शिमला: दयानंद पब्लिक स्कूल में आपदा प्रबंधन पर विशेष प्रशिक्षण; सुरक्षा के मंत्र से सशक्त हुए विद्यार्थी

शिमला: प्राकृतिक आपदाएँ कभी चेतावनी देकर नहीं आती, लेकिन जागरूकता, प्रशिक्षण और सही समय पर लिया गया निर्णय जीवन की रक्षा अवश्य कर सकता है। इसी उद्देश्य को सार्थक करते हु एदयानंद पब्लिक स्कूल, द मॉल, शिमला में हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (HPSDMA) के विशेषज्ञ दल द्वारा आपदा प्रबंधन एवं आपातकालीन सुरक्षा पर एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में डॉ. कृष्ण चंद, Training and Capacity Building Specialist, HPSDMA के नेतृ त्वमै नरेश, धीरज, बल कृष्ण, रमेश एवं पंकज की टीम ने वि‌द्यार्थियों एवं विद्यालय समुदाय को आपदा की स्थिति में सजग, संयमित और सुरक्षित रहने के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया।

प्रशिक्षण का प्रमुख आकर्षण ‘Drop, Cover and Hold भूकंप सुरक्षा ड्रिल रहा। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को भूकंप के दौरान घबराने के बजाय तुरंतनीचे झुकने, सुरक्षित स्थान पर सिर एवं शरीर को ढकने तथा मजबूत सहारे को पकड़कर रखने की प्रक्रिया का अभ्यास करवाया। इस दौरान विद्यार्थियों ने स्वयं भाग लेकर सीखा कि संकट की घड़ी में कुछ सेकंड की सजगता कितनी महत्वपूर्ण हो सकती है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को Family Disaster Management Plan तैयार करने तथा Family Emergency Kit बनाने के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि परिवार के प्रत्येक सदस्य को आपात स्थिति में संपर्क सूत्र, सुरक्षित स्थान, आवश्यक दस्तावेजों तथा प्राथमिक जरूरत की वस्तुओं की जानकारी होना बेहद आवश्यक है।

इसके साथ ही टीम दद्वारा आपातकालीन प्रतिक्रिया उपकरणों एवं बचाव संबंधी साधनों का प्रदर्शन किया गया, जिससे विद्यार्थियों को वास्तविक परिस्थितियों में उनके उपयोग की जानकारी प्राप्त हुई। प्रशिक्षण का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा Basic Cardiopulmonary Resuscitation (CPR) रहा। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को हृदय गति रुकने जैसी आपात स्थिति में CPR की मूलभूतप्रक्रिया का प्रदर्शन करते हु एसमझाया कि समय पर दी गई प्राथमिक सहायता किसी व्यक्ति के जीवन को बचाने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।

इसी क्रम में First Aid Techniques के अंतर्गत चोट लगने, रक्तस्राव तथा अन्य आकस्मिक परिस्थितियों में दी जाने वाली प्राथमिक चिकित्सा के व्यावहारिक पहलुओं से भी अवगत कराया गया। विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि प्राथमिक उपचार का उद्देश्य केवल सहायता देना ही नहीं, बल्कि घायल व्यक्ति की स्थिति को और बिगड़ने से रोकना भी है।

कार्यक्रम के दौरान Safe Evacuation Procedures पर भी विशेष बल दिया गया। विद्यार्थियों को आपदा के समय निर्धारित निकासी मार्गों का उपयोग करने, अनुशासन बनाए रखने, धक्का-मुक्की से बचने और सुरक्षित स्थान तक व्यवस्थित ढंग से पहुँचने का अभ्यास कराया गया। 

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