बिलासपुर: बामटा पंचायत मामले में निर्वाचन आयोग ने गुम हुए मतपत्रों को तत्काल प्रभाव से किया अमान्य घोषित

बिलासपुर:  जिला बिलासपुर की ग्राम पंचायत बामटा में पंचायत चुनाव प्रक्रिया के दौरान प्रधान पद से संबंधित 50 मतपत्र गुम होने का मामला सामने आने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने संबंधित मतपत्रों को तत्काल प्रभाव से निरस्त एवं अमान्य घोषित कर दिया है। आयोग ने संभावित दुरुपयोग की आशंका को देखते हुए यह कार्रवाई की है। यह आदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल कुमार खाची की ओर से जारी किया गया है।

इस बारे जानकारी देते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) एवं उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने बताया कि ग्राम पंचायत बामटा के वार्ड नंबर 01 जंगल सुंगल में प्रधान पद के लिए चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों के नाम मतपत्रों पर अंकित किए जाने की प्रक्रिया के दौरान मतपत्र क्रमांक 58001 से 58050 तक लापता पाए गए। इस संबंध में राज्य निर्वाचन आयोग को विस्तृत रिपोर्ट भेजी गई थी।

उपायुक्त ने बताया कि यह प्रक्रिया सहायक रिटर्निंग अधिकारी के रूप में कार्यरत डॉ. दिनेश कुमार, सहायक प्राध्यापक, राजकीय महाविद्यालय बिलासपुर की निगरानी में संपन्न की जा रही थी। मामले के सामने आने के बाद रिटर्निंग अधिकारी एवं खंड विकास अधिकारी, विकासखंड बिलासपुर सदर द्वारा प्राथमिकी दर्ज करवाई गई है तथा पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है।

राज्य निर्वाचन आयोग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि गुम हुए मतपत्रों के किसी भी संभावित दुरुपयोग को रोकने के उद्देश्य से भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243 के तथा हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 160 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इन मतपत्रों को अमान्य घोषित किया गया है।

आयोग ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि यदि उक्त मतपत्र राज्य में कहीं भी प्राप्त होते हैं अथवा किसी मतपेटी में पाए जाते हैं तो इसकी सूचना तत्काल राज्य निर्वाचन आयोग को दी जाए ताकि आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

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