कमरूनाग झील में समाया है अपार खजाना “देव कमरूनाग” … स्थानीय लोगों के साथ-साथ जहां देश-विदेश के लोग भी होते हैं नतमस्तक परंपरा के कारण सिक्कों और अमूल्य धातुओं का भारी भंडार हिमाचल को देवभूमि...
सतलुज नदी किन्नौर क्षेत्र को दो भागों में बाँटती है। यहाँ का मौसम वर्षभर सुहावना रहता है। हिमाचल की इस पावन भूमि पर हिमाच्छादित पर्वत श्रेणियों से घिरा किन्नौर एक अत्यंत रमणीय क्षेत्र है।...
आइए जानें:- तिथि, नियम, विधि, भोजन और महत्व पितृ पक्ष की शुरुआत भाद्रपद पूर्णिमा तिथि से होती है और समापन आश्विन की अमावस्या पर होता है। इन 16 दिनों में पितरों का श्राद्ध कर उनका तर्पण किया जाता...
“गणेशोत्सव”……गणेश जी को संकट हरता क्यूँ कहा गया? गणेश चतुर्थी के दिन, भगवान गणेश को बुद्धि, समृद्धि और सौभाग्य के देवता के रूप में पूजा जाता है। यह मान्यता है कि भाद्रपद माह में शुक्ल...
भगवान गणेश गजमुख, गजानन के नाम से जाने जाते हैं, क्योंकि उनका मुख गज यानी हाथी का है। भगवान गणेश का यह स्वरूप विलक्षण और बड़ा ही मंगलकारी है। आपने भी श्रीगणेश के गजानन बनने से जुड़े पौराणिक...
हर साल सावन के शुक्ल पक्ष की पंचमी के दिन नागपंचमी का त्यौहार मनाया जाता है। इस दिन नाग देवता के 12 स्वरूपों की पूजा की जाती है। ऐसी मान्यता है कि नाग देवता की पूजा करने और रुद्राभिषेक करने से...
शिव की उपासना का सबसे उत्तम मास सावन का आरंभ कई शुभ संयोग सावन माह की शुरुआत और समापन दोनों ही इस बार सोमवार को होंगे। आचार्य महेंद्र कृष्ण शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस बार सावन का...






