स्वाइन फ्लू से बचाव को बरतें एहतियात; फ्लू जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें, तुरंत लें डॉक्टरी सलाह

ऊना: स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को स्वाइन फ्लू और मौसमी इन्फ्लुएंजा से बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है। संक्रमण की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य संस्थानों में निगरानी और आवश्यक तैयारियों को मजबूत किया गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव वर्मा ने लोगों से व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखने, संक्रमण से बचाव के उपाय अपनाने और फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेने की अपील की है। डॉ. वर्मा ने बताया कि स्वाइन फ्लू इन्फ्लुएंजा वायरस-ए के एच1एन1 स्ट्रेन से होने वाला संक्रमण है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने और थूकने से निकलने वाली बूंदों के माध्यम से यह संक्रमण दूसरे व्यक्ति तक पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि सावधानी और समय पर उपचार से संक्रमण को गंभीर होने से रोकने में मदद मिल सकती है।

तेज बुखार, खांसी और शरीर में दर्द हो तो रहें सतर्क: डॉ. वर्मा ने बताया कि स्वाइन फ्लू के लक्षण सामान्य वायरल बुखार जैसे हो सकते हैं। इनमें तेज बुखार, खांसी, बलगम, पूरे शरीर में दर्द, अत्यधिक थकान, ठंड लगना और कंपकंपी शामिल हैं। लगातार छींकें आना, तेज सिरदर्द, छाती में भारीपन और सांस लेने में कठिनाई भी इसके लक्षण हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर इसे सामान्य वायरल बुखार समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और शीघ्र चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए। उन्होंने बताया कि पांच वर्ष से कम आयु के बच्चे, गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग तथा मधुमेह, उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों से पीड़ित और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। ऐसे लोगों को फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

छोटी-छोटी सावधानियां संक्रमण से बचाव में मददगार: सीएमओ ने कहा कि खांसते और छींकते समय मुंह और नाक को साफ रूमाल या टिशू से ढकना चाहिए। इस्तेमाल किए गए रूमाल और कपड़ों को दोबारा प्रयोग करने से पहले अच्छी तरह धोकर धूप में सुखाएं। हाथों को साबुन और पानी से अच्छी तरह धोएं तथा बार-बार आंख, नाक और मुंह को छूने से बचें।

उन्होंने कहा कि फ्लू जैसे लक्षण होने पर स्कूल, कार्यालय और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर जाने से परहेज करें। संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए दूसरे व्यक्ति से कम से कम एक मीटर की दूरी बनाए रखें तथा लक्षण होने पर दूसरों को छूने और हाथ मिलाने से बचें। रोगी को पर्याप्त आराम करने और शरीर में पानी की कमी नहीं होने देने की भी सलाह दी गई है।

स्वास्थ्य संस्थानों में पुख्ता तैयारियां: प्रदेश में मौसमी इन्फ्लुएंजा की निगरानी को मजबूत करते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से सभी स्वास्थ्य संस्थानों को फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीजों और गंभीर श्वसन संक्रमण के मामलों की निगरानी एवं दैनिक रिपोर्टिंग के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों में आवश्यक दवाओं, जांच किट, वीटीएम, पीपीई किट और एन-95 मास्क सहित जरूरी सामग्री का पर्याप्त भंडार रखने तथा गंभीर मरीजों के लिए बेड और वेंटिलेटर की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने पर विशेष जोर दे रही है। मामलों की निगरानी, समय पर पहचान और उपचार के साथ अस्पतालों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना इसी दिशा में किए जा रहे प्रयासों का हिस्सा है।

जागरूकता से दूर होंगी भ्रांतियां: जिलाधीश ऊना जतिन लाल ने कहा कि जिले में स्वाइन फ्लू, स्क्रब टाइफस तथा अन्य जीवाणु और वायरस जनित रोगों से बचाव के लिए समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं। इन अभियानों का उद्देश्य लोगों को रोगों के लक्षणों और बचाव के उपायों की जानकारी देना तथा बीमारी से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना है। उन्होंने लोगों से स्वास्थ्य विभाग की ओर से सुझाई गई सावधानियों का पालन करने और लक्षण दिखाई देने पर समय पर स्वास्थ्य संस्थान से संपर्क करने की अपील की।

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