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अनुभवहीनता और गलत नीतियों के कारण सुक्खू सरकार ने हिमाचल को दो दशक पीछे धकेला – जयराम ठाकुर

शिमला: ​पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिमला में एक टीवी चैनल के कॉन्क्लेव में वर्तमान कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वे एक अनुभवहीन नेता हैं, जो मुख्यमंत्री बनने से पहले कभी सरकार का हिस्सा नहीं रहे। उनकी ‘मैं ही ठीक हूँ’ की सोच, हठधर्मिता और गलत नीतियों ने पहाड़ी प्रदेश को विकास के मामले में दो दशक पीछे धकेल दिया है, जिसके कारण आज उनका अपना मंत्रिमंडल ही उनके साथ नहीं खड़ा है और पार्टी के भीतर उनके नेतृत्व पर बड़े सवाल उठ रहे हैं। जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि सुखविंदर सिंह सुक्खू जब कांग्रेस के संगठन अध्यक्ष थे, तब भी वह एक गुट चलाते थे और आज सरकार में भी केवल अपनी ‘ठेकेदार मित्र मंडली’ से घिरे हुए हैं, जिससे मंत्रियों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। मुख्यमंत्री की इस कार्यशैली से उनकी विश्वसनीयता पूरी तरह खत्म हो चुकी है और हालात देखकर लगता है कि अगली बार वह कांग्रेस का मुख्यमंत्री चेहरा नहीं होंगे। 
उन्होंने भाजपा में गुटबाज़ी के दावों को मुख्यमंत्री की गलतफहमी बताते हुए स्पष्ट किया कि भाजपा पूरी तरह एकजुट है, जिसके नेता नरेंद्र मोदी हैं और 22 राज्यों में उनकी सरकारें हैं, जबकि आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों में भाजपा मात्र 0.9 प्रतिशत की पिछली कसर को पूरा करते हुए ऐतिहासिक अंतर से कांग्रेस को सत्ता से उखाड़ फेंकेगी। हिमाचल प्रदेश में हुए राजनीतिक घटनाक्रम पर उन्होंने साफ किया कि भाजपा की तरफ से कोई सुक्खू सरकार को गिराने का कोई प्रयास नहीं हुआ, बल्कि कांग्रेस के भीतर नेतृत्व के खिलाफ हुई बगावत के कारण कई नेता भाजपा में शामिल हुए। यहाँ तक कि अभी भी कई कांग्रेस विधायक उनके संपर्क में हैं, जिन्हें शीर्ष नेतृत्व से विमर्श के बाद ही पार्टी में शामिल किया जाएगा। 
वर्तमान सरकार पर चौतरफा हमला बोलते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश में विकास पूरी तरह ठप्प है, दो हजार से अधिक संस्थान बंद पड़े हैं और सुबह बंद किए गए कॉलेजों को शाम तक विधायकों के दबाव में दोबारा खोलने के आदेश जारी कर व्यवस्था का मज़ाक बनाया जा रहा है। सरकार को आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी बताते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पेखुवाला सोलर प्रोजेक्ट में करोड़ों का भ्रष्टाचार हुआ, जिसके दबाव में एक ईमानदार चीफ इंजीनियर को अपनी जान गंवानी पड़ी। 
आपदा प्रबंधन के मोर्चे पर सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि 2023 की त्रासदी का मलबा आज भी वहीं पड़ा है और प्रभावितों को केवल केंद्र सरकार से मिले मुआवजे का पैसा ही बांटा गया है, जबकि राज्य सरकार ने अपने घोषित 4,500 करोड़ रुपये के पैकेज से एक पैसा भी खर्च नहीं किया। आज स्थिति यह है कि सरकार पूरी तरह केंद्र की योजनाओं के सहारे चल रही है और राज्य के पास रेलवे लाइन बिछाने के लिए अपने हिस्से का बजट तक नहीं है, जिसके कारण कर्मचारी और पेंशनर्स अपनी सैलरी व पेंशन के लिए रोज़ धरने पर बैठे हैं। जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री के 2027 तक आत्मनिर्भर और 2032 तक हिमाचल को सबसे समृद्ध राज्य बनाने के दावों को हास्यास्पद करार दिया। 
उन्होंने आर्थिक कुप्रबंधन के आंकड़े पेश करते हुए कहा कि उनके पाँच वर्ष के कार्यकाल (2018-2022) में राज्य का ऋण 48,600 करोड़ से बढ़कर 69 करोड़ पहुंचा था, हमारा लोन पेआउट रेट 95 प्रतिशत था। लेकिन वर्तमान सुक्खू सरकार ने अपने साढ़े तीन वर्ष के कार्यकाल में ही रिकॉर्डतोड़ 45,000 करोड़ का कर्ज ले लिया है, जिससे कुल ऋण 1 लाख 15 हजार करोड़ पहुंच चुका है और 2027 के अंत तक यह 1 लाख 30 हजार करोड़ को पार कर जाएगा। उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा सरकार ने जल जीवन मिशन, हिमकेयर, सहारा, शगुन जैसी योजनाएं चलाईं और रिकॉर्ड 5,000 किलोमीटर सड़कें बनाईं, लेकिन वर्तमान मुख्यमंत्री जनता को यह बताएं कि विकास कार्य ठप्प होने के बावजूद इतना भारी-भरकम कर्ज लेकर आखिर यह पैसा जा कहाँ रहा है।

रामपुर नगर परिषद के नवनिर्वाचित पदाधिकारी और पार्षदों के प्रतिनिधि मंडल ने की नेता प्रतिपक्ष से भेंट 

नगर परिषद रामपुर के नवनिर्वाचित अध्यक्ष करण शर्मा, उपाध्यक्ष रोहित नेगी तथा भाजपा पार्षदों ने आज कौल नेगी के साथ शिमला में शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान चौपाल विधायक बलवीर वर्मा एवं शिमला जिला भाजपा अध्यक्ष केशव चौहान भी उपस्थित रहे। मुलाक़ात में रामपुर नगर परिषद के विकास, जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों तथा क्षेत्र के समग्र विकास पर चर्चा हुई। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सभी नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को उनके सफल कार्यकाल के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई दी।

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