मतदान केंद्र के समीप शस्त्र ले जाने पर रहेगी रोक, जिला निर्वाचन अधिकारी ने जारी किए आदेश
मण्डी: जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) एवं उपायुक्त अपूर्व देवगन ने पंचायतीराज संस्थाओं के मतदान के समापन के लिए निर्धारित समय से पहले के 48 घंटों की अवधि के दौरान सार्वजनिक सभाओं पर प्रतिबंध के आदेश जारी किए हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार जिला में तीन चरणों में 26 मई, 28 मई एवं 30 मई, 2026 को प्रातः सात बजे से दोपहर बाद तीन बजे तक मतदान होगा। उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) अपूर्व देवगन ने बताया कि पहले चरण की ग्राम पंचायतों में 24 मई को दोपहर बाद 3 बजे चुनाव प्रचार समाप्त हो जाएगा। दूसरे चरण की ग्राम पंचायतों में 26 मई को दोपहर बाद तीन बजे और तीसरे चरण की पंचायतों में 28 मई, 2026 को दोपहर बाद तीन बजे चुनाव प्रचार समाप्त हो जाएगा।
हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 158-बी के प्रावधान के तहत जारी इन आदेशों के अनुसार किसी भी मतदान क्षेत्र में मतदान के समापन के लिए निर्धारित समय से पहले के 48 घंटों की अवधि के दौरान, कोई भी व्यक्ति चुनाव के संबंध में किसी सार्वजनिक सभा या जुलूस का आयोजन या संचालन नहीं कर सकेगा और न ही इसमें भाग लेगा या शामिल होकर उसे संबोधित करेगा। इसके अलावा सिनेमा, टेलीविजन या अन्य समान उपकरणों के माध्यम से जनता के समक्ष कोई चुनावी सामग्री प्रदर्शित करने, या जनता को आकर्षित करने के उद्देश्य से किसी संगीत कार्यक्रम, नाट्य प्रदर्शन या अन्य मनोरंजन या आनंद के आयोजन या व्यवस्था के माध्यम से किसी चुनावी सामग्री का प्रचार करना भी प्रतिबंधित रहेगा। इस प्रावधान का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति को दो वर्ष तक के कारावास, या जुर्माना, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
एक अन्य आदेश के तहत मतदान केंद्र पर या उसके आसपास सशस्त्र होकर जाने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। आदेशों के अनुसार रिटर्निंग ऑफिसर, पीठासीन अधिकारी, कोई पुलिस अधिकारी और मतदान केंद्र पर शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए नियुक्त कोई अन्य व्यक्ति जो मतदान केंद्र पर ड्यूटी पर हैं, इनके अलावा कोई भी व्यक्ति मतदान के दिन, शस्त्र अधिनियम, 1959 (1959 का 54) में परिभाषित किसी भी प्रकार के शस्त्रों के साथ मतदान केंद्र के आसपास के क्षेत्र में नहीं जाएगा। यदि कोई व्यक्ति इसका उल्लंघन करता है, तो उसे दो वर्ष तक के कारावास, या जुर्माने, या दोनों से दंडित किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति इस धारा के अंतर्गत किसी अपराध का दोषी पाया जाता है, तो संबंधित अधिनियम में परिभाषित शस्त्र जो उसके कब्जे में पाए जाते हैं, उन्हें जब्त किया जा सकता है और ऐसे शस्त्रों के संबंध में जारी किया गया लाइसेंस भी निरस्त माना जाएगा