HRTC ने अस्थायी रूप से ड्राइवरों की नियुक्ति के लिए बनाई नीति ; 24 जून को राज्य के सभी क्षेत्रीय प्रबंधक (RM) कार्यालयों में वॉक-इन इंटरव्यू

हिमाचल: प्रदेश  पथ परिवहन निगम (HRTC) के ड्राइवर एवं कंडक्टर यूनियनों द्वारा कुछ लंबित देयों (pending dues) को लेकर लगातार मुद्दे उठाए जा रहे हैं। HRTC प्रबंधन लगातार यूनियनों के साथ संवाद में रहा है और उनके मुद्दों को सुलझाने के लिए सकारात्मक प्रयास करता रहा है।
इसके बावजूद, यूनियनों ने अपनी मांगें पूरी न होने की स्थिति में 25.06.2026 से हड़ताल करने का आह्वान किया है।
इस संबंध में 23.06.2026 को अतिरिक्त मुख्य सचिव (परिवहन), हिमाचल प्रदेश सरकार की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान यूनियन प्रतिनिधियों ने एक ड्राइवर के ट्रांसफर का मुद्दा उठाया और उसके तुरंत निरस्त करने पर अड़े रहे। इस मुद्दे पर सहमति न बनने के कारण यूनियन प्रतिनिधि बैठक से उठकर चले गए और उन्होंने अपनी अन्य मांगों पर चर्चा नहीं की, जबकि उन्हें बार-बार चर्चा के लिए कहा गया।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने 23.06.2026 की अधिसूचना के माध्यम से HRTC सेवाओं को आवश्यक सेवा (Essential Service) घोषित कर दिया है, जो कि Essential Services Maintenance Act (ESMA) के अंतर्गत आता है। इस कानून के तहत हड़ताल करना या उसमें भाग लेना प्रतिबंधित है और उल्लंघन करने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
इसके अतिरिक्त,  हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने भी अपने दिनांक 13.06.2016 के आदेश में इस प्रकार की हड़तालों को अवैध घोषित किया है।
जनता को असुविधा से बचाने और बस सेवाओं को जारी रखने के लिए HRTC द्वारा सभी आवश्यक वैकल्पिक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। निगम ने अस्थायी रूप से ड्राइवरों की नियुक्ति के लिए एक नीति बनाई है। इसके तहत 24.06.2026 को दोपहर 12 बजे राज्य के सभी क्षेत्रीय प्रबंधक (RM) कार्यालयों में वॉक-इन इंटरव्यू आयोजित किए जाएंगे।
इच्छुक अभ्यर्थियों के पास वैध HTV/HMV लाइसेंस, भारी/परिवहन वाहन चलाने का कम से कम 3 वर्ष का अनुभव तथा न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता मैट्रिक होना आवश्यक है। इस प्रक्रिया के माध्यम से लगभग 656 ड्राइवरों को 31 डिपो/इकाइयों में अस्थायी रूप से नियुक्त किया जाएगा।
इसके अलावा, बस संचालन के लिए हिमाचल होम गार्ड्स के माध्यम से भी आवश्यक स्टाफ की व्यवस्था की जा रही है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस एवं प्रशासन को भी आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
HRTC प्रबंधन ने यूनियन प्रतिनिधियों से एक बार फिर अपील की है कि वे जनहित में प्रस्तावित हड़ताल को वापस लें। साथ ही उन्हें संबंधित कानूनों और न्यायालय के निर्णयों की जानकारी भी दी गई है।
स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं कि आम जनता को परिवहन सेवाओं में कोई बाधा न आए।

परिवहन निगम के पेंशनरों को तीन वर्षों में 239.45 करोड़ और कर्मचारियों को 74.39 करोड़ के वित्तीय लाभ प्रदान

परिवहन विभाग के प्रवक्ता ने आज यहां कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार कर्मचारियों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और उन्हें लाभान्वित करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम के पेंशनरों को एक जनवरी 2023 से 30 मार्च 2026 तक कुल 239.45 करोड़ रुपये के वित्तीय लाभ प्रदान किए गए हैं।
प्रवक्ता ने कहा कि 31 जुलाई, 2025 तक 350 पेंशनरों को लगभग 35 करोड़ रुपये, 805 पेंशनरों को डेथ व रिटायरमेंट ग्रेच्युटी और लीव एनकैशमेंट के 174.45 करोड़ रुपये, चिकित्सा बिलों के भुगतान के लिए 2.75 करोड़ रुपये, 75 वर्ष से अधिक आयु के 700 पेंशनरों को संशोधित पेंशन के भुगतान के लिए 24 करोड़ रुपये, 3800 पेंशनरों को पेंशन भत्ते के 2.50 करोड़ रुपये और 3500 पेंशनरों को संशोधित पेंशन के 50 और 30 प्रतिशत के पे-मैट्रिक्स के अनुसार 0.75 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है।
उन्होंने कहा कि इसी अवधि के दौरान कर्मचारियों को 74.39 करोड़ के वित्तीय लाभ प्रदान किए गए हैं। ओवरटाइम व रात्रि भत्ते के लिए 27.74 करोड़ रुपये, प्रदेश सरकार के कर्मचारियों के समान 45 प्रतिशत महंगाई भत्ता तथा देय एरियर के भुगतान के लिए 5.50 करोड़ रुपये, नियमित कर्मचारियों को चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों के भुगतान के लिए 1.77 करोड़ रुपये व वेतन व अन्य लाभों के एरियर के भुगतान के लिए 39.38 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है।
उन्होंने कहा कि इस अवधि के दौरान 2,198 कर्मचारी अनुबंध सेवाओं से नियमित किए गए हैं। वर्ष 2023 से 2025 के दौरान 691 नियुक्तियां की गईं जिनमें से 327 परिचालक कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से और अन्य पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ तथा 145 पीसमील से परिवर्तित किए गए हैं।
प्रवक्ता ने कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम का राज्य के विकास में उल्लेखनीय योगदान है। पूर्व कर्मचारी और वर्तमान में कार्यरत कर्मचारी निगम को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। राज्य सरकार ने एचआरटीसी में सुधारात्मक कदम उठाए हैं ताकि वेतन और पेंशन का भुगतान बिना देरी के सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए मानवीय दृष्टिकोण से निर्णय ले रही है।

 

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