शिमला : शिमला के कमला नेहरू अस्पताल से गायनी ओपीडी को इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज में पूरी तरह शिफ्ट करने के लिए अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति ने मोर्चा खोल दिया है। इस दौरान महिलाओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारे बाजी की। समिति ने सरकार ने चेतावनी दी कि अगर सरकार फैसले को वापस नहीं लेती है तो महिलाएं सड़कों पर आंदोलन करेगी। इसकी जिम्मेदारी पूरी तरह से सरकार की होगी।
अस्पताल परिसर के बाहर बड़ी संख्या में महिलाओं ने इकट्ठा होकर सरकार के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि वे 100 साल से ज्यादा पुरानी इस धरोहर को किसी भी कीमत पर बंद नहीं होने देंगे। समिति का कहना है कि KNH राज्य का एकमात्र ‘मदर एंड चाइल्ड’ अस्पताल है, जहां महिलाओं और नवजातों को एक ही जगह सभी सुविधाएं मिलती हैं। IGMC में पहले से ही मरीजों का भारी दबाव है, ऐसे में ओपीडी शिफ्ट करना मरीजों के लिए मुश्किलें बढ़ाएगा।
जनवादी महिला समिति (AIDWA) महासचिव फ़ालमा ने कहा कि KNH केवल एक अस्पताल नहीं, बल्कि स्वतंत्रता सेनानी कमला नेहरू की विरासत और महिला सशक्तिकरण का प्रतीक है। इसे खत्म करना इतिहास और पहचान दोनों के साथ अन्याय होगा। फ़ालमा चौहान ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस फैसले के पीछे अस्पताल की जमीन पर कब्जा कर निर्माण करने की मंशा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन जल्दबाजी में 16 तारीख तक ओपीडी शिफ्ट करने का आदेश देकर विरोध को दबाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस ऐतिहासिक नाम और पहचान को मिटाने पर तुली है। उन्होंने कहा कि ‘जब तक फैसला वापस नहीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।महिला समिति ने प्रदेश की जनता और महिलाओं से इस निर्णय के खिलाफ लामबंद होने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने अपना निर्णय वापस नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन किया जाएगा।
महिला समिति ने चेतावनी दी है कि जब तक सरकार अपना फैसला वापस नहीं लेती, आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही प्रदेश की महिलाओं और आम जनता से इस मुद्दे पर एकजुट होने की अपील भी की गई है।