CM सुक्खू ने एचपीएमसी को सेब खरीद के लिए समुचित व्यवस्था करने के दिए निर्देश
CM सुक्खू ने एचपीएमसी को सेब खरीद के लिए समुचित व्यवस्था करने के दिए निर्देश
खरीद प्रक्रिया में पूर्ण डिजिटलीकरण पर दिया बल
शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने बुधवार सायं हिमाचल प्रदेश बागवानी उत्पाद विपणन एवं प्रसंस्करण निगम (एचपीएमसी) की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हुए निगम को आगामी सीजन के लिए मंडी मध्यस्थता योजना (एमआईएस) के तहत सेब खरीद की तैयारियों के लिए समुचित प्रबंध करने के निर्देश दिए।
बैठक में बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी, प्रधान सचिव देवेश कुमार, सचिव बागवानी सी. पॉलरासु, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, विशेष सचिव डी.सी. राणा, निदेशक डिजिटल टेक्नोलॉजी एंड गवर्नेंस डॉ. निपुण जिंदल और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सेब उत्पादकों, विशेषकर छोटे और सीमांत किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है और इसके लिए निगम को किसानों तक उनके उत्पादों का अधिकतम लाभ पहुंचाने की दिशा में कार्य करने के लिए कहा गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अगले सीजन में सेब की खरीद शुरू होने से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए तथा प्रदेश के बागवानों की सुविधा के लिए खरीद केंद्रों की अग्रिम सूचना जारी की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि एचपीएमसी ने वर्ष 2025 में एमआईएस के तहत रिकॉर्ड 98,540 मीट्रिक टन सेब की खरीद सुनिश्चित की थी। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष एचपीएमसी ने ही पूर्ण रूप से एमआईएस के तहत सेब खरीद सुनिश्चित की थी जबकि इससे पूर्व हिमफेड भी खरीद प्रक्रिया में शामिल रहता था। राज्य सरकार ने पिछले वर्ष से यह दायित्व केवल एचपीएमसी को सौंपा है और भविष्य में भी यही व्यवस्था जारी रहेगी। उन्होंने बागवानों की सुविधा के लिए एचपीएमसी की कार्यप्रणाली के डिजिटलीकरण पर भी बल देते हुए कहा कि अगले खरीद सीजन से पूरी खरीद प्रक्रिया और डेटा का डिजिटलीकरण किया जाएगा। इससे खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी और बागवान लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सेब उत्पादकों के हितों को सर्वोपरि रखकर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने यूनिवर्सल कार्टन प्रणाली लागू करने सहित अनेक बागवान हितैषी कदम उठाए हैं। सरकार के इन कदमों से बागवानों को उनकी मेहनत के बेहतर दाम मिल रहे है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने एमआईएस के तहत बागवानों के बकाया भुगतान को चुकाने के लिए अब तक की सबसे बड़ी राशि जारी की है।