इंडिया गठबंधन की रैली के लिए अलका लांबा ने शिमला में लॉन्च किया ‘चलो दिल्ली’ पोस्टर
इंडिया गठबंधन की रैली के लिए अलका लांबा ने शिमला में लॉन्च किया ‘चलो दिल्ली’ पोस्टर
शिमला : अखिल भारतीय महिला कांग्रेस अध्यक्ष अलका लांबा ने कहा है कि कांग्रेस का वोट चोर गद्दी छोड़ अभियान तब तक जारी रहेगा जबतक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटा कर उन्हें जेल नही भेजा जाता। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार ने देश के 13 करोड़ से अधिक नागरिकों को उनके मताधिकार से बंचित कर लोकतंत्र व संविधान का अपमान किया है इसके लिए उन्हें कभी माफ नही किया जा सकता। आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में एक पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए अलका लांबा ने कहा कि एक नवंबर को चलो दिल्ली,वोट चोर गद्दी छोड़,लोकतंत्र बचाओ, देश बचाओ के नारे का एक पोस्टर जारी करते हुए कहा कि दिल्ली के रामलीला मैदान में 10 लाख से अधिक देश के नागरिक इंडिया गठबंधन की इस महारैली में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि वह आज हिमाचल प्रदेश के लोगों विशेष तौर पर महिलाओं को इस महारैली में आमंत्रित कर रही है। उन्होंने कहा कि आज यह लड़ाई किसी राजनैतिक दल की नही है,यह लड़ाई देश के लोकतंत्र व संविधान को बचाने की लड़ाई है। इस लड़ाई में विपक्षी दलों के सभी राजनैतिक दल शामिल है। अलका लांबा ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन के नेताओं ने देश की राष्ट्रपति से मिल कर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली व एसआईआर के नाम पर 13 करोड़ से अधिक देश के मतदाताओं को वोटर लिस्ट से बाहर करने के पुख्ता प्रमाणों के साथ अवगत करवाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार यह सवाल उठा रही है कि क्या देश मे हर वोट की रक्षा हो रही है।क्या चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष व पारदर्शी है। इन्ही सवालों को लेकर कांग्रेस जनता के बीच जा रही है। अलका लांबा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को एक तानाशाह करार देते हुए कहा कि उन्होंने पपत्र 6 पर मनमाने ढंग से परिवर्तन किया,जबकि उन्हें इसका कोई अधिकार नहीं था। चुनाव आयोग के दो चुनाव आयुक्तों ने इस संदर्भ में 10 दिनों में 14 आपत्ति पत्र केबीनेट सचिव को लिखे। इस तथ्य का खुलासा होने के बाद चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने स्वाभाविक है। अलका लांबा ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति में उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, प्रधानमंत्री व नेता प्रतिपक्ष की चयन समिति थी,पर दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस समिति से मुख्य न्यायधीश को हटा दिया गया,जिससे मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति में सरकार अपनी मनमर्जी कर सकें। अलका लांबा ने केंद्र की भाजपा सरकार से पूछा कि वह बताएं कि 13 करोड़ भारतीय मतदाता जिन्हें घुसपैठिया बता कर उन्हें वोटर लिस्ट से बाहर कर दिया वह कब भारत मे आये थे। उन्होंने कहा कि क्या वह 2014 के बाद देश मे आये और अगर इस दौरान वह भारत में आएं है तो केंद्र में उनकी भाजपा की सरकार है।इसकी जिम्मेदारी किस की थी। ऐसे में गृह मंत्री अमित शाह को अपने पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि 13 करोड़ उन मतदाताओं को वोटर लिस्ट से हटाया गया है जो भाजपा का समर्थन नही करते। इसमें दलित,गरीब व आदिवासी लोग है जो अपनी आवाज उठाने में सक्षम नही है। उन्होंने कहा कि एस आई आर के नाम पर वोट चोरी रोकने के लिए कांग्रेस का जन आन्दोल जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की तीन मुख्य मांगे है जिसमें पहली मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा उन्हें जेल भेजा जाए,उनके द्वारा लिये गए एकतरफा निर्णयों पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए, दूसरा एस आई आर रद्द हो व वोट चोरी रुकनी चाहिए तीसरी ईवीएम की जगह वेल्ट पेपर पर मतदान होने चाहिए। अलका लांबा ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने लोकतंत्र से जंतर मंतर को छीना है। रामलीला मैदान में रैली के लिये भारी भरकम फीस निर्धारित कर दी है। उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान में भाजपा महारैली में किसी भी प्रकार का व्यवधान पैदा करने की कोशिश न करें। गृह मंत्री अमित शाह दिल्ली पुलिस मुख्यालय में जाकर इस महारैली पर पुलिस दबाव बनाने की कोशिश कर रहें है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हताशा में है।एस्ट्रीम फ़ाइल में खुलासे के बाद ट्रंप के दबाव में वह कार्य कर रहें है।