शिक्षा के क्षेत्र में मॉडल राज्य बनकर उभर रहा हिमाचल प्रदेश – रोहित ठाकुर
शिक्षा के क्षेत्र में मॉडल राज्य बनकर उभर रहा हिमाचल प्रदेश – रोहित ठाकुर
शिमला: शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद भी वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश नई ऊँचाइयाँ हासिल कर रहा है और देश के अन्य राज्यों के लिए शिक्षा में मॉडल राज्य बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में पूर्ण देश में हिमाचल परफार्मिंग ग्रेडिंग इंडेक्स में अग्रणी राज्य है और शेष बचे मूल्याकों पर अतुलनीय कार्य कर शिक्षा के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश को देश का नंबर वन प्रदेश बनाया जाएगा। उन्होंने समस्त शिक्षकों से आह्वान किया कि जब शिक्षक अपने शिक्षा के ढंग में गुणवत्ता और नवीनता लाएंगे तभी विद्यार्थियों को निजी स्कूल में पड़ रहे बच्चों से किसी प्रकार का भेदभाव महसूस नहीं होगा और इससे जहां उनके हौंसले में इजाफा दर्ज होगा वहीं सरकारी और निजी विद्यालयों में सालों से पड़े गैप को समाप्त किया जा सकेगा।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि हर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में एक अखबार आरंभ किया जाएगा ताकि छात्र पढ़ाई के साथ देश दुनिया की खबरों से भी अवगत रह सके और अखबार पढ़ने से उनके पढ़ने की क्षमता में भी बढ़ोतरी दर्ज होगी। इसके अलावा उन्होंने शिक्षकों व छात्रों से हमारी समृद्ध संस्कृति के सरंक्षण व संवर्धन के लिए भी कार्य करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि सामाजिक अंकेक्षण को लेकर यह आखिरी प्रस्तुति थी जिसमें पंचायती राज संस्थाओं के जन प्रतिनिधि, स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्य, शिक्षकगण व अन्य हितधारक मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही एचपीयू के अन्तर विषय विभाग, उपनिदेशक उच्चतर व प्रारंभिक शिक्षा के साथ एक बैठक आयोजित की जाएगी जिसमें प्रस्तुति के दौरान जिन विषयों पर कमियां पाई गई उन्हें दूर करने की दिशा में वार्षिक कार्य योजना तैयार की जाएगी।
उन्होंने इस अवसर पर समग्र शिक्षा के निदेशक राजेश शर्मा को इस माह सेवानिवृत्त होने पर उनके द्वारा शिक्षा के उत्थान की दिशा में कार्य करने की सेवाओं की सराहना की और उनके उज्जवल भविष्य की ईश्वर से कामना की। शिक्षा मंत्री आज ठियोग क्षेत्र में समग्र शिक्षा के तहत जिला स्तरीय जनसुनवाई एवं सामाजिक अंकेशन की अध्यक्षता कर रहे थे।
विद्यार्थियों को नवीन उपकरण व गुणवत्तायुक शिक्षा पर दिया जाए बल – कुलदीप राठौर
विधायक ठियोग कुलदीप सिंह राठौर ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू व शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर का पूरे प्रदेश में लगभग 150 सी.बी.एस.ई आधारित विद्यालय जिसमें से 04 सी.बी.एस.ई ठियोग विधानसभा में खोले गए हैं के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे हमारे प्रदेश के विद्यार्थियों को प्रतियोगिता परीक्षाएं पूर्ण करने में संबल प्राप्त होगा और वह गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने शिक्षा मंत्री से वर्तमान में विभिन्न विद्यालयों में रिक्त पड़े शिक्षकों के पद शीघ्र भरने का आग्रह किया और विद्यार्थियों को आधुनिक उपकरणों से लैस गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने पर भी बल देने का आग्रह किया। इसके अतिरिक्त विद्यालयों तक पहुंचने के लिए छात्रों को सड़क व बस सुविधा उपलब्ध रखने का भी आग्रह किया गया।
इस दौरान निदेशक समग्र शिक्षा राजेश शर्मा ने भी शिक्षा का स्तर और अधिक बेहतर करने पर अपने विचार साझा किए।
प्रधानाचार्य डाइट विरेंद्र चौहान और उपनिदेशक गुणवत्ता, अनिल कुंद्रा ने सोशल ऑडिट और जनसुनवाई के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि जिला शिमला में कुल 444 स्कूलों का सोशल ऑडिट किया गया है जिसमें 300 राजकीय प्राथमिक विद्यालय, 51 राजकीय माध्यमिक विद्यालय, 28 राजकीय उच्च विद्यालय और 65 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं। मूल्यांकन में बुनियादी ढांचा, शिक्षक, छात्र, प्रशासन एवं वित्त, सुरक्षा एवं संरक्षा, व्यावसायिक शिक्षा तथा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय/नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय विद्यालय मुख्य मानदड के रूप में शामिल हैं। इस कार्य के लिए सोशल ऑडिट फेसिलिटेशन टीम का गठन किया गया था। प्रधानाचार्य के साथ साक्षात्कार, शिक्षकों, छात्रों, अभिभावकों तथा समुदाय के सदस्यों के लिए फोकस ग्रुप डिस्कशन शेड्यूल और रिपोर्टिंग प्रारूप का पालन इस प्रक्रिया में शामिल रहे।
हिमाचल प्रदेश विद्यालय के अंन्तर-विषय विभाग से डॉ अपर्णा नेगी और उनके सहयोगी रांटा ने सोशल ऑडिट के सभी पहलुओं पर बारीकी से जानकारी साझा की।