राज्य में जियोथर्मल ऊर्जा की संभावनाएं तलाशने के लिए समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित

शिमला: हरित ऊर्जा राज्य के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की उपस्थिति में आज हिमाचल प्रदेश सरकार और मै. जियोट्रॉपी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के बीच प्रदेश में जियोथर्मल ऊर्जा की संभावनाओं को तलाशने हेतु एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया गया।
इस अवसर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और भारत में आइसलैंड के राजदूत बेनेडिक्ट होस्कुल्डसन भी उपस्थित थे।
प्रदेश सरकार की ओर से ऊर्जा निदेशालय के मुख्य अभियंता डी.पी. गुप्ता और जियोट्रॉपी ईएचएफ के चेयरपर्सन टोमस ओट्टो हेनसन ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया।
मुख्यमंत्री ने सतत् ऊर्जा के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार हरित ऊर्जा स्रोतों के दोहन की दिशा में कार्य कर रही है और जियोथर्मल ऊर्जा स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा का एक महत्त्वपूर्ण स्रोत है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में जियाथर्मल ऊर्जा की अपार संभावनाएं हैं जिनका दोहन करके पारम्परिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम की जा सकती है।
मुख्यमंत्री ने कम्पनी को निर्देश दिए कि इस दिशा में अन्वेषण कार्य शुरू किया जाए ताकि जियोथर्मल क्षमता का उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि इससे राज्य सरकार पर वित्तीय बोझ भी नहीं पड़ेगा।
इस अवसर पर ऊर्जा निदेशालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। 

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