कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रोफेसर चंद्र कुमार ने कांगड़ा में उपमंडल स्तरीय शिकायत निवारण समिति बैठक की अध्यक्षता की।
कांगड़ा: सभी विभागों के अधिकारी पंचायतों को क्लस्टर में बांटकर विकास कार्यों पर निरंतर निगरानी रखें और ब्यौरा बनाकर बैठक में प्रस्तुत करें। यह उद्गार कृषी एवं पशुपालन मंत्री प्रोफेसर चंद्र कुमार ने कांगड़ा में उपमंडल स्तरीय शिकायत निवारण समिति बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहे। इस दौरान उनके साथ उपाध्यक्ष एचआरटीसी अजय वर्मा, एपीएमसी अध्यक्ष नीशू मोंगरा, एसडीएम कांगड़ा इशांत जसवाल, डीएसपी अंकित शर्मा सहित समस्त विभागों के अधिकारी और गैर सरकारी सदस्य मौजूद रहे। बैठक में मंत्री द्वारा सभी विभागों के अधिकारियों द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों का समस्त ब्यौरा लिया गया। उन्होंने विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह सभी पंचायतों को क्लस्टर में बांटे और क्लस्टर की पंचायतों को विकास कार्य बांटकर विकास कार्य पर निगरानी रखें। उन्होंने कहा कृषि विभाग पंचायतों में कृषकों का ब्यौरा रखें कितने कृषक ऑर्गेनिक खेती कर रहे हैं कितने कृषक अन्य तरह की खेती कर रहे हैं। अधिकारी कृषकों की जमीन की जांच करें और उन्हें बताएं कैसे वह अपनी खेती की गुणवत्ता बढ़ा सकते हैं। उन्होंने कहा अधिकारी पशुओं की वैक्सीनेशन करें। बाहर से आने वाले पशुओं का ब्यौरा भी रखें। उन्होंने कहा लोगों को पशुपालन के जरिए अर्थिक स्थिति बेहतर करने बारे जागरुक करें। उन्होंने आईपीएच विभाग के अधिकारियों को पीने के पानी की 24 घंटे सप्लाई हो इसपर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुराने कुओं और कुहलों का जीर्णोद्वार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा अधिकारी लोगों के पास जाकर उनकी समस्याओं को दूर करें। उन्होंने कहा लगभग 10 प्रतिशत फसल पर बीमा हो रहा है जो कि लगभग 60 प्रतिशत होना चाहिए इसके लिए अधिकारियों को किसानों को जागरुक करना चाहिए। किसानों को हर तरह की फसल का बीमा भी कराना चाहिए ताकि किसी आपदा में उनके नुकसान की भरपाई हो सके। उन्होंने कहा मुर्गी पालन, मछली पालन, बकरी पालन सहित कई ऐसी योजनाएं हैं जिन पर बेहतर सब्सिडी दी जा रही है इन योजनाओं से युवा बेहतर रोजगार प्राप्त कर सकता है। उन्होंने कहा लोगों को कृषि को अपने जीवन में शामिल करना चाहिए कृषि छोड़कर हमारा आने वाला भविष्य उज्ज्वल नहीं हो सकता। लोगों का कृषि की महत्वता समझना बहुत आवश्यक है। उन्होंने लोगों से ऑर्गेनिक खेती अपनाने की बात कही। उन्होंने अधिकारियों को समस्त पैसे को खर्च करने के निर्देश दिए ताकि पैसा समय पर विकास पर खर्च हो और वापिस ना हो। उन्होंने डूगीयारी में मिल्क प्लांट के बारे में बात करते हुए कहा इस प्लांट को 250 करोड रुपए की लागत से बनाया जा रहा है और इसके निर्माण कार्य को जल्द पूरा किया जाएगा इसके उपरांत यहां के पशुपालकों को इसका बड़ा लाभ होगा यहां के पशुपालक अपना दूध उचित मूल्य पर यहां बेच सकेंगे।
इस से पूर्व समस्त विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विकास कार्यों का व्योरा रखा। गैर सरकारी सदस्यों ने भी अपनी समस्याओं को बैठक में रखा। अधिकारियों ने बताया बिजली विभाग के अंतर्गत कांगड़ा में लगभग 22.67 करोड़ रुपए के कार्य चल रहे हैं जिसमें लाइन बदलने ट्रांसफार्मर बदलने सहित अन्य कार्य हो रहे हैं। रूरल डेवलपमेंट के अंतर्गत 9 करोड रुपए के कार्य किए जा चुके हैं। पशुपालन विभाग कांगड़ा ने लगभग 66 हजार पशुओं का टीकाकरण किया है। लोक निर्माण विभाग ने बताया उनके द्वारा सड़क और ब्रिज के कार्य किए जा रहे हैं। आईपीएच विभाग लोगों की पानी की समस्या को दूर करने के लिए पंचायत की समस्याओं के अनुसार कार्य कर रहा है।