निजी कोविड टीकाकरण केंद्र करेंगे राज्य में टीकाकरण अभियान आरम्भ

बेटियों को विदेश यात्रा के लिए HPV प्रमाण-पत्र अनिवार्य नहीं – राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, हिमाचल प्रदेश

शिमला: हाल ही में कुछ समाचार माध्यमों एवं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एचपीवी (HPV) वैक्सीन को लेकर भ्रामक एवं निराधार सूचनाएँ प्रसारित की जा रही हैं, जिनमें यह दावा किया गया है है कि बिना एचपीवी टीकाकरण के बेटियों की विदेश यात्रा संभव नहीं होगी तथा इसके लिए प्रमाणपत्र अनिवार्य कर दिया गया है।

इस संबंध में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, हिमाचल प्रदेश स्पष्ट करना चाहता है कि ऐसी कोई भी सरकारी गाइडलाइन अथवा निर्देश भारत सरकार या राज्य सरकार द्वारा जारी नहीं किए गए हैं। विदेश यात्रा के लिए एचपीवी टीकाकरण अथवा उसका कोई प्रमाणपत्र अनिवार्य नहीं है।

एचपीवी टीकाकरण एक पूर्णतः स्वैच्छिक (Voluntary) प्रक्रिया है, जिसे केवल अभिभावकों की सूचित सहमति (Informed Consent) प्राप्त होने के पश्चात ही पात्र किशोरियों को लगाया जाता है। यह सुनिश्चित किया जाता है कि टीकाकरण से पूर्व अभिभावकों को इसके लाभ एवं आवश्यक जानकारी स्पष्ट रूप से दी जाए और उनकी सहमति विधिवत दर्ज की जाए।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा यह टीका मुख्यतः 14-15 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं को गर्भाशय ग्रीवा (सर्विकल) कैंसर से बचाव हेतु निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। एचपीवी संक्रमण भविष्य में सर्विकल कैंसर का एक प्रमुख कारण है, जबकि वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार यह वैक्सीन इस गंभीर बीमारी के जोखिम को कम करने में अत्यंत प्रभावी पाई गई है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, हिमाचल प्रदेश सभी अभिभावकों एवं आमजन से आग्रह करता है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह या अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें तथा केवल स्वास्थ्य विभाग एवं अधिकृत स्रोतों से प्राप्त प्रामाणिक जानकारी पर ही भरोसा करें।

यदि किसी अभिभावक को एचपीवी टीकाकरण के संबंध में कोई शंका या जिज्ञासा हो, तो वे अपने नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान, चिकित्सा अधिकारी या आशा कार्यकर्ता से संपर्क कर सकते हैं।

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