हिमाचल : प्रदेश में मौमस ने बदली करवट..कई जगहों में बारिश
हिमाचल : प्रदेश में मौमस ने बदली करवट..कई जगहों में बारिश
अगले 3 घंटों के दौरान लगभग पूर्व की ओर बढ़ते हुए हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों को प्रभावित करने की बहुत संभावना
पंजाब से हरियाणा तक फैली तूफ़ानी हवाओं की एक पट्टी (स्क्वाल लाइन) के अगले 3 घंटों के दौरान लगभग पूर्व की ओर बढ़ते हुए हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों को प्रभावित करने की बहुत संभावना है।इसके कारण मुख्य रूप से मैदानी इलाकों और शिमला शहर सहित आस-पास की मध्यम ऊँचाई वाली पहाड़ियों के कई हिस्सों में गरज-चमक, बिजली कड़कने और तेज़ हवाओं (40-50 किमी/घंटा, जो 60 किमी/घंटा तक पहुँच सकती हैं) केसाथ व्यापक बारिश होने की बहुत संभावना है।अगले कुछ घंटों के दौरान सोलन, सिरमौर और शिमला ज़िलों के कुछ हिस्सों में तेज़ बारिश, मध्यम दर्जे की गरज-चमक, ज़ोरदार बिजली कड़कने और 60-80 किमी/घंटा तक की तेज़ हवाएँ चलने की भी संभावना है। यह स्क्वॉल लाइन (लगभग 220 किमी) तेज़ गति से आगे बढ़ने वाली, ज़बरदस्त तूफ़ानों की एक लगातार चलने वाली लाइन है। ये सिस्टम आम तौर पर तेज़ और कम समय के लिए असर डालते हैं, जिनमें अचानक मूसलाधार बारिश, सीधी चलने वाली तेज़ हवाओं से ढांचों को नुकसान, बार-बार बिजली कड़कना और कभी-कभी ओले पड़ना भी शामिल है।
हिमाचल: प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते कई भागों में मौसम ने करवट बदली है। कुल्लू, मण्डी जिले में गुरुवार दोपहर को बारिश हुई जबकि शिमला में भी रात के वक्त बारिश से मौसम बेहतर हो गया। गरज के साथ हुई तेज बारिश से लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली है। वहीं रोहतांग दर्रा सहित ऊंची चोटियों में बर्फ के फाहे गिरे हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 12 -13 जून को राज्य में कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई जा रही है। जबकि 11, 14, 15, 16 और 17 जून को राज्य में कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी। इस दौरान चोटियों पर हल्की बर्फबारी हो सकती है। चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला व सिरमौर जिले के कुछ भागों में आज व कल अंधड़-ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
19 जून से 25 जून के दूसरे सप्ताह के दौरान कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। मौसम विभाग ने विस्तारित अवधि पूर्वानुमान जारी किया है। इस अवधि में राज्य के अनेक हिस्सों में बारिश सामान्य से कम रहने का अनुमान है।