एम्स की आपात सेतु पहल को प्रदेश भर में लागू करने का करेंगे प्रयास : राजेश धर्माणी

तकनीकी शिक्षा मंत्री ने एम्स अस्पताल का किया दौरा, अधिकारियों के साथ की बैठक

बिलासपुर: नगर व ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि एम्स बिलासपुर की आपात सेतु पहल को प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य संस्थानों को जोड़ते हुए प्रदेश भर में लागू करने का प्रयास करेंगे ताकि आपातकालीन स्थिति में मरीजों को समयबद्ध बेहतर चिकित्सा सेवाएं सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि आपात सेतु पहल की शुरूआत जिला बिलासपुर के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य संस्थानों को जोड़कर करेंगे। राजेश धर्माणी आज एम्स बिलासपुर का दौरा करने के बाद अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि आपात सेतु पहल के माध्यम से आपातकालीन स्थिति में मरीजों का एक संस्थान से दूसरे संस्थान में रैफर किये जाने की स्थिति में संपूर्ण जानकारी संबंधित चिकित्सा संस्थान को पहले की उपलब्ध हो जाती है जिसके कारण मरीज को समयबद्ध बेहतर चिकित्सा उपचार की सुविधा सुनिश्चित की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि एम्स संस्थान को बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित बनाने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से पूरी मदद की जा रही है ताकि यह संस्थान देश का बेहतरीन चिकित्सा संस्थान बन सके। उन्होंने कहा कि संस्थान को लेकर कई समस्याएं हैं जिन्हे भी प्रदेश सरकार प्राथमिकता के आधार पर हल करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि संस्थान परिसर के बाहर रेन शैल्टर, पार्किंग, यहां पर कार्यरत स्टाफ को बेहतर परिवहन सेवाएं सुनिश्चित बनाने सहित अतिरिक्त स्टाफ क्वार्टर की समस्याओं को भी जल्द हल करने का प्रयास किया जाएगा।

राजेश धर्माणी ने कहा कि एम्स में 132 केवी का विद्युत उपकेंद्र स्थापित किया जा चुका है तथा ट्रांसमिशन लाइन के कार्य को भी जल्द पूरा करने का प्रयास किया जाएगा ताकि संस्थान को इसका जल्द लाभ मिल सके। इसके अतिरिक्त 7 करोड़ रूपये की लागत से कोलडैम से पेयजल आपूर्ति योजना भी बनाई जा रही है। जबकि एम्स अस्पताल से जुड़े नगर व ग्राम नियोजन से संबंधित समस्याओं को पहले ही हल किया जा चुका है।

उन्होंने कहा कि एम्स अस्पताल में स्थापित आधुनिक एवं विश्व स्तरीय चिकित्सा उपकरणों की तर्ज पर प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों एवं अस्पतालों में भी स्थापित करने की दिशा में प्रयास किया जाएगा ताकि प्रदेश के लोगों को भी बेहतर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।

राजेश धर्माणी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान में एम्स में कुल 750 बेड की क्षमता के मुकाबले 760 मरीजों को एडमिट की सुविधा प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि बिलासपुर जिला में एम्स जैसा संस्थान स्थापित होना गर्व की बात है तथा इसे बेहतर बनाने के लिए प्रदेश सरकार अपना पूरा सहयोग प्रदान करेगी।

इससे पहले संस्थान के कार्यकारी निदेशक ले. जर्नल दलजीत सिंह ने राजेश धर्माणी का एम्स संस्थान में आने के लिए स्वागत एवं अभिनंदन किया तथा संस्थान से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रदान की।

बैठक के बाद उन्होंने एम्स अस्पताल परिसर का भी दौरा किया तथा यहां पर उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की।

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