में प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया है। इससे पूर्व वह प्रसार शिक्षा निदेशालय में संयुक्त निदेशक (संचार एवं प्रशिक्षण) के पद पर कार्यरत थीं। अनुभवी पर्यावरण वैज्ञानिक एवं प्रसार विशेषज्ञ डॉ. बवेजा ने जलवायु विज्ञान, कृषि मौसम विज्ञान तथा जलवायु-अनुकूल कृषि के क्षेत्र में योगदान दिया है। उनकी मौसम आधारित कृषि परामर्श सेवाओं से एस.एम.एस. संदेशों के माध्यम से 2.30 लाख से अधिक किसान लाभान्वित हुए हैं, जिससे प्रदेश में जलवायु-स्मार्ट कृषि को बढ़ावा मिला है।

डॉ. बलबीर सिंह डोगरा ने मुख्य परिसर में बीज विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष का कार्यभार संभाला है। इससे पूर्व वह नेरी में सब्जी विज्ञान विभाग के विभाग अध्यक्ष के रूप में कार्यरत थे। सब्जी प्रजनन एवं बीज उत्पादन के विशेषज्ञ डॉ. डोगरा को शिक्षण, अनुसंधान और प्रसार गतिविधियों में 27 वर्षों से अधिक का अनुभव है तथा उन्होंने फसल सुधार और बीज प्रौद्योगिकी कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

कुलपति प्रो. हरमिंदर सिंह बवेजा ने विश्वास व्यक्त किया कि नव नियुक्त अधिष्ठाता और विभागाध्यक्ष विश्वविद्यालय के शिक्षण, अनुसंधान और प्रसार कार्यक्रमों को और अधिक सशक्त बनाने के साथ-साथ संस्थान की निरंतर प्रगति और उत्कृष्टता में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

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