हिमाचल: वाल्मीकि आवास योजना शुरू, घर बनाने के लिए 3 लाख

शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर शिमला के कृष्णा नगर स्थित भगवान वाल्मीकि मंदिर में माथा टेका और प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने मंदिर के लिए 25 लाख रुपये देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि हमारी संस्कृति, साहित्य और आध्यात्मिक चेतना के महान प्रतीक हैं। रामायण की रचना के माध्यम से उन्होंने मानवता को सत्य, न्याय, करुणा, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश दिया, जो आज भी समाज का मार्गदर्शन करता है। उन्होंने कहा कि विकास तभी सार्थक है, जब समाज के प्रत्येक वर्ग को समान अवसर मिलें और कोई भी व्यक्ति सामाजिक या आर्थिक अभाव के कारण पीछे न रहे। कांग्रेस पार्टी संविधान और उसके मूल्यों में विश्वास करती है तथा राज्य सरकार सामाजिक न्याय, समानता और प्रत्येक व्यक्ति की गरिमा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक परिवार को सम्मानजनक जीवन, बेहतर शिक्षा और आत्मनिर्भर बनने के अवसर प्रदान करना है। इसी सोच के अनुरूप प्रदेश सरकार ने महर्षि वाल्मीकि कामगार आवास योजना शुरू की है। इस योजना के तहत पात्र वाल्मीकि समुदाय के सफाईकर्मियों को पक्का मकान बनाने के लिए तीन लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। योजना का लाभ लेने के लिए पात्र परिवार की वार्षिक आय अढ़ाई लाख रुपये से कम होनी चाहिए तथा परिवार के पास अपना पक्का मकान नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी समुदायों को उचित मान-सम्मान और अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। कृष्णा नगर क्षेत्र में अनेक परिवार लंबे समय से रह रहे हैं। इन परिवारों और यहां स्थित मकानों की गणना की जाएगी तथा उनके कल्याण के लिए एक योजना बनाने पर विचार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वाल्मीकि समाज के सभी सदस्य उनके परिवार का हिस्सा हैं और उनके कल्याण एवं उत्थान के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। इससे पहले मुख्यमंत्री ने कृष्णा नगर में मेडिकल कैंप का शुभारंभ भी किया।
इस अवसर पर विधायक हरीश जनारथा, संजय अवस्थी, अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य दिग्विजय मल्होत्रा, महापौर सुरेंद्र चौहान, पार्षद, उपायुक्त अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

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